MyTake – Arun Sharma | राहुल का कोई विकल्प नहीं : शकुनि की तरह चाल खेल रहे हैं मोदी जी

मैं अरुण भाई आपसे दो चीजें एक तो मुझे जो
यह सब कर रहे हैं उसमें राहत इंदौरी साहब
का एक शेर है लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद
में यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी बहुत
पुराना है सबको पता है लेकिन मैं सिर्फ

याद दिला दे रहा हूं दर्शकों को और सभी का
खून है शामिल यहां की मिट्टी में किसी के
बाप का हिस्तान थोड़ी है मैं ये बात इसलिए
अशोक भाई आप से कर अरुण भाई आपसे कर रहा

हूं मेरे दो प्रश्न है पहला उत्तर प्रदेश
में 60 50 लाख बच्चों ने कांस्टेबल भर्ती
के एग्जाम को दिया 50 लाख के लगभग 62000
सीटें हैं लेकिन अब आप अगर ध्यान से देखिए
तो इसमें भी एक सेट पैटर्न है सरकार का
पैटर्न यह है कि अब होगा कि पेपर लीक हो
गया जो मुझे लग रहा अब ये पेपर लीक हुआ है
तो एक कमेटी बनेगी पेपर लीक को करने के
लिए

तो यह इलेक्शन तक तो 62000 भर्तियों को का
कुछ होगा नहीं हमने तो भाई कर ही दिया था
लेकिन अब पेपर लीख हो गया लोग बड़े बदमाश
है एकाद को अगर ज्यादा होगा तो उनको जेल

भी डाल दिया जाएगा लेकिन भर्ती इलेक्शन से
पहले नहीं होगी दूसरा अगर खुदा नखता मान
लीजिए यहां से कोई कमेटी नहीं बनी हो तो
पीआईएल वाला रूट तो है ही ऐसे तमाम
भर्तियां हुई है पेंडिंग है जहां पर सात

सात आठ आठ साल पहले एग्जाम हुआ था भर्ती
तक नहीं हुई मैं बात इसलिए कह रहा हूं कि
राहुल गांधी इस बात को उठा रहे हैं तो एक
तो यह आपसे प्रश्न है मूलभूत प्रश्न की

बात कर रहे हैं राहुल गांधी और उसको यह
पुलिस भर्ती और रोजगार भर्ती करके बेवकूफ
बना रहे हैं दूसरा एक हमारे दर्शक है और
मुझे मतलब मैं इसको कैसे करू हम और आप
कंसर्न है इसके लिए एक जय बचावत साहब है व

कह र आई एम अ प्योर गांधियन मैन ऑफ
70 70 प्लीज आई ऑलवेज आस्क गॉड टू कॉल मी
एस अली एस पॉसिबल जैसे थक के या दुखी होके
और यह सिर्फ उनकी बात नहीं है यह यह कोई
आइसोलेटेड वॉइस नहीं है जिस समाज में हम
और आप जी रहे हैं उसमें बहुत से लोग थक

रहे हैं हमारे आपके साथ के लोग थक रहे हैं
मैं दोनों चीजों पर आपसे एक एक टिप्पणी
चाहूंगा पहली चीज जो ये जो झुनझुना दिया
जाता है कि भर्ती होगी और फिर भर्ती छछ

सात सात साल नहीं होती है और दूसरा ये जो
जय बचावत साहब कह रहे हैं कि 70 साल का एक
व्यक्ति जो रिटायर्ड है जो कायदे से तो
हमारा

हमारे ट्रेजर होना चाहिए हमारी वो होना
चाहिए उसका यह है कि नहीं उठा लोई
मुझे
जी सर आपने दो बातें कही है मैं दोनों का
जवाब देता हूं उससे पहले आपने जो नरेशन

लिखा अपना अगर मोदी का विकल्प नहीं सर
इसको थोड़ा करेक्ट कर ले अगर राहुल का
विकल्प
नहीं इसको ऐसे कर
ले कारण तकलीफ राहुल जी को नहीं है तकलीफ
तो बीजेपी को है तकलीफ तो मोदी जी को है

तकलीफ तो समृति को है हथनी के मरने पे जो
हमारी सम्मानित महिला इतना विलाप करती हू
और हाउस के अंदर आप मैं ऐसा इतना लाउड तो
नहीं बोल सकता जैसे उन्होंने सोनिया जी को
नरेट किया कि माफी मांगो सर हर बात सिर्फ
माफी मांगने तक आने के बाद छूट जाती है

क्या अब मैं आपकी बात का जवाब देता हूं जो
आपने मेरे से
पूछी सर आपने कहा राहत इंदौरी साहब का
शेर सर शेर तो इस दुनिया में हमारे भारत

में तकरीबन तकरीबन सारे ही हैं अभी हमारे
पाठक सर ने भी कहा कि उनके कांधे पर दो दो
शेर है सर उनकी तो टोपी में भी शेर है
उनकी तो पगड़ी में भी शेर है और जब हमने

