Sambhu Border | किसान आंदोलन क्या हाथ से निकल रहा | अगले 48 घंटे Modi पर भारी

नमस्कार मैं दीपक शर्मा और मेरे
अगर यह किसान और सरकार में टकराव आने वाले
दिनों में और बढ़ता गया और बड़ा
टकराव तो फिर देश में आगे क्या होने जा
रहा है व्हाट नेक्स्ट आगे

क्या दोस्तों सच यह है कि एक तरफ मोदी
सरकार बेहद प्रेशर में बेहद दबाव में आ गई
है और रात भर मीटिंग्स का दौर सरकार में
जारी है चाहे वो पीयूष गोयल हो कॉमर्स
मिनिस्टर हो चाहे व एग्रीकल्चर मिनिस्टर
अर्जुन मुंडा हो चाहे वो प्राइम मिनिस्टर
ऑफिस हो मोदी का दफ्तर हो मीटिंग्स पर
मीटिंग्स अधिकारियों के साथ मंत्रियों के

साथ लेकिन कोई ठोस हल कोई ठोस उपाय
सोल्यूशन
उसके करीब अभी भी सरकार नहीं उस पर मैं
आऊंगा लेकिन आज जो बड़ी घटना हुई जिसने
सरकार को और प्रेशर में ला दिया वो घटना
है ये जो नौजवान है 21 22 साल का नौजवान
शुभकरण सिंह बठिंडा का रहने वाला है और यह

भी उसी आंदोलन में
था इसके ऐसा लोग कहते हैं आरोप है कि इसको
गोली लगी पुलिस की गोली लगी किसानों का

आरोप है और यह गोली सिर पर लगी यह किसान
नेताओं का आरोप है और शुभकरण की मौके पर
ही मौत हो गई अब हरियाणा पुलिस ने बार-बार
डिनायर ने गोली नहीं चलाई सरकार का फाय
करने का कोई आदेश नहीं था कोई ऑर्डर नहीं
था आंसू गैस जरूर छोड़े जा रहे थे रबर

बुलेट जरूर चलाई गई लेकिन किसी 303 की
बंदूक से कोई गोली निकली पुलिस के असलहे
से फायर नहीं
हुआ य सरकार का कहना है और किसानों का

आरोप है कि गोली लगी है उधर जो हॉस्पिटल

है पटियाला में और यहां पर मैं द क्विंट
की रिपोर्ट बहुत इंपॉर्टेंट पहलू है द
क्विंट जो मैगजीन है न्यूज मैगजीन और
अडानी साहब की मैगजीन
है इसमें एक स्टोरी है न्यूज आइटम है
जिसमें यह कहा गया है कि न बजे जब यह जो
बच्चा है जो बेटा है नौजवान है इसकी जब

इसको लेकर अस्पताल गए तो वहां पर डॉक्टर
साहब थे हरनाम सिंह जो मेडिकल
सुपरिंटेंडेंट थे सरकारी अस्पताल है

राजेंद्र हॉस्पिटल पटियाला का उन्होंने
कहा कि साहब जब यह लड़का आया तो ये ऑलरेडी
डेड था ही वा ऑलरेडी डेड इसकी मौत हो चुकी
थी और उन्होंने कहा द क्विं
से कि लगता है कि जो मौत हुई है यह सर में
गोली लगने से हुई है बुलेट इंजरी इन द हेड

बुलेट इंजरी इन द हेड अब अगर ऐसा है तो
फिर यह बहुत ही शर्मनाक घटना है जहां पर
आपने देश के किसान को गोली से मार दी
हालांकि अब असली सच क्या ये तो

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद इसका खुलासा
होगा कि वाकई क्या बुलेट इंजरी थी या फिर
कोई और हेड इंजरी थी बहरहाल इस पूरे मामले
ने इस पूरी घटना को बेहद संगीन कर दिया है
और किसानों ने दो दिन के लिए इस आंदोलन को
स्थगित कर दिया किसान नेताओं का कहना है

कि शुभ करण सिंह अकेला नहीं है कई और
लोगों को भी गंभीर चोटें आई हैं अब वो
गोली की चोटें हैं रबर बुलेट की चोट हैं
ये तो बाद में पता लगेगा लेकिन एक और बड़ी

