Modi के बंगाल पहुंचने से पहले Rahul Gandhi ने किया खेल |

नमस्कार मैं हूं आचल और आप देख रहे हैं
डीवी लाइव की स्पेशल रिपोर्ट इंडिया
गठबंधन मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है
इंडिया गठबंधन ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी
को पटखनी देने के लिए रणनीति तैयार कर ली
है अब ऐसे में दूसरी तरफ बीजेपी को तमाम

बड़े झटके लग रहे हैं लोकसभा चुनाव से
पहले सुप्रीम कोर्ट के कई ऐसे फैसले आए
हैं जिसने बीजेपी की नींद उड़ा दी है तो
दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन जो रणनीति बना
रहा है और जिस तरीके से सीट शेयरिंग का

फार्मूला सामने आ रहा है उससे बीजेपी
बैकफुट पर नजर आ रही है दरअसल उत्तर
प्रदेश में बा बनने के बाद अब खबर यह आ
रही है कि पश्चिम बंगाल में भी ममता
बनर्जी राहुल गांधी लालू यादव और अखिलेश

यादव के बीच में बातचीत हो गई है सीट
शेयरिंग का फार्मूला तय हो गया है और कभी
भी इसकी अधिकारिक घोषणा की जा सकती है अब
क्या कुछ है और किस तरीके की बातें जो है
वो उस पर सहमति बनी है कितनी सीटें किस
पार्टी को मिल रही है कौन-कौन सी सीट है

जिस पर कांग्रेस ने दावा ठोका है इसके साथ
ही पश्चिम बंगाल के साथ-साथ टीएमसी ने और
किन राज्यों में सीटों पर दावा ठोका है
कितनी सीट वो मांग कर रही है इस इस पर
विस्तार से आगे चर्चा करेंगे और इसके साथ
ही आपको यह भी बताएंगे कि एक बड़ी खबर जो

 

है वो उत्तर प्रदेश से आ रही है एक बड़ा
खुलासा जो है वो हुआ है उत्तर प्रदेश में
बीजेपी को तगड़ा झटका वहां पर भी लगता हुआ
नजर आ रहा है एनडीए गठबंधन एनडीए गठबंधन
से एक दल जो है वो कभी भी बाहर हो सकता है
अब क्या कुछ खबर है उसकी लास्ट में चर्चा

करेंगे लेकिन उससे पहले बात कर लेते हैं
पश्चिम बंगाल की पश्चिम बंगाल की अगर हम
बात करें तो ममता बनर्जी से फोन पर बातचीत
हुई है लालू की और इसके साथ अखिलेश की और
राहुल गांधी की चारों ने बातचीत की और

उसके बाद सीट शेयरिंग का फार्मूला तय हो
गया है यह बातचीत महाराष्ट्र में भी हुई
है महाराष्ट्र में क्या कुछ आया है वो आगे
आपको बताएंगे लेकिन जो बातचीत पश्चिम
बंगाल में ममता बनर्जी से हुई है उस पर
निकलकर सामने यह आया है कि पांच से सात

सीटें कांग्रेस को मिल रही हैं हालांकि
इससे पहले ममता बनर्जी ने यह कहा था कि हम
सिर्फ और सिर्फ दो ही सीट कांग्रेस को दे
सकते हैं और 42 सीटों में से कांग्रेस को
सिर्फ दो सीटें ममता बनर्जी दे रही थी

लेकिन अब जब बातचीत हुई और जिस तरीके से
कांग्रेस ने लगातार दबाव बनाया उसके बाद
अब पांच से सात सीटें कांग्रेस के खाते
में आ रही हैं इसके साथ ही तीन सीटें जो
हैं वो कांग्रेस के खाते में आ चुकी हैं
और सूत्रों के हवाले से ये खबर है कि तीन

सीटें और इसमें बहरामपुर और रायगंज
दार्जिलिंग तीन सीट जो है इस पर कांग्रेस
ने दावा ठोक दिया है और टीएमसी इस पर मान
भी गई है इसके बाद अभी भी दोनों पार्टियों
के बीच में जंगीपुर मुर्शिदाबाद और
पुरलिया पर ये तीन सीट जो है उस पर चर्चा

चल रही है तो पांच से सात सीटें कांग्रेस
के खाते में जा सकती है सीटों के जो नाम
है वह हमने आपको बता दिए इसके साथ-साथ
मेघालय में एक सीट की मांग टीएमसी ने की
है और इसके साथ-साथ असम में भी एक सीट

टीएमसी ने मांगी है तो असम में 14 लोकसभा
की सीटें हैं जिसमें से एक टीएमसी ने
मांगी है और एक सीट आम आदमी पार्टी को
कांग्रेस ने दी है तो इसके साथ-साथ मेघालय
में दो लोकसभा की सीट है तो एक पर
कांग्रेस लड़ेगी और दूसरी पर टीएमसी

