oksabha Chunav 2024:- लोकसभा चुनाव का एलान 7 चरणों में चुनाव, PM Modiका प्रोग्राम हुआ तय

नमस्कार मैं कौशलेंद्र प्रियदर्शी आप देख
रहे हैं न्यूज़ फॉर नेशन लोकसभा चुनाव का
बिगुल बस बजने ही वाला है प्रधानमंत्री के
सारे कार्यक्रम फिक्स हो गए हैं चुनाव

आयोग जगह-जगह जाकर यानी विभिन्न राज्यों
में जाकर हालात का जायजा ले रहा है लोगों
से राजनीतिक दलों से बात कर रहा है कि
आखिर कितने चरण में चुनाव होने चाहिए
लेकिन अब बिल्कुल स्पष्ट हो चुका है कि
चुनावी बिगुल कब बज ने वाला है कितने
चरणों में चुनाव होने वाला है चूंकि

प्रधानमंत्री से लेकर चुनाव आयोग के
कार्यक्रम जो तय किए गए हैं उससे स्पष्ट
लगता है कि बस इस दिन मैं तारीख बता रहा
हूं कि इस दिन चुनाव की तारीखों का ऐलान
हो जाएगा यानी राष्ट्रपति के द्वारा

अधिसूचना जैसे ही जारी की जाएगी तो चुनाव
आयोग के द्वारा तमाम चुनाव करने के
निर्णयों पर क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा
तारीखों का का ऐलान शुरू हो जाएगा कितने
चरणों में चुनाव होगा यह सब कुछ हमारे साथ

हमारे वरिष्ठ सहयोगी प्रियदर्शन साथ में
हैं जो इन जो जो इन खबरों को बारीक नजरों
से देख रहे हैं चुनाव आयोग पर नजर रखते
हैं अभी-अभी जो खबर मिल रही है हम उसके

बाबत इनसे जानकारी हासिल करेंगे आप
दर्शकों को भी बताएंगे
प्रियदर्शन चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान इस
दिन कर सकता है राष्ट्रपति अधिसूचना जारी
कर सकते हैं प्रधानमंत्री का कार्यक्रम
फिक्स हो चुका है चुनाव आयोग के तमाम वरीय
अधिकारी कुछ दिन पहले बिहार आए थे उत्तर

प्रदेश गए थे तमाम राज्यों का दौरा कर रहे
हैं चुनाव कब तक और कब कितने चरणों में
होने का ऐलान है आप पूरी तरह बताइए जी हां
अगर हम लोकसभा चुनाव की ओर देखें तो
लोकसभा चुनाव को लेकर के जैसा आप भी बता
रहे थे निर्वाचन आयोग की ओर से इसकी पूरी

तैयारी देश भर में की जा रही है और इसके
लिए बाकायदा चाहे बिहार हो उत्तर प्रदेश
हो या फिर देश के अन शेष राज्य हो तमाम
जगहों पर चरणबद्ध तरीके से निर्वाचन आयोग
की टीम अलग-अलग राज्यों में जा रही है
वहां जाकर के वहां चुनाव को लेकर के क्या
तैयारियां हैं किस प्रकार की विधि

व्यवस्था हो सकती है चुनाव के समय क्या
चुनौतियां आ सकती हैं और उससे निपटने के
लिए क्या-क्या तैयारी है इसके अतिरिक्त जो
मतदाता सूची है उसका जो पुनरीक्षण का काम
हुआ था वह कहां तक पहुंचा जो अंतिम मतदाता
सूची के पूरे के पूरे जो जानकारी आती है
उसमें कितने स्त्री कितने पुरुष मतदाता
हैं कितने जो तीसरे दर्जे के मतदाता होते
हैं वो हैं इन तमाम चीजों की जानकारी ली

गई है और इसके अतिरिक्त अगर हम बात करें
हारिया समय की जी तो निर्वाचन आयोग की टीम
जो है वह 13 मार्च को अपने इस राज्यों के
दौरे को अंतिम चरण में जम्मूकश्मीर जा रही
है यानी कि देश के सबसे उत्तरी राज्य
जम्मूकश्मीर और लद्दाख के दौरे पे रहेंगी