बात कई कि कई किसान अभी भी मिसिंग है
लापता
है
बड़ी बात दोस्तों कई किसान अभी भी लापता
है और शुभकरण इकलौता नहीं है जो आज जिसकी

मौत हुई है सुनिए पहले आप सुनिए क्या कहते
हैं किसान नेता खनौरी बॉर्डर के
ऊपर शुभकरण

सिंह जो 23 22 साल का नौजवान उनकी मौत हो
गई है और तीन और गंभीर जख्मी है जिनमें से
अभी मिसिंग पर्सन भी बत ज्यादा है अब
दोस्तों आज जो मैं समाचार आपके सामने रख
रहा हूं यह कोई देश की बहुत अच्छी तस्वीर
जाहिर नहीं करते हैं दुखद घटनाएं हैं और

खासकर जि जिस तरह से इलेक्शन की तरफ यह
देश बढ़ रहा है इलेक्शन के मुहाने पर
गोलीबारी आंसू कैस धरना प्रदर्शन हिंसा
मौत कई लोग
लापता नॉट अ गुड साइन नॉट अ गुड साइन ऑफ
डेमोक्रेसी लोकतंत्र के यह कोई बहुत अच्छे

लक्षण नहीं है बहरहाल दूसरी तरफ सरकार जो
है वह पूरी कोशिश कर रही है ऐसा मुझे
बताया गया कि मीटिंग्स का रात भर का दौर
जारही है कभी मोदी जी अमित शाह को फोन
करते हैं तो कभी अमित शाह जो है वह पीयूष
गोयल को फोन करते हैं पियूष गोयल अर्जुन
मुंडा को फोन करते हैं अर्जुन मुंडा कृषि

मंत्री हैं इस देश के जो नेगोशिएट कर रहे
हैं पियूष गोयल और अर्जुन मुंडा की मदद कर
रहे हैं जो नेगोशिएशंस किसान के साथ हो
रहे हैं मीटिंग्स हो रही है ब्यूरोक्रेट्स

की मीटिंग हो रही है पूरे कृषि मंत्रालय
में हड़कंप है प्राइम मिनिस्टर ऑफिस में
हड़कंप है कि कोई सोल्यूशन इसका निकाला
जाए लेकिन सवाल यह कि सरकार की इच्छा

शक्ति नहीं दिखती य एमएसपी की गारंटी देने
में लीगल गारंटी देने में और सरकार अभी भी
किसी ठोस हल की तरफ किसी सॉलिड सोल्यूशन
की तरफ नहीं बढ़ रही हकीकत
य और हकीकत यह भी है कि अब मोदी सरकार के
पास दो दिन का वक्त है 48 वर्स 48 घंटे

हैं आज शाम से 48 घंटे हैं क्योंकि 48
घंटे का एक तरह का आप कह सकते हैं आंदोलन
को रोक दिया गया है जितने किसान नेता हैं
जिन जिन घरों में बच्चे या किसान लापता है

जो मिल नहीं रहे जो गुम हो गए उनके साथ
क्या हुआ या कहीं पर मौत हो गई या कहीं पर
कोई आईसीयू में भर्ती है बहुत ही सीरियसली
इंजर्ड है उनके घरों पर वह जाना चाहते हैं

और फिर वो डिसाइड करेंगे दो दिन बाद कि अब
आगे क्या लेकिन जो खबरें आ रही है वो ये
है कि किसान झुकने को तैयार नहीं एक तो
पंजाब का किसान सरहदी किसान सिख फिर उसमें
से

जाट वो किसान जिसका एक भाई बॉर्डर पर है
और एक भाई सिंधु बॉर्डर पे एक भाई
पाकिस्तान के बॉर्डर पर खड़ा है एक भाई
चीन के बॉर्डर पर खड़ा है और जो दूसरा भाई
है वो सिंधु बॉर्डर प खड़ा है अब ये जो

डीएनए है पंजाब के किसानों का जवानों का
अब ये कितना झुकेंगे
क्या ये पीछे हटेंगे क्या यह जो आज घटना
हुई है गोलीबारी की इससे घबरा जाएंगे झुक
जाएंगे सरेंडर करेंगे या फिर य आगे