लड़ेगी अगर कांग्रेस इस पर मान जाती है जो
कि टीएमसी की तरफ से मांग की गई है तो यह
फार्मूला तय हुआ है पश्चिम बंगाल असम और
मेघालय में टीएमसी के बीच में वहीं पर अब
महाराष्ट्र पर अगर आ जाए तो महाराष्ट्र

में भी 48 सीटों में से 39 सीट पर बात बन
गई है फोन गया था राहुल का और उन्होंने
शरद पवार और उद्धव ठाकरे से बातचीत की
जिसके बाद तय हो गया कि किसे कितनी सीटें
मिलेंगी और इसकी भी अधिकारी घोषणा कभी भी
की जा सकती है तो महाराष्ट्र में भी बात

बन गई है पश्चिम बंगाल में भी बात बन गई
है आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच में
भी गुजरात हरियाणा और इसके साथ ही दिल्ली
को लेकर बात बन चुकी है गोवा में भी बताया
जा रहा है कि एक सीट पर कांग्रेस और एक पर
आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ने जा रही है तो

तमाम राज्यों को लेकर जो यह दिखाने की
कोशिश की जा रही थी कि बात नहीं बन रही है
तो वहां पर अब सब जो सच है वह सामने आ गया
है कि इंडिया गठबंधन में किसी भी तरीके से
भेदभाव जो मतभेद की खबर आ रही थी वो मतभेद

नहीं है और सभी पार्टियों को उचित सम्मान
मिल रहा है सभी पार्टियां अपनी बात रख रही
हैं और उन्हें उचित सीट सीट भी मिल रही
हैं बिहार में किसी भी तरीके से कोई लड़ाई
जो है वह है ही नहीं तेजस्वी यादव फुल
सपोर्ट में है राहुल गांधी के और वहां पर

भी जो फार्मूला है वह अ तय हो चुका है कभी
भी उसकी भी अधिकारिक घोषणा की जा सकती है
उत्तर प्रदेश में इसकी घोषणा हो चुकी है
17 सीटें कांग्रेस के खाते में आई हैं और
इसके साथ-साथ 63 63 सीट जो है वो सपा के
पास पहुंची है लेकिन जिस खुलासे की हम बात
कर रहे थे और यह कह रहे थे कि एक बड़ी खबर

जो है वो उत्तर प्रदेश से आ रही है उत्तर
प्रदेश में यह आ रही है खबर कि आरएलडी
जयंत चौधरी कभी भी इंडिया ग बंधन का दामन
थाम सकते सकते हैं और एनडीए को छोड़ सकते
हैं बीजेपी में उनका बीजेपी के साथ उनका

मन जो है वोह नहीं लग रहा है एक तरीके से
बातचीत नहीं बन रही है और इस पर एक बड़ा
बयान जो है वो अखिलेश यादव का भी आया
अखिलेश यादव ने कहा है कि अभी भी मेरे पास
63 सीटें हैं और जो भी दल आते हैं उनका
स्वागत है मैं अपने कोटे से सीटें जो है
वो दे दूंगा तो इस तरीके से उत्तर प्रदेश

में भी गठबंधन की जो बात है वो पूरी तरीके
से तय हो चुकी है अधिकारी घोषणा भी हो गई
है और जो बाकी दल आ रहे हैं अब उनके लिए
भी सपा अपने अपने कोटे से सीटों को तैयार
रख रही है इसके साथ ही बताया ये भी जा रहा
है कि मायावती भी चुनाव के ऐलान होते-होते

इंडिया गठबंधन का दामन थाम सकती हैं और
इसी बीच खबर यह भी है कि राजा भैया जिनका
जनाधार प्रतापगढ़ के आसपास के क्षेत्र में
प्रतापगढ़ में है उनके साथ भी अखिलेश यादव
संपर्क में हैं और वो भी इंडिया गठबंधन
में शामिल हो सकते हैं इसको लेकर अखिलेश

यादव ने बयान भी दिया कि अगर राजा भैया
हमारे साथ आते हैं तो उनका स्वागत है तो
एक तरफ कांग्रेस जो है बाकी इधर पार्टियों
को अपने साथ ला रही है तो उधर अखिलेश यादव
भी उत्तर प्रदेश में बड़ा खेल कर रहे हैं

और बीजेपी को बड़ा झटका दे रहे हैं वही
ओपी राजभर से लेकर तमाम जो एनडीए एनडीए
गठबंधन में दल शामिल हैं वह नाराज बताए जा
रहे हैं बताया यह जा रहा है कि बीजेपी