नौकरी की तो हमारे भी कैप में बैरेट कैप
में भी होती थी और पी कैप में भी शेर होता
था और मैं वही व्यक्ति हूं जो पा साल की

उम्र में मेरी मां मुझे गली में नहीं जाने
जाने कब देती थी जाने तब देती थी जब एक
सिख भाई उस गली से गुजरता था और मेरी सारी
माताएं बहने सिर ढक लेती थी और कोई एक

शब्द भी नहीं बोलता था मैंने तो वो सीन
देखा है क्योंकि मोदी जी का चरित्र अगर हम
बांच बैठे तो उन्होंने अपनी जिंदगी में
किसी को कुछ दिया
क्या जन्म लेने के बाद उस मां के ऋण से
उऋण नहीं हुए चौथे पर नहीं गए उनकी क्रिया
में नहीं गए क्या ऐसे व्यक्ति के बारे में

स्लोगन है यह मुझे उचित नहीं लगता दूसरी
बात वो क्यों देंगे सर नौकरी 10 वर्षों
हम उसके साथ विकल्प शब्द ढूंढ सकते हैं
क्या मुझे लगता है कि आपका जो यह जो
में तो ले ही रहे हैं और 10 वर्ष छोड़ो

2001 से लेकर मैं खुलम खुल्ला बोल रहा हूं
बहुत सारे व्यक्तियों की जान ली गई है
उसमें हमारे गुजरात के होम मिनिस्टर भी है

लोया साहब भी है और ना भूले जो 11 व्यक्ति
दोबारा से जेल के अंदर डाले गए उनके हार
डालकर स्वागत करने वाली पार्टी कौन सी थी
मैं तो पार्टी से आता हूं सर मैंने तो
बहुत भोगा इसको सन 76 में आठ महीने मैं भी
जेल में रहा हूं मैंने भी कांग्रेस की

बहुत आलोचना की है परंतु उसमें सुधार तब
हुआ जब मैंने कांग्रेस को भीतर से पढ़ना
शुरू किया और मेरे साथ जो मेरे रहनुमा
बैठे हुए हैं मेरे से आयु वृद्ध भी है और

ज्ञान वृद्ध भी है माथुर सर और मेरे से
ज्ञान वृद्ध बैठे हैं पाठक सर मैं इनको
नमन करते हुए कहता हूं कि मुझे तो यह आशा
ही नहीं थी कि मैं इस अपने विचारों को रख
भी पाऊंगा या नहीं यह सम्मान दिया किसने
है ये जिसने सम्मान दिया है क्या वह पूज्य

नहीं हो सकता आप पुलिस भर्ती की बात कर
रहे हैं मैं तो सर बात कर रहा हूं चार साल
मिलिट्री की भर्ती नहीं हुई और जब भर्ती
निकाली गई व झुनझुना निका ल गया क्या दिखा
दिया आपने आप पेंशन देना नहीं चाहते मैं

छोटी सी बात आपको याद कराता हूं पम के नाम
पर गवर्नमेंट सर्वेंट का डेढ़ साल का डीए
नहीं दिया गया और वो साफ मुकर गए जैसे एक
चोर स्नेचर लेकर भाग जाता है पैसे को मोदी

 

जी उस डीए को ऐसे लेकर भाग गए डीए देते
क्यों नहीं हो आप क्या दिक्कत क्या है
आपको परेशानी क्या है आप ढाई लाख का शाल
पहनेंगे अभी आपने कलगी का नया अवतार पैदा
कर दिया वहां पर कितने करोड़ लगेंगे किसी
को हिसाब नहीं है सर आप देखें तो सही उस
व्यक्ति का व्यक्तित्व उसका चाल चलन उसका
चेहरा उसकी बातें सब आपको उलट लगेगा आपने
दूसरा प्रश्न पूछा है 50 लाख भर्ती का और
आपने
एक जय जयव जीी साहब जो है इनका जी सर मेरी

उम्र भी 70 वर्ष की है छोटी उम्र नहीं है
मेरी मैंने बहुत भोगा है इस पार्टी को
आरएसएस का प्रशिक्षित स्वयंसेवक हूं मैं
और मुझे कहने में कोई रेज कोई शर्म नहीं

क्योंकि अगर मैंने अपनी गलती मानकर तौबा
कर ली और अपने में सुधार ले आया तो यह तो
तारीफ वाली बात है मैं बातों को तराजू पर
तोलक बात करता हूं मैं राहुल गांधी जी का
फैन नहीं हूं मैं कांग्रेस पार्टी का
फॉलोवर नहीं हूं मैं उनकी बातों का फैन

हूं उनके जो वो मुद्दे उठाते हैं उनका फैन
हूं आपने राहुल जी की जो फेस रीडिंग की है
क्या जब वह कह रहे थे कि 73 पर लोग सो गए
हैं वो झुंझलाहट नहीं थी व वेदना थी वेदना
से सहित वह इस बात को कह रहे थे और वह