निर्वाचन आयोग की टीम और निर्वाचन आयोग की
टीम 13 मार्च को जब जम्मूकश्मीर और लद्दाख
जो कि एक तरीके से देश के सबसे संवेदनशील
इलाकों में आता है जहां राष्ट्रीय से लेकर

के अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां और भौगोलिक से
ले लेकर के अलग-अलग किस्म की जो सियासी
चुनौतियां है सब कुछ वहां मौजूद है तो उस
कश्मीर में जाकर के वहां 13 तारीख को
जम्मू कश्मीर में जाकर के निर्वाचन आयोग
की टीम तमाम चीजों का जायजा लेगी और उसके
बाद निर्वाचन आयोग का जो पूरे देश के

अलग-अलग राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों का
दौरा है वह पूरा हो जाएगा और फिर 13 मार्च
को ही निर्वाचन आयोग की टीम वापस दिल्ली
लौट आएगी इसके साथ हम अगर पहले आए कि कब
से चुनाव की घोषणा होगी तो उसके पहले एक
और आपको हम जानकारी दे दें कि 13 मार्च को
ही प्रधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी

जम्मू कश्मीर जा रहे हैं ठीक है जम्मू
कश्मीर में पीएम मोदी का एक वहां बड़ा
कार्यक्रम है वहां कई विकास योजनाओं की व
शुरुआत करेंगे कई कार्यक्रमों के में वो

शामिल होंगे जिसमें कई योजनाओं की आधार
सला रख तारीखों के ऐलान होने के बाद तो
कुछ संभव नहीं है आचार आचार संहिता लग
जाएगा तो जो अभी तक हम प्रधानमंत्री के
कार्यक्रमों को देखें तो प्रधानमंत्री का

जो आधिकारिक कार्यक्रम का जो जोरा होता है
उसके अनुसार 13 मार्च को पीएम मोदी भी
जम्मू कश्मीर में है तो इससे यह स्पष्ट है
कि कम से कम 13 मार्च तक तो चुनाव की
घोषणा नहीं हो रही है चुनाव की घोषणा कब
होगी तो अब पीएम मोदी के घ के कार्यक्रम
और निर्वाचन आयोग की कार्यक्रम इस दोनों
को अगर हम मिला दें तो 14 या 15 मार्च ये
ध्यान में रखने की बात है कि 14 या 15

मार्च अपने दर्शकों को पुनः बता दें कि 14
या 15 मार्च को देश में आम संसदीय चुनाव
की घोषणा हो सकती है लोकसभा चुनाव के लिए
जो बिगुल है वह निर्वाचन आयोग की ओर से 14
या 15 मार्च को बजाया जाएगा और उसके बाद
जो चुनाव होंगे उसके लिए जो आचार संहिता

लगता है वह भी चुनाव की घोषणा के साथ ही
लग जाएगा और देश 18वीं जो लोकसभा के लिए
जो चुनाव होंगे उसके लिए तैयार हो जाएगा
इसके अतिरिक्त मैं एक और आपको बात बता दूं
कि जो चुनाव है तो चुनाव में जैसा आप बता
रहे थे कि चुनाव कितने चरणों में होगा तो

चुनाव के लिए भी इस बार सात चरण में कम से
कम चुनाव हो सकते पिछले दफा जैसे हुआ जैसे
पिछली दफा होता क्योंकि इसके पीछे अगर हम
निर्वाचन आयोग की तैयारियों को देखें कुछ
उनके जो पिछली दफे पटना आए थी जो उनकी टीम
आई थी या हाल फिलहाल इनकी टीम तमिलनाडु
में गई हुई थी महाराष्ट्र में गई हुई थी

तो वहां जो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान
निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने जो
अलग-अलग जानकारी दी थी उसके अनुसार जो
चुनाव में एक बड़ी चुनौती होती है वह होती
है सुरक्षा व्यवस्था को लेकर के तो जो

केंद्रीय बलों के जवान होते हैं तो
केंद्रीय अ सैनिक बलों के जवान को अलग-अलग
तरीके से चरणबद्ध तरीके से एक जगह से
दूसरी जगह पर लगाया जाता है देश में इस
समय एक बड़ी चुनौती यह भी है कि कई
परीक्षाएं चल रही हैं उन परीक्षाओं की

