Rahul Gandhi की Bharat Jodo Nyay Yatra से डरीं Smriti Irani पहुंची अमेठी दौरे पर

नमस्कार मैं हूं आंचल और आप देख रहे हैं
डीबी लाइव की स्पेशल रिपोर्ट स्मृति रानी
को अमेठी से हार का डर सता रहा है और
इसीलिए स्मृति रानी राहुल गांधी पर हमले

कर रही हैं और कांग्रेस पर लगातार हमले कर
रही हैं स्मृति रानी ने राहुल गांधी को
चैलेंज दिया था अब राहुल गांधी जब भारत
जोड़ो न्याय यात्रा लेकर अमेठी पहुंचे थे
तो जनता का जो समर्थन उन्हें मिला था जिस

तरीके से भीड़ आई थी वो तस्वीरें जो हमने
आपको पहले दिखाई थी और लगातार उन तस्वीरों
को हम दिखा रहे हैं कि भारत जोड़ो न्याय
यात्रा में जनता का जो समर्थ न मिला है व
कैसे बीजेपी की नींद उड़ा रहा है कैसे

स्मृति रानी और बीजेपी जो है वह पूरी
तरीके से घबराई हुई है यह तस्वीरें जो हैं
वोह भारत जुड़ न्याय यात्रा की हैं लगातार
इन तस्वीरों को हम पेश कर रहे हैं और दिखा

रहे हैं कि राहुल गांधी को जो जनता का
समर्थन मिल रहा है उससे घबराहट बीजेपी के
अंदर है अब यह घबराहट जो है वह स्मृति
रानी के बयानों में भी झलक रही है दरअसल
स्मृति रानी लगातार राहुल गांधी को चैलेंज

और राहुल गांधी पर हमले कर रही हैं सबसे
पहले उन्होंने चैलेंज दिया और उसके बाद जब
जयराम रमेश ने पलटवार कर दिया तो फिर
उन्होंने एक बार फिर से शर्त रख दी है
शर्त जो उनके तरफ से रखी गई है उससे यह
साफ पता चल रहा है कि स्मृति रानी ने

लोकसभा चुनाव से पहले ही हार मान ली है
स्मृति रानी को अमेठी की जनता भी चैलेंज
दे रही है लगातार स्मृति रानी अमेठी में
जहां भी जा रही हैं वहां पर बीजेपी सरकार
की पोल खुल रही है तो कहीं जनता उन्हें
चैलेंज कर रही है वो तमाम तस्वीरें वो

तमाम वीडियोस जो है वोह सोशल मीडिया पर
वायरल हो रहे हैं और जमकर स्मृति रानी को
ट्रोल किया जा रहा है उन तमाम तमाम
तस्वीरों को दिखाएंगे तमाम वीडियोस को

दिखाएंगे और यह भी आपको बताएंगे कि कैसे
स्मृति रानी बीजेपी सरकार की तो पोल खोल
ही रही है और जो हार का डर बीजेपी को सता
रहा है अमेठी में स्मृति रानी को हार का
डर सता रहा है वो भी उनके बयानों में झलक
रहा है सबसे पहले आपको बता दें कि स्मृति

रानी राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय
यात्रा पहुंचती है उससे पहले ही अमेठी
पहुंच जाती है कि कहीं राहुल गांधी जो

जनता का समर्थन उन्हें मिल रहा है वो पूरा
पूरा फोकस जो राहुल गांधी पर है राहुल
गांधी के पहुंचने के बाद जो बदलाव की लहर
अमेठी में आई है उस लहर को किस तरीके से
अपने पक्ष में लाया जाए और कैसे लोगों को
तोड़कर कांग्रेस से अपने साथ जोड़ा जाए

इसीलिए स्मृति रानी वहां पर पहुंची हैं और
तमाम तरह के बताए ये जा रहे हैं कि
उन्होंने प्रोजेक्ट भी किए हैं प्रोजेक्ट
का मतलब यहां पर आपको साफ-साफ समझा दें

हालांकि सोशल मीडिया पर ही दावा किया जा
रहा है कि स्मृति रानी ने कई लोगों को
अपने से मुलाकात करने के लिए बुलाया था
प्लांटेड लोग थे और एक तरीके से ड्रामा जो
है उन्होंने क्रिएट किया था लेकिन वो