उनकी मांगों को नहीं मान रही है जिसके
चलते अब वह एनडीए से बाहर हो सकते हैं तो
उत्तर प्रदेश में बीजेपी को चौतरफा झटका
लग रहा है और झटका इसलिए लग रहा है
क्योंकि जैसे ही राजा भैया से संपर्क

अखिलेश यादव ने साधा जैसे ही वह उनसे
मिलने पहुंचे उसके बाद भूपेंद्र चौधरी जो
कि दिग्गज नेता माने जाते हैं बीजेपी के
वो वो भी राजा भैया से मुलाकात करने के
लिए पहुंच जाते हैं तो जिन-जिन पार्टियों

से इंडिया गठबंधन मुलाकात कर रहा है और
उनको अपने गठबंधन में शामिल कराने के लिए
उनसे बातचीत कर रहा है बीजेपी उसके बाद या
तो उन पर दबाव बनाने के लिए कारवाही करती
है केंद्रीय एजेंसियों का दबाव बनाया जाता
है या खुद वो मिलने पहुंच जाते हैं बातचीत

करने पहुंच जाते हैं बिहार में आपने देखा
कि नीतीश कुमार को कैसे अपने पाले में
लाया गया केजरीवाल भी दावा कर रहे हैं कि
उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है उनको
कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है आतु श
सौरभ भारद्वाज तमाम जो उनके मंत्री हैं वो
यह दावा कर रहे हैं कि इंडिया गठबंधन से

बाहर निकलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है
जेल में डालने की भी धमकी दी जा रही है दो
से तीन दिन में केजरीवाल को कभी भी
गिरफ्तार किया जा सकता है यह भी उनके तरफ
से दावा किया जा रहा है और महाराष्ट्र में
जो कुछ भी हुआ वो तो आपने देखा ही दो

पार्टियों को तोड़ा गया बीजेपी ने दोनों
पार्टियों को तोड़कर उनके चुनाव चिन्ह भी
और पार्टी की कमान जो है वो हथिया ली उन
एक तरीके से जो संस्थापक हैं शरद पंवार
उनसे ही उनकी पार्टी छीन ली गई चुनाव
चिन्ह जो है वो न छीन लिया गया अजीत पवार

को उसका मालिक बना दिया गया दूसरी तरफ
एकनाथ शिंदे से जो है किस तरीके से उनको
अपने पाले में लाकर उद्धव ठाकरे से
शिवसेना छीनी गई और बाकी जो शिवसेना है वो
उद्धव ठाकरे के पास है लेकिन जो स्थिति
अभी महाराष्ट्र में बनी हुई है वो फेवर
इंडिया गठबंधन के फेवर में है उनके ही

पक्ष में है क्योंकि भले ही पार्टियों को
तोड़ दिया गया है लेकिन बीजेपी अपने
मंसूबे में कामयाब नहीं हुई है अभी भी
जमीनी हकीकत जो है वो कांग्रेस प्लस के
पक्ष में है और इसीलिए कांग्रेस के नेताओं
को भी तोड़ने की कोशिश में बीजेपी जुटी
हुई है कुछ नेताओं को बीजेपी ने तोड़ा भी
है तो यह स्थिति इंडिया गठबंधन की और

एनडीए की बन रही है और साथ ही एनडीए की
अगर हम बात करें तो उसमें से चाहे वो जैंत
चौधरी हो जो अब जाने की खबर आ रही है ओपी
राजभर भी वहां पर अच्छा महसूस नहीं कर रहे
हैं उनके विधायक तो साफ कह रहे हैं कि
राज्यसभा के चुनाव में भी हम समर्थन नहीं
करेंगे और नीतीश कुमार भी आप देख रहे हैं

कि किस तरीके से उनके विधायक भी बीमा
भारती और गोपाल मंडल आरजेडी की तारीफ कर
रहे हैं और इसके साथ ही मन बना चुके हैं
कि वो भी पल्टी मारेंगे तो दुष्यंत चौटाला
चौटाला की जो पार्टी है रियारा में जेजेपी
उसकी भी खबर ये आ रही है कि वो भी बीजेपी

के साथ चुनाव नहीं लड़ना चाहती है और एआईए
डीएमके ने तो साफ कर दिया था कि उसने
बीजेपी के लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए
अकाली दल पर भी बात बीजेपी के साथ अकाली
दल की भी बात नहीं बन पा रही है तो ये
स्थिति बनी हुई है इंडिया गठबंधन लगातार
जिस तरीके से हम ये बता रहे हैं कि वो

मजबूत हो रहा है सीट शेयरिंग को लेकर
फार्मूला तय हो गया है कभी भी राज्यों के
अ जो नेता हैं और दलों के प्रमुख हैं वो
इसकी घोष कर सकते हैं तो दूसरी तरफ एनडीए
जो है वह बिखर चुका है तो देखते रहिए डीबी

लाइव मैं आचल आपसे चाहूंगी
इजाजत

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