समाप्ति होनी है इसके अतिरिक्त इस समय जो
मौजूदा समय है उस समय खेतीबाड़ी से जुड़ी
जुड़ा हुआ भी समय है बड़े स्तर पर देश में
जो रब फसल है उसकी कटाई हो रही है तो इन
तमाम चीजों को और साथ ही साथ कुछ तीज
त्यौहार भी है तो इन चीजों को लेकर के कम
से कम सात चरण में चुनाव हो सकते हैं तो
14 या 15 मार्च को चुनाव की घोषणा होगी और

सात चरण में चुनाव हो सकते हैं मतलब ये
अच्छा चुनाव आयोग जो विभिन्न राज्यों में
घूम रही है उसका फीडबैक क्या है उसके
फीडबैक वो क्या कर रही है देखिए ये जो
चुनाव आयोग की टीम है जो चुनाव आयोग की

टीम घूमती है अगर हम उसके ऊपर आए तो चुनाव
आयोग की टीम तो इसलिए घूमती है कि देश में
जो 140 करोड़ के से ज्यादा आबादी है और यह
पहला मौका है कि जब दुनिया के किसी मुल्क
में 100 करीब-करीब
करोड़ की आबादी जो है 100 करोड़ के आसपास
जो आबादी है वह आबादी मतदान करेगी ये पहला
मौका होगा दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है

जहां एक बार में चीन भी नहीं है इस मामले
में चीन को लेकर के भी जो हाल फिलहाल एक
जानकारी आई थी कि चीन में भी ऐसा नहीं हुआ
था कि एक साथ 100 करोड़ लोग मतदाता सूची
में जारी हो तो दुनिया में यह पहला मौका
होगा कि 100 करोड़ मतदाता इस बार मतदान के

लिए एलिजिबल होंगे पात्र 100 करोड़ 100
करोड़ मतदाता पात्र होंगे बाकी जो शेष
आबादी हमारी वह 18 वर्ष से नीचे की है जिस

वजह से कि व मतदान के लिए पात्र नहीं
रहेंगे अभी तो टोटल जनसंख्या भी अगर देख
ले तो 140 करोड़ 140 करोड़ जी मानी जाती
है तो जो आप बता रहे थे कि तैयारियां
क्याक इनकी चल र चुनाव आयोग की तैयारी मूल

रूप से इसी पर निर्भर करती है कि चुनाव के
लिए सुरक्षा व्यवस्था क्या है चुनाव के
लिए और इसीलिए वजह है कि सात चरणों में
चुनाव करवाया जाता है बिल्कुल ताकि इसकी
सुलभता से हम आपको एक चीज बता दें
प्रियदर्शन कि पहला चुनाव जो हुआ था वो 24

अक्टूबर 1951 से शुरू हुआ था और वो भी
चुनाव 21 फरवरी 1952 तक चला था और 52 में
ही पहली लोकसभा गठित हुई गठित हुई तो यह
मतलब खूबसूरती है भारतीय लोकतंत्र की जहां
कभी भी मतलब

अगर एक आपातकाल की बात को छोड़ दें तो 5
साल में एक मौका आता है कि आप जिन्हें
चाहते हैं उन्हें कुर्सी पर बिठा दे भले
ही तरह-तरह की बातें आती है कि किसी ने
नरेट सेट कर दिया किसी ने कुछ कर दिया
लेकिन इसीलिए कहता है कि जनता के साथ
जनार्दन शब्द जोड़ा जाता है जनार्दन का

मतलब भगवान कृष्ण को संभवत जनार्दन कहा
जाता है मतलब जगत का जो सर्वे सर्वा है तो
नेता जो होते हैं अब इन्हें बाक पटता भी
कह सकते कि ये जनार्दन जनता जनार्दन जनता
ही मेरा मालिक है लेकिन जनता के साथ क्या
होता है लोकसभा चुनाव के बाद यह तो भगवान
जानता है

लेकिन आप जनता को फैसला करने की बारी अब आ
गई है मतलब जनता खुद फैसला ले सकती है और
प्रियदर्शन जो बता रहे हैं कि कैसे 100
करोड़ लोग यह मामूली बात नहीं है कर 100
करोड़ लोग कि जिनकी सूची जारी होगी और वो
वोटिंग के देने के मतलब वोट देने का उन्हे