ड्रामा उन पर ही भारी पड़ता हुआ नजर आ रहा
है क्या कुछ हुआ है स्मृति रानी के साथ वो
आपको दिखाएंगे लेकिन जो चैलेंज स्मृति
रानी ने राहुल गांधी को दिया था उस पर
जयराम रमेश ने पलटवार किया था और अब
स्मृति रानी ने शर्त यह रख दी है कि राहुल

गांधी बिना अखिलेश बिना मायावती के आए तो
दूसरी तरफ अखिलेश यादव से कांग्रेस का
गठबंधन हो चुका है इसका भी ऐलान जो है वो
किया जा चुका है तो वहीं मायावती भी
इंडिया गठबंधन में कभी भी शामिल हो सकती

हैं ऐसी भी खबरें चल रही हैं मार्च में
अखिलेश अ के साथ जो अखिलेश और
राहुल के साथ मायावती भी आ सकती है ऐसी
खबरें चल रही हैं तो इंडिया गठबंधन और भी
मजबूत हो रहा है और इसी मजबूती से स्मृति
रानी को डर लग रहा है उन्हें यह समझ में आ
गया है कि अगर अखिलेश यादव जिस तरीके से
राहुल गांधी के साथ है मायावती भी आ गई तो

वो बुरी तरीके से हारने जा रही हैं तो इस
पर उनका यह कहना है कि राहुल गांधी अमेठी
से लड़े पहले तो उन्होंने चुनौती दी कि
राहुल गांधी अमेठी से लड़े जब जयराम रमेश

ने पलटवार कर दिया कि राहुल गांधी तो
लड़ेंगे ही तब स्मृति रानी डर के मारे यह
कह रही हैं कि राहुल गांधी तो लड़े
लेकिन ना तो वह अखिलेश के साथ आए और ना ही

वह मायावती के साथ आए अब ऐसे में सवाल यह
खड़ा हो रहा है कि स्मृति रानी यह शर्त
राहुल गांधी के सामने क्यों रख रही हैं
क्या वह अपना दल और ओपी राजभर के साथ

गठबंधन में नहीं है क्या वो भी यहां पर
कैंडिडेट उतारेंगे क्या ओपी राजभर और
अनुप्रिया पटेल जो हैं वह अपने उम्मीदवार
अमेठी में उतारेंगे क्या वह बीजेपी का
समर्थन नहीं करेंगे और अगर वो कर रहे हैं
तो फिर अखिलेश यादव अगर मायावती कर रहे

हैं राहुल गांधी को समर्थन तो इसमें गलत
क्या है लेकिन स्मृति रानी को डर इस बात
का है कि इंडिया गठबंधन जिस तरीके से
मजबूत हो रहा है और जो रणनीति बन रही है

रणनीति उसी रणनीति पर आगे बढ़ा गया तो वो
बुरी तरीके से हार जाएंगे और अंदर खाने तो
खबर ये भी चल रही है कि स्मृति रानी बुरी
तरीके से अमेठी हारने जा रही है इसीलिए डर
इसीलिए बौखलाहट उनके चेहरे पर साफ नजर आ
रही है क्या कुछ कहा है स्मृति रानी ने
चलिए आपको सुनाते हैं और उसके बाद इस खबर
पर विस्तार से चर्चा करेंगे और आपको

बताएंगे कि अंदर की और क्या क्या बातें
हैं जो अब खुलकर सामने आ रही है सबसे पहले
केंद्रीय मंत्री स्मृति रानी का यह
बयान मुझे इस बात की खुशी है कि जयराम
रमेश जी ने मेरी चुनौती को स्वीकार किया

मायावती जी के अमेठी का चुनाव लड़ने को
तैयार है मैं चाहूंगी कि जयराम रमेश ने जो
प्रस्ताव मेरे उद्बोधन के बाद दिया है
उसको आज ही सीसी उनकी जारी कर कर दे मैं
भारतीय जनता पार्टी की सामान्य कार्यकर्ता

होने के नाते इस चुनौती का स्वागत करती
हूं पुनः कहती हूं क्योंकि जयराम रमेश जी
ने कहा है कि हमारी चुनौती को स्वीकार
करने के लिए राहुल गांधी तैयार है तो आज
हम सबको अमेठी के कार्यकर्ताओं को बेसरी
से इंतजार रहेगा कि राहुल गांधी जी आज

सीसी के माध्यम से यह घोषणा करा दें
क्योंकि जयराम रमेश जी ने यह हिदायत दी है
कि बिना अखिलेश जी के बिना मायावती जी के
अकेले अपने दम पे राहुल गांधी बिना वायनाड
गए अमेठी से चुनाव लड़ेंगे जयराम रमेश जी

