Pakistan New PM: बिलावल-शहबाज की डील की Inside Story | DNA | Election Result 2024 | Bilawal Bhutto

अब वक्त अगले विश्लेषण का है आज जरदारी
खुश बहुत होंगे और सोच रहे होंगे कि
बिलावल जैसा बेटा खुदा सबको दे क्योंकि
मां के दूध का कर्ज चुकाना तो नामुमकिन है
लेकिन आज बिलावल ने अपने पिता का कर्ज

चुका दिया और राष्ट्रपति पद के लिए उनका
नाम फाइनल करवा दिया यह सबको पता था कि
बिलावल भुट्टो किंग मेकर बनेंगे लेकिन वह
अपने पिता को किंग बना देंगे यह शायद उनके
पिता आसिफ अली जरदारी ने भी नहीं सोचा
होगा पाकिस्तान में नई सरकार के गठन का
रास्ता साफ हो गया है क्योंकि बिलावल

भुट्टो ने प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश
छोड़ दी और अपने पिता को प्रेसिडेंट पद
देने की शर्त पर पीएमएलएन के साथ हाथ मिला
लिया अब इसके बाद पाकिस्तान में नई सरकार
की तस्वीर साफ हो गई सबसे पहले आपको बताते
हैं कि नवाज और बिलावल ने मिलीजुली सरकार
बनाने के लिए कौन सा फार्मूला अपनाया है

और किस-किस पार्टी को साथ लेकर सरकार बनाई
पाकिस्तान में हुए चुनाव में पीएमएलएन के
75 उम्मीदवार जीते हैं और बिलावल भुट्टो
की पार्टी पीपीपी के 54 उम्मीदवार यानी

पीएमएलएन के 75 पीपीपी के 54 इसके अलावा
एम क्यूएम के 17 और जेयू आई के चार
उम्मीदवार मिलकर आंकड़ा 150 पहुंच रहा है
जबकि बहुमत के लिए चाहिए 134 का आंकड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिलावल भुट्टो

के चेहरे पर गजब का उत्साह दिखा सरकार
बनाने को लेकर बड़ी-बड़ी बात कही खुद तो
प्रधानमंत्री नहीं बन पाए लेकिन अपने पिता
आसिफ अली जरदारी को दूसरी बार पाकिस्तान
का राष्ट्रपति पद दिलवाने में जरूर कामयाब

हो गए हैं इसकी खुशी आसिफ अली जरदारी के
चेहरे पर भी दिखी है प्रेस कॉन्फ्रेंस के
समय जरदारी ने बिलावल को प्रिंस चार्मिंग
कहकर पुकारा शहबाज शरीफ को भाई कहा

पाकिस्तान की जनता कंफ्यूज थी कि सरकार
किसकी बनेगी और कब बनेगी सरकार बनाने के
लिए सबसे पहले नवाज शरीफ एक्ट हुए थे
जिसमें उन्होंने बिलावल को साथ आने का ऑफर
दिया था इसके बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग
नवाज और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के बीच
कई दौर की मीटिंग्स हुई कई प्रस्ताव रखे

गए लेकिन बात फाइनल नहीं हो पाई दोनों
पार्टियों के बीच पहला प्रस्ताव पीपीपी
अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने रखा था इसमें
बिलावल ने अपने लिए प्रधानमंत्री पद मांगा
जिसे पीएमएल एन ने मानने से इंकार कर दिया
इसके बाद दूसरा ऑफर नवाज शरीफ की तरफ से

आया नवाज शरीफ ने कहा कि पहले तीन साल के
लिए शहबाज पीएम बनेंगे बाद के दो साल के
लिए बिलावल पीएम बने इस पर बिलावल भुट्टो
ने नो कह दिया इसके बाद तीसरा प्रस्ताव
आया बिलावल ने नवाज के सामने बात रखी कि
पीएम पीएमएलएन का ही बने और राष्ट्रपति
उनके पिता आसिफ अली जरदारी को बनाया जाए
इस प्रस्ताव पर दोनों पार्टियां अब सहमत

हो गई पाकिस्तान में शहबाज सरकार बनने जा
रही है लेकिन पीएमएलएन और और पीपीपी की
सरकार में किसके पास कौन सा मंत्रालय होगा
सरकार में कौन कितना ताकतवर होगा इस पर
इस्लामाबाद से जी मीडिया संवाददाता अनस

मलिक ने एक रिपोर्ट भेजी जिसे आप जरूर
देखिए देखिए दो हफ्ते बाद पाकिस्तान में
हुकूमत सासी के लिए एक महिदा जो है वो तय
पा गया है पाकिस्तान मुस्लिम नवाज और
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के दरमियान जो है

ये मदा तय पाया गया जिसके तहत सदर जो है
वो पाकिस्तान पीपल्स पार्टी जबकि वजीर आजम
पाकिस्तान मुस्लि नवाज होंगे अ पाकिस्तान
पीपल्स पार्टी की जानिब से कोई सीटें जो
हैं अ मिनिस्ट्री जो हैं वो नहीं ली

जाएंगी वह अपनी गैर मशरू हिमायत जो है
जारी र रखेंगे आईनी ओहदे जो हैं जो कि
चेयरमैन सेनेट का है वो पाकिस्तान पीपल्स
पार्टी जबकि स्पीकर असेंबली का वह
पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के पास जाएगा

उसके अलावा दो गवर्नर्स जो हैं वो
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के सूबों में
होंगे जबकि बकिया दो सूबों के गवर्नर
पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के होंगे अ यह
महिदा छह रोज अ जो है जारी रहने वाली जो
टॉक्स हैं उसके बाद अमल में आया अब देखना
यह है कि पाकिस्तान की नई पार्लिन का

इजलास कब बुलाया जाता है 29 फरवरी से
पहले-पहले बुलाने की 29 फरवरी को या उससे
पहले पहले बुलाने की आईनी जिम्मेदारी है

यह बताया जा रहा है जराय से कि तकरीबन 29
या 26 फरवरी को यह इजलास जो है बुला लिया
जाएगा जी मीडिया के लिए अनस मलिक
पाकिस्तान
से किसी भी मुल्क में जब भी कोई नई सरकार
बनती है तो उसके सामने कई चुनौतियां होती

हैं इन चुनौतियों के बीच आम जनता को भी
अपनी नई सरकार से कई उम्मीदें होती हैं
लेकिन पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जहां
जनता को भी अपनी सरकारों पर भरोसा नहीं
होता पाकिस्तान में शहबाज शरीफ और बिलावल

भुट्टो ने सरकार बनाने का ऐलान तो कर दिया
है लेकिन मुल्क की जनता को इस खिचड़ी
सरकार पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है पिछले
75 वर्षों में पाकिस्तान में कई बार तख्ता

पलट हुआ है कई सरकारें आई लेकिन कोई भी
सरकार पाच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर
पाई इस बार भी कुछ ऐसा ही हो सकता है
दरअसल पाकिस्तान की किस्मत में फिर वही
पुराने और घिसे पिटे चेहरे आए हैं जो
इमरान के जाने के बाद देश को चला रहे थे

सच्चाई यह भी है कि शहबाज की पुरानी सरकार
के समय पाकिस्तान की हालत और खराब हुई थी
इसीलिए इस मुल्क की जनता को भी नई सरकार
से कोई उम्मीद नजर नहीं आ
रही

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