अधिकार प्राप्त होगा और वह 100 करोड़ लोग
चुनाव करेंगे कि हमारा प्रधानमंत्री कौन
होगा कौन सी पार्टी सत्ता में जाएगी कौन
सी पार्टी विपक्ष में बैठेगी किसको कितना
प्रतिशत वोट आएगा तो स्पष्ट है कि चुनाव
आयोग अभी कई जगहों पे विभिन्न राज्यों में

घूम घूम कर फीडबैक ले रही है फीडबैक ले
रही है और फीडबैक का जो ये चरण है ये 13
मार्च को इनका समाप्त होना जो अभी तक जो
इनकी तैयारी है कि 13 मार्च को जम्मू
कश्मीर जा रहे हैं वहां जम्मू कश्मीर में

जाकर के अंतिम दौर में अंतिम राज्य के ौर
पर जम कश्मीर का चन किया गया है कि सबसे
अंतिम हम जम्मू कश्मीर जाकर के वहां
तैयारियों का जायजा लेंगे और उसके बाद वो
जो टीम आएगी वह पूरे देश में जो इनकी

तैयारियां हैं उसे लेकर के दिल्ली में आकर
के और दिल्ली में उसकी पूरी जानकारी
एकत्रित की जाएगी निर्वाचन आयोग के जो वड़
अधिकारी होते हैं उनके साथ और उसके बाद
संभवत 14 या 15 मार्च ये दोनों तिथियों
में से किसी एक तिथि को चुनाव की घोषणा हो

जाएगी और आपको एक और में बात बता दूं साथ
ही स दर्शकों को भी बता दूं कि चुनाव कब
होंगे तो जैसा मैंने आपको बताया कि चुनाव
करीब सात चरण में हो सकते हैं इसके
अतिरिक्त जो चुनाव पहला चरण है वह पहला

चरण अप्रैल के पहले सप्ताह या 10
अप्रैल ये समझ लीजिए पहला हम लोग संभावना
ये कर रहे हैं ये कोई ये कोई तय नहीं है
अभी तक जो चीजें सामने आई है उसके अनुसार
यही होगा यही हो कि अप्रैल के पहले सप्ताह

या 10 अप्रैल तक 10 अप्रैल के आसपास जो
पहले चरण का चुनाव है वह देश में हो जाएगा
देश के पहले चरण के जो चुनाव होंगे उसमें
एक चीज और भी यह ध्यान रखने की बात रखी जा
रही है निर्वाचन आयोग के अगर हम सूत्रों
की माने तो निर्वाचन आयोग ने जिन राज्यों

को मुख्य रूप से अपने केंद्र में रखा है
तो उसमें उत्तर प्रदेश और बिहार यह दो ऐसे
राज्य हैं जो देश में अपनी आबादी के
दृष्टिकोण से भी और अलग-अलग वजहों से भी
संवेदनशील माने जाते हैं तो उत्तर प्रदेश
और बिहार इन दोनों राज्यों में कम से कम

चार से पांच या छह चरण में भी यहां लोकसभा
के चुनाव होंग जबकि शेष राज्यों की अगर हम
बात करें तो उनमें जो कुछ पूर्वोत्तर के

राज्य हैं जहां गोलिक वजहों से वहां
अलग-अलग मतलब 80 और 40 120 120 लोकसभा
क्षेत्र तो इ दोनों मतलब नहीं 120 ही नहीं
इसके अति जो 42 लोकसभा की सीटें पश्चिम
बंगाल में आती है और जो 14 लोकसभा की नहीं
हम हम जो कह रहे हैं प्रियदर्शन कि ये

दोनों प्रदेश आपस में सटे हैं करीब-करीब
इनकी संस्कृति और बाकी चीज भी है तो इनके
इनके इस स्टेट में ही 120 लोकसभा का
क्षेत्र है हम ये कह और देश में तो यहां

तक कहा जाता है कि दिल्ली की कुर्सी जो
यूपी बिहार के रास्ते ही तय होती जी तो
दिल्ली की कुर्सी बिहार यूपी के रास्ते त
होगी और इस यूपी बिहार में जैसा अभी तक
माना जा रहा है कि कम से कम पांच चरण के
आसपास में चुनाव होंगे और यही परिपाटी
करीब-करीब पश्चिम बंगाल को लेकर भी माना
जा रहा है कि पश्चिम बंगाल जहां की लोकसभा

