Nitish Kumar के फैसले से हिल गई BJP, ठुकराया प्रस्ताव, फिर कर दिया बड़ा खेला..Modi-Shah भी देखते रह

[संगीत]
नमस्कार मैं श्वेता और आप देख रहे हैं
न्यूज़ फंडेशन मुख्यमंत्री नितीश कुमार के
एक फैसले से बीजेपी हिल गई है सम्राट
चौधरी से लेकर विजय कुमार सिन्हा तक मुंह
ताकते रह गए हैं बिहार में नई सरकार बन गई

है एनडीए की सरकार बिहार में आ गई है और

नई सरकार अब अपना काम भी कर रही है लेकिन
क्या इस नई सरकार में सब कुछ ठीक है ऐसा
इसलिए क्योंकि नीतीश कुमार ने कुछ ऐसा
फैसला ले लिया है जिसके कारण बीजेपी को
बड़ा झटका लगा है राज्य में एक बार फिर से
डबल इंजन की एनडीए की सरकार बनी है लेकिन
गठबंधन के बीच अभी भी शह और मात का खेल

जारी है राजनीतिक जानकारों की माने तो
भाजपा अपरोक्ष रूप से राज्यसभा के चुनाव
में सातवें उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर
चुका है लेकिन नीतीश कुमार की ना के बाद
भाजपा ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं
भाजपा के भीतर खाने में क्या चल रहा है

आखिर नीतीश कुमार ने ऐसा क्यों किया बिहार
बीजेपी नेता आखिर इस मामले में चुप क्यों
है सूत्रों की माने तो भाजपा राज्यसभा
चुनाव में सातवें उम्मीदवार के पक्ष में
ही थी कहा जा रहा था कि बिहार क्रिकेट

कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष राकेश तिवारी
बतौर सातवें उम्मीदवार अपना किस्मत आजमाना
चाह रहे हैं वोटों का गणित यह था कि

राज्यसभा में एक उम्मीदवार के लिए 35
विधायकों की मत जरूरी है संजय झा को भेजने
के बाद जद के 10 विधायक शेष रह जाते हैं
भाजपा के पास भीम सिंह और धर्म शलाला

गुप्ता और को राज्यसभा भेजने के बाद आठ
विधायक शेष रह जाते हैं हम के चार विधायक
और एक निर्दलीय विधायक को जोड़कर 23

इंतजाम करना होता है इसके लिए कांग्रेस के
कुछ विधायक बीजेपी के संपर्क में थे बिहार
क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष राकेश
तिवारी का संपर्क भाजपा के शीर्ष नेतृत्व

से है कहा जाता है केस पर विशेष कृपा अमित
शाह की है क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के
अध्यक्ष बनने के पीछे अमित शाह की हाथ
उनका माना जाता है जाहिर है कि राकेश

तिवारी के चुनाव मैदान में उतरने के साथ
विधायकों के खरीद फरोक्स का बाजार जो है
वह गर्म हो जाता है सूत्रों की माने तो
नीतीश कुमार को भाजपा का यह कदम पसंद नहीं
आया भाजपा रणनीतिकार जब इस प्रस्ताव पर

नीतीश कुमार की सहमति चाहते थे उस पर
उन्होंने साफ इंकार कर दिया कहा कि इसे सर
कार की छवि धूमिल होगी हॉर्स ट्रेनिंग बढ़

जाएगा बगैर नीतीश कुमार की इस सहमति से यह
खेल संभव था नहीं ऐसा इसीलिए उनके पास जो
है वह 10 विधायक शेष है जहां एक तरफ नीतीश
कुमार ने राज्यसभा के सात कैंडिडेट को
नकार दिया जिन्हें भाजपा लाना चाहती थी

बिहार में डबल इंजन की सरकार तो है लेकिन
डबल इंजन की सरकार हर फैसले पे एक साथ नजर
नहीं आती है अंदर खाने से जो खबर निकल करर
सामने आ थी सूत्रों के हवाले से जो खबर

निकलकर सामने आ रही थी वह हमने आप तक
पहुंचाई है फिलहाल के लिए इस खबर में इतना
ही तमाम बड़ी खबरों के लिए देखते रहे
न्यूज़
फशन

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