को बहुत-बहुत अभिनंदन कि उन्होंने राहुल
गांधी के कैंडिडेट को अमेठी से घोषित कर
दिया है बिना अखिलेश जी के बिना मायावती
जी के और बिना वायनाड गए तो आप सुन रहे थे
केंद्रीय मंत्री स्मृति रानी का यह बयान

और यह बयान दिखा रहा है कि किस तरीके से
स्मृति रानी बौखलाई हुई है किस तरीके की
घबराहट बीजेपी के अंदर है बार-बार स्मृति
रानी के जुबान पर एक ही शब्द था बिना

अखिलेश के बिना मायावती के आखिर क्यों डर
है बीजेपी क्यों डर रही है अखिलेश और
मायावती और राहुल गांधी के एक साथ आने से
बीजेपी का यह जो डर है वह बता रहा है कि

स्मृति रानी अमेठी से हारने जा रही हैं
इसीलिए बार-बार वो कह रही हैं हालांकि
जयराम रमेश का वो बयान भी है जहां पर
स्मृति रानी ने चुनौती दी थी तो उन्होंने
कहा था कि चुनौती की क्या बात है हम कहीं

हटे नहीं है और अगर राहुल गांधी को वहां
से लड़ना होगा तो वो लड़ेंगे जहां से
गांधी परिवार का कोई भी व्यक्ति या फिर
कांग्रेस का कोई भी नेता कार्यकर्ता अगर
कांग्रेस पार्टी उन्हें इजाजत देती है तो

वो वहां से लड़ेंगे इसमें किसी भी तरीके
से कोई भी दिक्कत और परेशानी वाली बात
नहीं है जयराम रमेश ने यह कहा था लेकिन अब
इसमें ऐड करते हुए कि बिना अखिलेश के बिना
मायावती के स्मृति रानी अपना बयान दे रही
है और इससे यह दिखता है कि स्मृति रानी यह
मान चुकी है कि इंडिया गठबंधन अगर मजबूत

रहा और अगर अखिलेश यादव के साथ राहुल
गांधी आते हैं तो स्मृति रानी हारने जा
रही हैं यह तय हो गया है इसीलिए स्मृति
रानी बिना अखिलेश बिना मायावती बार-बार
दोहरा रही थी चलिए जयराम रमेश का जो बयान

है जो कुछ भी स्मृति रानी ने पहले एक
तरीके से गीदड़ भप की जो बीजेपी के तरफ से
दी गई थी राहुल गांधी की न्याय यात्रा में
जो भारी जनसमर्थन उमड़ा था उसे देखते हुए
उसके बाद जयराम रमेश ने जो पलटवार किया था
जिसके बाद स्मृति रानी ने बकला में शर्त

रखी है वह बयान आपको सुनाते हैं क्या कुछ
कहा था कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने
स्मृति रानी के बयान के बाद क्या पलटवार
किया था वो सुनाते हैं आपको

सुनिए आए हमने जो कि नहीं वो तो सीईसी तय
करेगा राहुल जी तय करे कांग्रेस अध्यक्ष
तय करेंगे और सीईसी है एक प्रक्रिया है
हमारे पार्टी में पर हां कल हमने सुना
मैंने भी सुना गौरीगंज में बाबूगंज में
अमेठी में सब जगह मैंने सुना कि राहुल
भैया को वापस आना है व राहुल जी और सीईसी
और हमारे अध्यक्ष पर निर्भर है पर माहौल

जो है वापसी का है लोग लोग समझते हैं कि
2019 में उन्होंने गलती की और वह राहुल जी
को वापस चाहते हैं मौजूदा सांसद की बात कर
रहा हूं 600 करोड़ रुप का हम इन्वेस्टमेंट
लेके आए ये सब कागजी इन्वेस्टमेंट है

 

देखिए मैंने इस चैलेंज करनी है राहुल
गांधी मैंने जो मैंने तो ये समिट जो होते
हैं ना अलग-अलग राज्यों में गुजरात में
यूपी में मैंने इसका खूब विश्लेषण किया है
गुजरात में जहां नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री

हुआ करते थे मुश्किल से 12 प्र जो
इन्वेस्टर समिट में उस पर हस्ताक्षर हुआ
करते थे वो हकीकत में बदलते थे वो
प्रोजेक्ट में बदलते थे तो यह घोषणा के
लिए है फोटो अपॉर्चुनिटी के लिए है
हेडलाइन के लिए ये हेडलाइन मैनेजमेंट है
ये इसमें जमीन पर इसका कोई असर नहीं है
लेकिन सर जो जो जो जिस तरीके से राहुल