की 42 सीटें हैं और जो अपने आप में एक
बड़ा नक्सल प्रभावित इलाका रहा है झारखंड
यहां भी लोकसभा की 14 सीटें हैं तो यहां
भी तीन से अधिक चरणों में चुनाव कराया जा
सकता है शेष जो राज्य हैं उनमें जो
पूर्वोत्तर के राज्य हैं पूर्वोत्तर के
राज्यों में कश्मीर में इसके अतिरिक्त कुछ

जो छत्तीसगढ़ जैसे राज्य हैं जहां की
अलग-अलग वजहों से जो सुरक्षा की चुनौतियां
रहती हैं भौगोलिक चुनौतियां रहती हैं उन
वजहों से वहां भी दो से अधिक चरणों में

लोकसभा के चुनाव हो सकते हैं शेष जैसे
बड़ा राष्ट्रीय एक हमारे देश में
महाराष्ट्र है तो महाराष्ट्र में लोकसभा

के चुनाव दो चरण में हो सकते हैं इसके
अतिरिक्त अगर हम बात करें तो 39 लोकसभा
क्षेत्रों वाले अगर हम तमिलनाडु की बात
करें तो तमिलनाडु हो या फिर 28 लोकसभा
वाला कर्नाटक हो या फिर जो दक्षिण भारत के

अन्य राज्य हैं माना जा रहा है कि दक्षिण
भारत के तमाम राज्यों में चुनाव होंगे वो
करीब करब एक चरण में ही हो जाएंगे यानी कि
एक चरण में अगर मान लीजिए तमिलनाडु में हो
गया तो अगले चरण में पूरा का पूरा कर्नाटक

हो गया उसके बाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश
हो गया तो इस तरीके से उन राज्यों में
चुनाव एक चरण में होंगे लेकिन जो बिहार और
उत्तर प्रदेश जैसे राज्य हैं पश्चिम बंगाल
में जहां चुनौतियां है जहां लगल वज से

आजकल जो सुरक्षा को लेकर के चिंताएं
व्यक्त की जा रही है इन राज्यों में चुनाव
एक से अधिक चरणों में अच्छा इसका क्या
मतलब कि मोदी का कार्यक्रम तय हो गया तो
मोदी तो कार्यक्रम कर ही रहे हैं जो लोग
कह रहे हैं कि 13 तक तय हो गया इसका क्या

ये मतलब मतलब निकाला जाए कि 13 के बाद ही
13 तक उन्होंने अपना प्रोग्राम कार्यक्रम
फिक्स कर लिया है जी क्योंकि अभी तक अगर
हम देखें कि प्रधानमंत्री जैसे जो लोकसभा
के चुनाव होते हैं तो लोकसभा चुनाव के लिए
करीब-करीब माना जाता है कि पांच सप्ताह का

