PM Modi पर ‘गंभीर’ आरोप लगाने वाले J&K के पूर्व राज्यपाल Satyapal Malik पर CBI का तगड़ा एक्शन !

मोदी विरोधी सत्यपाल मलिक पर सीबीआई का
सबसे बड़ा एक्शन क्या है किरू हाइड्रो
इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जिसमें भ्रष्टाचार
को लेकर फसे हैं

मलिक नमस्कार आप देख रहे हैं एनएमएफ न्यूज
और आपके साथ मैं हूं नमृता चौधरी आपने
सत्यपाल मलिक का नाम कई बार सुना होगा इस
ने नहीं सुना होगा कि वो गोवा के राज्यपाल

रही हैं इसलिए भी नहीं कि वोह बिहार के
राज्यपाल रही हैं या फिर इसलिए भी नहीं कि
जम्मू कश्मीर जैसे प्रदेश के भी राज्यपाल
रही हैं लेकिन हां अपने पद से हटते ही

उन्होंने जिस तरह से पीएम नरेंद्र मोदी के
प्रति अपनी नफरत जाहिर की उसने उन्हें
रातों रात सो कॉल्ड लिबरल का फेवरेट बना
दिया बस फिर क्या फिर तो सत्यपाल मलिक का
हौसला बुलंद हो गया एक-एक कर वो ताबड़तोड़

खुलासे कर राजनीतिक पारे को बढ़ाने लगे थे
कभी पुलवामा हमले पर सरकार को घेर दे तो
कभी किसानों को लेकर मोदी का बयान दुनिया
को बताते जो पता नहीं पीएम मोदी ने दिया
भी था या फिर नहीं किसानों के हिताशी बनते
और फिर सरकार को घेर दे खैर अब सत्यपाल
मलिक सीबीआई की जांच के दायरे में आकर एक

बार फिर लाइमलाइट में आ गई हैं वैसे
लाइमलाइट तो बाद की बात है पहले तो कहना
चाहिए कि सीबीआई के एक्शन के बाद सत्यपाल
मलिक बुरे फंस गए हैं अब हुआ क्या है पूरा
मामला भी जान
लीजिए दरअसल गुरुवार सुबह-सुबह खबर आई कि
देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने

30 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की
इनमें कुछ ठिकाने जम्मूकश्मीर में भी
शामिल हैं और साथ ही सत्यपाल मलिक का घर

भी बाकी उनके दफ्तर पर भी रेड मारी गई
जम्मूकश्मीर के कीरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक
प्रोजेक्ट से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले
में सत्यपाल मलिक फंसते हुए और जांच के
दायरे में आते हुए दिख रही हैं अब क्या है
यह कीरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यह
भी आपके लिए जानना जरूरी

है क्या है कीरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक
प्रोजेक्ट कीरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक
प्रोजेक्ट जम्मू कश्मीर में चिनाब नदी पर

स्थित एक रन ऑफ द रिवर पन बिजली परियोजना
है यह परियोजना योजना 624 मेगावाट बिजली
उत्पादन क्षमता के साथ जम्मूकश्मीर की
बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकेगी साल
2025 में इस परियोजना के पूरे होने की
उम्मीद है इस परियोजना से राज्य के दूसरे

इलाकों में बिजली पहुंचाने में मदद मिलेगी
इसी के साथ रोजगार के मौके भी पैदा होंगे
किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट जम्मू
कश्मीर के लिए बहुत ही जरूरी है जो विकास

4285 द 59 करोड़ है इस परियोजना में 45
फीदी जम्मू कश्मीर सरकार और एनएचपीसी की

51 फीदी की हिस्सेदारी है इस पर योजना में
कथित भ्रष्टाचार के मामले में सत्यपाल
मलिक के घर दफ्तर समेत 30 ठिकानों पर
छापेमारी की गई वैसे इससे पहले भी 12
जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है और अब
चलिए आपको सत्यपाल मलिक के उन बयानों से
भी रूबरू करा देते हैं जो उन्होंने अक्सर

प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को घेर
हुए दिए थे सत्यपाल मलिक ने पीएम मोदी के
साथ के अपने किस्से को साझा करते हुए कहा