बरेली में है सांसद जो महोदय है वो भी और
जो मंत्री जी मंत्री हैं यहां से लोकल
सांसद भी है स्मति रानी जी वो भी यहां का
दौरा कर रही है चैलेंज कर र नहीं नहीं
चैलेंज करना उनका उनका लोकतांत्रिक हक
बनता है चैलेंज करने दीजिए अब वक्त आएगा

राहुल जी अगर लड़ना चाहते हैं सीईसी
मंजूरी देती है तो वो लड़ेंगे उनको उन पर
निर्भर है पर हम किसी चैलेंज से भाग नहीं
रहे हम किसी से पीछे हट नहीं रहे हमारी

आवाज को दबा नहीं सकते आप कुछ भी दे देखिए
पहले दिन से प्रधानमंत्री ने धमकी की
राजनीति अपनाई है प्रतिशोध की राजनीति
अपनाई है उत्पीड़न की राजनीति अपनाई है हम
डरने वाले नहीं है हमें चुप नहीं करा सकते
प्रधानमंत्री और उनके मंत्री अगर राहुल जी

को लड़ना है और उन्होने मन बना लिया है और
सीसी म ूरी देती है वो जरूर लड़ेंगे हम
किसी से भागने वाले और मैं आपको यह भी कह
दूं कि आज का जो माहौल है कई लोग मैंने

करीब 70 80 लोगों से मैंने खुद बात की
माने जनसभा में नहीं बाहर जाके मैंने बात
की और सभी लोगों ने कहा कि साहब 2019 में
हमसे गलती हो गई इस बार राहुल भैया को
यहीं से लड़ना है और व जीतेंगे तो आप सुन
रहे थे कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश का यह

बयान जय राम रमेश ये कह रहे थे कि इस वक्त
बदलाव की हवा चल रही है और सभी जोटी की
जनता है बाकी और भी गौरीगंज और तमाम जो

जनता है वो यह कह रही है कि 2019 में जो
गलती हुई है वो नहीं दोहराएंगे और इस बार
वापसी का जो है वह माहौल बना हुआ है अब
इसी से डरी हुई स्मृति रानी तमाम बड़े अ
घोषणाएं उनकी तरफ से तमाम बड़ी घोषणाएं की

जा रही है तमाम बड़े वादे एक बार फिर से
उनके द्वारा किए जा रहे हैं हालांकि 2019
में भी उन्होंने तमाम बड़ी घोषणाएं की थी
तमाम बड़े वादे किए थे लेकिन उसके बाद
क्या हुआ जो पहले से योजनाएं चल रही थी उस
पर भी ताला लगा दिया गया जो भी कामकाज हुआ

था उसे ठप्प कर दिया गया बताया तो यह भी
जा रहा है कि जो कुछ भी गांधी परिवार ने
दिया था उसको एक तरीके से खत्म करने की

कोशिश बीजेपी के तरफ से लगातार की जाती
रही है और इसीलिए जनता यह देख रही है कि
क्या कुछ पांच सालों में हुआ है और आज

स्मृति रानी जाकर ये कह रही है कि बहुत
बड़ा इन्वेस्टमेंट जो है वो एमटी में आया
लेकिन उसकी पोल जयराम रमेश ने खोल दी कि

इस वक्त अमेठी में जाकर और इस तरीके से
जनता से मिल रही हैं और तमाम जो उनके तरफ
से ड्रामा क्रिएट किया जा रहा है वो इस
बात का पुख्ता सबूत है है कि स्मृति रानी
और बीजेपी की जमीन जो है वो नहीं बची है
वो जमीन खिसक चुकी है और इसीलिए स्मृति
रानी इस तरीके से बौखलाहट में राहुल गांधी

के सामने शर्त रख रही हैं और अब आपको
दिखाते हैं वो तस्वीरें जहां जनता खुद
स्मृति रानी को चैलेंज कर रही है एक
वीडियो आपको दिखाएंगे जहां पर स्मृति रानी
जो है वो एक जमीन का मामला हालांकि बताया

जा रहा है ये सारा मामला जो है वो ड्रामा
क्रिएट भी बीजेपी के तरफ से किया गया था
स्मृति रानी की तरफ से किया गया था लेकिन
पीछे जो जनता खड़ी हुई थी असली जनता जो
अमेठी की है वो स्मृति रानी से ये कह रही