समय निर्वाचन आयोग एक जो आचार संहिता की
घोषणा होती है वो चार से पांच सप्ताह के
लिए मिनिमम लेकर के ये लोग चलते हैं तो
चूंकि चुनाव जो होना है है वह हर हाल में
मई तक समाप्त हो जाना है पूरी की पूरी
चुनाव जो नई सरकार बनने की प्रक्रिया है
वह हो जाएगी तो इसके लिए अगर जो हम छह सात
चरणों में चुनाव होता है तो सात चरणों में
चुनाव के लिए करीब-करीब हर एक सप्ताह
एक-एक चरण का चुनाव होगा तो उस स्थिति में
करीब पाच सप्ताह का समय भी चुनाव कराने के
लिए चाहिए तो आखिर चुनाव के लिए उसके
पूर्व समय तो चाहिए ना तो प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी 13 मार्च तक ही अभी तक उनका
जो सार्वजनिक कार्यक्रमों का व्यव आया है
कि पीएम मोदी के सार्वजनिक कार्यक्रम जहां
की पहले से घोषणा हो चुकी है वह केवल 13
मार्च तक के लिए है 14 मार्च से वो क्या
कर रहे हैं 14 मार्च से किस सरकारी
कार्यक्रम में जा रहे हैं विदेश दौरे प जा
रहे हैं या फिर जो केंद्रीय मंत्रिमंडल के
कोई कार्यक्रम होते हैं ऐसी कोई अभी तक
सूचना जारी नहीं की गई है कि पीएम मोदी का
14 मार्च से क्या कार्यक्रम है तो संभव है
कि जब 13 मई मार्च तक प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का ही कार्यक्रम है और वहां
से अगर हम देखें तो दो महीने मई में बचते
हैं 13 मई 15 मई के बीच में तो दो महीने
के चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग के
पास काफी समय है तो यह तय है कि जब 13 मई
मार्च तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू
कश्मीर या देश के अन्य राज्यों के दौरे पर
रह रहे हैं तो उसके बाद का कोई उनका बौरा
ही नहीं आ रहा है कि पीएम मोदी 13 मार्च
के बाद कहां जा रहे हैं तो यह एक संकेत तो
मिल ही रहा है कि 13 मार्च तक जब पीएम
रहेंगे दौरे पे तो उनके दौरे की वजह से जो
चुनाव है उसकी घोषणा नहीं होगी क्योंकि
करीब-करीब प्रधानमंत्री के दौरे को देखते
हुए उनके कार्यक्रमों को देखने से और
निर्वाचन आयोग
तो ये दोनों में समानता दिख रही है कि
निर्वाचन आयोग का अंतिम समय जम्मू कश्मीर
तय किया गया था तो अभी तक यह तय कर लिया
गया कि निर्वाचन आयोग भी जम्मू कश्मीर में
13 मार्च को रहेगा तो प्रधानमंत्री भी उसी
दिन सहयोग से जम्मू कश्मीर का अपना आखिरी
दौरा करे उस दिन तक का उनका दौरा तय है तो
शायद प्रधानमंत्री के दौरों की जो रूपरेखा
तय की गई है वह निर्वाचन आयोग के पूर्व
निर्धारित कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर
ही की गई है कि 13 मार्च तक निर्वाचन आयोग
की टीम रहेगी तो पीएम मोदी भी उस दिन तक
तो कम से कम अपने कार्यक्रम कर सकते हैं
क्योंकि अगर प्रधानमंत्री का मान लीजिए
कोई कार्यक्रम तय हो गया कि 14 मार्च को
है और अचानक से निर्वाचन आयोग ने उस दिन
चुनाव की घोषणा करी तो आचार संहिता लग
सकते है तो इस स्थिति में एक तरीके से कहा
जाए तो एक बेहतर संदेश नहीं जाता है कि
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पूर्व से
निर्धारित था और उन्हें अपना कार्यक्रम
बीच में स्थगित करना पड़ा तो शायद इसी वजह
से निर्वाचन आयोग की तिथियों को ध्यान में
रख कर ही पीएम मोदी के अभी तक के
कार्यक्रम तय किए गए हैं और अगर मान लीजिए
14 मार्च को चुनाव की घोषणा हो जाती है उस
बीच में अगर मान लीजिए 15 को घोषणा होती
है तो संभव है कि अचानक से 14 मार्च के
लिए भी कोई उनका निर्धारित कार्यक्रम तय
कर दिया जाए तो पीएम मोदी के कार्यक्रम का
मूल यही है ये मतलब अब प्रियदर्शन ने
बताया कि चूंकि समझाया इन्होंने कि मोदी
का प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम 13
मार्च तक है यह सब कुछ चीजें तय कर ली गई
हैं और जिस तरीके से दौरा हो रहा है लोग
चुनाव आयोग का वो भी उस दिन तक खत्म होने
वाला है तो राष्ट्रपति अधिसूचना जैसे ही
जारी करेंगे चुनाव आयोग एक्टिव हो जाएगा
और चुनाव का निर्णय हो जाएगा यानी बता दें
कि 14 से 15 मार्च तक चुनावी घोषणा संभव
है और अप्रैल के पहले विक में प्रथम चरण
का चुनाव संभव है और सात चरणों में चुनाव
होने की संभावना थी संभावना है तो कुल
मिलाकर चुनाव लोकसभा चुनाव पर यह था मतलब
हम लोग हम लोगों ने दर्शकों को बताने की
कोशिश की है आप देखते रहिए न्यूज फ नेशन
धन्यवाद

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