चाहते थे कि हमारे नौजवान बच्चे नौजवान
साथी जागे प्रश्न करें कठोर प्रश्न करें
हमारे मोदी जी क्यों भागते हैं प्रेस
क्यों नहीं जवाब देते यह मन की बात सिर्फ
करना जानते हैं तो मन की बात सुनना नहीं
जानते क्यों नहीं सुनना चाहते क्योंकि
उनके अंदर एक ऐसा तानाशाह बसता है जो किसी
की बात को नहीं सुनता और वह करते क्या है
वह करते हैं शकुनी को पढ़ने का काम एक नई

नई चाल जो चौसर बिछाकर हम लोग करते थे
मैंने तो अपने बुजुर्गों को देखा है वो
चौसर खेलते हुए वो भी ईमानदारी से जीता
करते थे परंतु हमारे मोदी जी तो कभी
चंडीगढ़ का आप उदाहरण देख ले कितनी
बेशर्मी से उधेड़ दिया इनके लोगों को

सुप्रीम कोर्ट में सर वहां तो हम शक वाले
गुंजाइश नहीं रख सकते और वो तो एक्सेप्ट
कर रहे हैं हां मैंने किया है हमारे यहां
कहा जाता है जा बेईमानी तेरा ही आसरा बंदा
शर्म हीन होना चाहिए इज्जत तो आनी जानी

चीज है कभी आ जाएगी कभी चली जाएगी मोदी जी
को कोई फर्क नहीं पड़ता और यह मैं कठोर
वचन क्यों बोल रहा हूं वह इसलिए कि मोदी
जी को 2002 से पहले मैं
1992 से पढ़ रहा हूं उस समय से उनका मैं
व्यवहार बांच रहा हूं मैंने उनको आरएसएस

के हेड क्वार्टर झंडेवालान में भी अपनी
आंखों से देखा है मेरा वहां बहुत आना जाना
होता था बहुत लोग आज भी मेरे पिताजी के
मित्र हैं जो अभी जीवित हैं क्या व्यवहार
रहा
उस समय भी उनमें ऐसी कठोरता इतनी दुश्मनी
इतना द्वेष इतनी ईर्षा उनमें भरी हुई थी
उनसे आप आपसी व्यवहार में मृदुल होने की
अपेक्षा करते हैं तो मुझे लगता है आप गलती

पर है हम उनसे यह व्यवहार नहीं कर सकते
कितना दबाए मैं आज सुबरे भी एक उदाहरण दे
रहा था कि जब अर्जुन जी और धन भगवान कृष्ण
के पास गए युद्ध में सहायता मांगने के लिए
तो अर्जुन पैरों की तरफ खड़े थे और
दुर्योधन उनके कांधे के साथ खड़े थे तो

भगवान ने कहा जो पहले आया है वह पहले
मांगेगा जो बाद में आया है वह बाद में
मांगेगा और मांग क्या थी कि आप भगवन अपनी
चतुरंगी सेना मुझे दे दे ताकि मैं इस जीत
का वर्ण कर पाऊं परंतु अर्जुन ने तो उसका

विरोध नहीं किया उन्होंने तो कहा जैसा
भगवान आप कहे उन्होंने भगवान का साथ लिया
मतलब सत्य का साथ लिया बैठे हैं गांधीवादी
हमारे साथ में प्योर गांधीवादी है ये सत्य
का साथ देने वाले इन्होंने तो गवर्नर के
ऊपर मुकदमा कर दिया था वो तो प्रत्यक्ष

उदाहरण है उसमें सोचने वाली कोई बात ही
नहीं है तो मेरा मानना यह है कि भगवान
जानते हुए भी अपनी चतुरंगी सेना मरवा लेते
हैं कारण वह जानते हैं कि सत्य शाश्वत
होता है अंत में सत्य की जीत होगी मेरी
सेना की जीत नहीं होगी इसीलिए चतुरंगी
सेना उस महाभारत काल में मारी गई थी ज बाद
में उनके परिजन उनसे निवारण का उनसे मोक्ष

का वरदान लेने आए थे तो मेरा मानना यह है
कि कितनी भी सेना ले आए कितने हथकंडे कर
ले कितनी चालबाजी बेईमानी कुछ भी कर ले सर

हम दृ पतज्ञ है हमने वही से सीखा है
शाश्वत सत्य के पीछे चलना और सत्य सनातन
होता है कभी झुट नहीं जा सकता और हमारे
संविधान में तो सत्यमेव जयते लिखा है जो
गांधी जी ने भी कहा जिसको स्वीकारा है तो

मैं माफी के साथ अगर मैंने कोई कठोर शब्द
कहा हो तो आप उसको निकाल दें मुझे मुझे
सहमति है आपसे परंतु आप अपना ये नरेशन ठीक
कर ले
कि मोदी जी का विकल्प नहीं नहीं सर राहुल
जी का विकल्प नहीं क्योंकि वह एक कदम बैक
फुट पर नहीं जा रहे तीन कदम आगे जा रहे
हैं
जी

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