थी कि बैठ जाइए मैडम और चैलेंज जनता की
तरफ से दिया गया और स्मृति रानी उस पर एक
तरीके से खामोश हो गई और उसके बाद यह बोल
रही है कि नहीं मुझे नहीं बैठना है तो आप

देखिए चैलेंज जनता की तरफ से स्मृति रानी
को किया जा रहा है लेकिन स्मृति रानी उस
चैलेंज को एक तरीके से एक्सेप्ट नहीं कर
पा रही और उससे ना नुकर कर रही है और
दूसरी तरफ राहुल गांधी को वो चैलेंज दे
रही है वो वीडियो आपको दिखाते हैं देखिए

यह पूरा वीडियो और सच्चाई जो है वह सामने
आएगी देखिए को घर बनाने दे रहा है ऐसा कोई
नहीं करता बाकी की जमीन बची वो भी हड़प
लोगे

आधे घंटे में खाली ड़ा भैया वरना जमीन के
सामने मैं आ बैठ
जाऊंगी मैडम जी बैठ

जाया
भैया चने वाले नेता तुम्हारी तरह बैठने
वाले आधे घंटे में बैठे वाले भेद सम अब
देखिए वो वहां की जनता है और ये कह रही है

मैडम बैठ जाइए बैठिए तो यह जनता वहां से
आवाज पीछे से लगा रही है चैलेंज स्मृति
रानी को दे रही है लेकिन स्मृति रानी उस
चैलेंज को लेने से साफ मना कर रही हैं वो
कह रही है नहीं नहीं हम बैठने वाले नेता
नहीं है तो फिर आप ही तो कह रही थी कि

हमें बैठना है तो एक तरीके से स्मृति रानी
जो जनता चैलेंज दे रही है उसे स्वीकार
नहीं कर रही हैं और दूसरी तरफ चैलेंज
राहुल गांधी को दे रही हैं और शर्त भी रख

रही हैं कि आप ऐसे आइए ऐसे आइए जबकि खुद
का गठबंधन जो है एनडीए गठबंधन है ओपी
राजभर और अनुप्रिया का जो अपना दल है उसके
साथ ये गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं तो
दूसरी तरफ का जो अ वो नेता है वो बिना ढाल

तलवार के आए वह पूरी तरीके से इनके सामने
नतमस्तक हो जाए प पहले से ही तो फिर आप
कैसे लड़ाई कैसे करें मतलब आप पहले ही हार
मान रही हैं कि भाई हम पूरी तरीके से हारे
हुए हैं अब आप किसी भी तरीके से रणनीति के
तहत मता आइएगा वरना हम तो पहले ही हार गए

हैं हम लड़ाई जीत ही नहीं पाएंगे तो इस
तरीके से एक जो बयान है वो स्मृति रानी का
है हालांकि योगी सरकार के राज्य में क्या
हो रहा है योगी के राज में क्या हो रहा है
वो तस्वीरें भी स्मृति रानी ने कहीं ना
कहीं अब जनता के सामने रख दिए स्मृति रानी

अपनी अमेठी को बचाने के लिए अपनी जमीन
बचाने के लिए अब योगी सरकार के के खिलाफ
खड़ी हुई नजर आ रही हैं दरअसल उन्हें
चाहिए था यह कि अपने कामकाज को दिखाती
लेकिन अब जो योगी सरकार से पीड़ित हैं लोग

उनसे वह मुलाकात कर रही हैं तो अमेठी को
बचाने के लिए अपनी ही राज्य सरकार की बली
चढ़ाने पर शायद उतारू हो गई हैं केंद्रीय
मंत्री स्मृति रानी क्योंकि जो तस्वीरें

निकल कर आ रही हैं वो शासन प्रशासन पर
सवाल खड़ा कर रहे हैं क्योंकि जो महिला
उनसे मिल रही हैं दो वीडियो हमारे सामने
हैं हालांकि बताया जा रहा है कि कई ऐसे
लोग पीड़ित उनसे मिलने आए ये देखिए ये
महिला है और ये बिलख बिलख कर ये कह रही है
कि देखिए नेता जी आप यहां पर आई हैं लेकिन
आप हमारा दुख दर्द भी समझिए और दुख दर्द

यह है कि हमारा घर जो है वह बुलडोज कर
दिया गया है अब हम बच्चों को पढ़ाएं या
फिर नया घर बनाएं यह दुख दर्द जो है वो
योगी राज में है योगी सरकार की जो