था पीएम मोदी बहुत ही घमंडी इंसान है एक
बार मैं उनसे किसानों को लेकर बात करने

गया था उस वक्त उनसे मेरा झगड़ा हो गया था
उन्होंने कहा किसानों को पड़े रहने दो चले
जाएंगे फिर मैंने उन्हें सिखों को लेकर
इतना डरा दिया कि दो महीने बाद उन्होंने
काले कानून वापस ले लिए पीएम मोदी सिखों
से इतना डरते हैं कि अब तो उन्होंने

गुरुद्वारे जाना शुरू कर दिया है एक बार
पंजाब में जब उनका काफिला रुका था तब वो
काफी डर गए थे 2019 का लोकसभा चुनाव

सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया था अगर इस
मामले में जांच होती तो तत्कालीन
गृहमंत्री को इस्तीफा देना पड़ता इस घटना

के तुरंत बाद मैंने पीएम मोदी को सूचना दी
थी लेकिन उन्होंने मुझे चुप रहने के लिए
कहा संसद में जब राहुल गांधी ने पूछा था
कि अडानी को मिले 00 करोड़ कहां से आए तो

पीएम मोदी जवाब नहीं दे पाए थे मैं जब
गोवा का राज्यपाल था तो मैंने गोवा के
सीएम के भ्रष्टाचार की शिकायत पीएम से की
और नतीजा ये निकला कि मुझे हटा दिया गया
लेकिन गोवा के सीएम को नहीं हटाया गया मैं
आश्वस्त हूं कि ये अपनी नाक के नीचे

भ्रष्टाचार कराते हैं और उसमें उनकी पूरी
हिस्सेदारी होती है और रकम अडाणी को जाती
है सत्यपाल मलिक के गंभीर आरोप आज तक

सिद्ध तो नहीं हो पाए लेकिन बीजेपी से अलग
होना राहुल गांधी से मुलाकात करना और पीएम
मोदी के ऊपर गंभीर आरोप लगाना उन्हें खुद
सवालों के घिरे में खड़ा कर रहा है फिलहाल
सत्यपाल मलिक का राजनीतिक करियर भी देख

लीजिए सत्यपाल मलिक का सियासी सफर सत्यपाल
मलिक का सियासी सफर साल 1974 से शुरू हुआ
उन्होंने लोकदल से अपने करियर की शुरुआत

की पहली बार सत्यपाल मलिक ने यूपी की
बागपत विधानसभा सीट से वो विधायक बने फिर
साल 1990 में मलिक पहली बार राज्यसभा
पहुंचे साल 1984 में सत्यपाल मलिक ने
कांग्रेस का दामन थाम लिया था फिर

कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजा 1987
में सत्यपाल मलिक ने कांग्रेस से भी
इस्तीफा दे दिया 1988 में वीपी सिंह के
नेतृत्व वाले जनता दल में वो शामिल हो गए

साल 1989 में अलीगढ़ से लोकसभा का चुनाव
लड़े और जीते भी साल 1996 में सपा के टिकट
पर अलीगढ़ सीट से चुनाव लड़ा लेकिन इस बार
हार गए और फिर कभी नहीं जीत सके साल 2004

में बीजेपी में शामिल हुए लेकिन बागपत से
उन्हें हार का सामना करना पड़ा साल 2012
में बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
बनाया था साल 2017 में वह बिहार के

राज्यपाल बने फिर उन्हें कश्मीर की
जिम्मेदारी साल 2018 में मिली साल 2019
में उन्हें गोवा का राज्यपाल बनाया गया
साल 2020 में मेघालय का राज्यपाल बनाया
गया इतना लंबा और अच्छा राजनीतिक ग्राफ

होने के बाद बावजूद पिछले काफी वक्त से वह
क्यों बीजेपी को गालियां दे रहे थे क्यों
मोदी को कोस रहे थे यह तो वही जाने लेकिन
फिलहाल आप इस पूरी खबर को लेकर और सत्यपाल

मलिक के ठिकानों पर जिस तरह से सीबीआई ने
रेड मारी है उसे लेकर क्या राय रखते हैं
कमेंट करके जरूर
बताए

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