कार्रवाई हुई है जो उनका घर बुलडोज किया
गया है प्रधानमंत्री आवास बताया जा रहा है
कि वह गिरा दिया गया है उनका उसके बाद वोह
केंद्रीय मंत्री स्मृति रानी से मिल रही

हैं तो यह लापरवाही या एक तरीके से जो यह
दमनकारी नीति है यह किसकी है यह बीजेपी
सरकार की है और पोल पट्टी जो है बीजेपी
सरकार की खुल रही है यह वीडियो आपको
दिखाएंगे देखिए कैसे एक महिला जो है व

स्मृति रानी के सामने योगी सरकार की पोल
खोल रही है
देखिए को
प पहले बैठो इधर साथ बैठो बै आ जाओ अरे
हमको प बैठो पानी पियो पानी पिलाओ

इनको तो आप देखिए महिला का यह दावा था कि
उनका घर गिरा दिया गया है और एक नेता ने
यह बताया कि घर अवैध है लेकिन घर अवैध
नहीं था इसके साथ ही एक और भी वीडियो जो
है वह बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हो
रहा है सोशल मीडिया पर काफी दिनों से यह

वीडियो जो है वो वायरल हो रहा है हालांकि
स्मृति रानी जो है राहुल गांधी के पहुंचने
से पहले ही अमेठी पहुंची हुई थी ये देखिए
ये वीडियो जो है वो वीडियो है स्मृति रानी

का जहां पर बुजुर्ग महिला वो भी उनसे यही
शिकायत कर रही हैं कि उनका घर गिरा दिया
गया है और नेता जो है वो गलत इंफॉर्मेशन
देते हैं और उसके बाद अवैध बनाकर घर उनका
गिरा बताकर घर गिरा दिया जाता है बुलडोज

कर दिया जाता है एक तरीके से यो सरकार जो
जनता पर जुल्म ढ रही है व जुल्म की कहानी
यह महिला बया कर रही है क्या कुछ उन्होने
कहा है सुनाते आपको सुनिए
देखिए
सब भी
ल सरकार की जमी हमारी नहीं दुनिया
वही घर किस है जमीन प सरकार की जमीन प
अपनी
जमीन जमीन नहीं घर
नहीं एक पाल गिरा दिए
पाल चकी
से आप देख रहे थे महिला कैसे रो रही है और
यह कहती हैं कि वो जो आपका घर था वह क्या
सरकारी जमीन पर था उस पर वो यह महिला कहती
है कि नहीं सरकारी जमीन पर नहीं था वो
प्रधानमंत्री आवास में वो मिला हुआ घर था
और उसके बाद जो इंफॉर्मेशन है वो गलत
इंफॉर्मेशन दी जाती है और उसके बाद उनका
घर गिरा दिया जाता है जैसे ही ये पूरी
कहानी बयां होती है और भी कई बड़े खुलासे
हो सकते थे लेकिन यहां पर आपने देखा कि
पूरा मैनेज जो है वो करने की कोशिश की गई
कि देखिए भीड़ मत लगाइए और एक तरीके से
किस तरीके से स्मृति रानी जो सोच रही थी
कि की कैसे वीडियो बनाकर और ये दिखाया जाए
कि कमेटी की जनता से वो रूबरू हो रही हैं
लोगों से जाकर बातचीत कर रही हैं लेकिन
यहां पर नाकामी है और जो गलतियां हैं वह
सरकार की ही निकल कर सामने आ रही है तो एक
तरफ अपनी अमेठी की जमीन बचाने में व जुटी
हुई है तो दूसरी तरफ योगी सरकार की पोल
पट्टी वो खोल रही हैं अब यह लड़ाई जो है
वो राज्य वर्सेस केंद्र नजर आ रही है और
दूसरी तरफ वो राहुल गांधी को चुनौती दे
रही हैं जिसके साथ ही वह शर्त भी रख रही
है अब देखना होगा कि अमेठी की जनता किसे
जिता है और किसे अपने घर पहुंचाती है यह
तो देखने ली बात होगी हालांकि घर जो है वह
कांग्रेस का ही गढ़ माना जाता है घर
कांग्रेस का ही है तो देखना होगा अटी की
जनता किसके सर पर ताज जो है वह रखती है
लेकिन ताज जिस पर भी सजे लेकिन राहुल
गांधी को चुनौती दे रही स्मृति रानी की
हार जो है वह साफ नजर आ रही है उनके
बयानों में तो देखते रहिए डीबी लाइव मैं
आंचल

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