बढ़ेंगे कुछ करेंगे क्या बड़ा कंसंट्रेशन
होने जा रहा है एक बहुत बड़ा टकराव होने
जा रहा है बड़ी घटना है खबर की सनसनी नहीं
खबर के अगर आप भीतर

उतरेंगे तो मैंने पहले भी कहा खबर अच्छी
नहीं है लेकिन समझना इसलिए जरूरी है
क्योंकि हाल तो अपने देश का है क्या होने
जा रहा है चुनाव के मुहाने पर आज तीन
एक्सपर्ट हैं एक हमारे साथ सिंधु साहब हैं

जगदीप सिंधू जो बॉर्डर पर हैं वह आपको हाल
बताएंगे क्या हो सकता है हमारे साथ आज मान
साहब है मान साहब

दरअसल किसानी के एक्सपर्ट है एमएसपी हो
किसान संगठन हो जत्थे बंदियां हो इन सबको
समझते हैं सरकार का रुख समझती यह भी अपनी
राय रखेंगे और अशोक वानखेड़े जो पलपल की
जानकारी ले रहे हैं दिल्ली सरकार से लेकर
पंजाब सरकार हरियाणा सरकार वह भी होंगे

गौर से सुनिए य कैसी तस्वीर है जो चुनाव
पर बहुत बड़ा असर डालने जा रही है चलते
हैं सीधे एक्सपर्ट्स के पास पहला सवाल
मेरा टाइगर के से है फिर मैं जगदीप जी के
पास जा रहा हूं टाइगर ओवरऑल सिचुएशन क्या
लग रही है आपको इस वक्त अगर मैं आपसे

पूछूं क्या टकराव की स्थिति बढ़ रही है
किसान और सरकार के बीच
में किसान और सरकार के बीच में टकराव की
स्थिति बढ़ रही है स्थिति बहुत खराब है
उत्तर प्रदेश में किसान नेताओं की धरपकड़
हो रही है अरेस्ट हो रहे हैं और आज जो उस
बॉर्डर पर हुआ जो मुझे लगता है जगदीप जी

विस्तार से बताएंगे आपको लेकिन एक की मौत
की खबर आई है और वह इंजरी जो है वह बुलेट
की है इसका मतलब फायरिंग हुआ है हरियाणा

पुलिस मना कर रही है लेकिन जो फायरिंग के
फोटोग्राफ मतलब जो ऊंड के फोटोग्राफ देखे
मैंने उस शहीद के 21 साल का लड़का है मुझे
मुझे लगता है कि ये खबर जब पूरे पंजाब
हरियाणा में फैले गी या देश भर फैले गी

इसका एक रिप्लिकेशन होगा लेकिन दीपक
भाई मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि
पहली बार मैं जो कुछ बोलूं वो साबित नहीं
हो मैं भगवान से फिर से प्रार्थना करता
हूं कि जो मैं बोलने जा रहा हूं वो ये ना

हो इस भगवान की प्रार्थना के साथ मुझे
लगता है कि क्या हम जालियन वाला बाग टू के
लिए तैयार होना चाहिए क्या एक नया जनरल
डायर दिल्ली में बैठा हुआ है क्या किसानों
के ऊपर वैसा ही जालियन वाला बाग में जो
हुआ वो फिर से होने वाला है यह आशंका मुझे
जिस हिसाब से जिस हिसाब से पुलिस

आक्रामकता दिखा रही है और पंजाब बॉर्डर पर
ही इस आंदोलन को समाप्त करने का या रोंग
देने का प्रयास कर रही है यह एक भयावह
इंडिकेशन है क्योंकि किसान शांतिप्रिय

तरीके से बात कर रहा है किसान ड्रोन झेल
रहा है किसान सब कुछ कर रहा है लेकिन
किसानों को यदि आप भड़का होगे तो मैं एक
बात बता दूं आपको कि वह जनरल डायर था

पर मार डाला था यदि किसान आमने सामने है
तो फिर यह पंजाब का किसान है जिस पंजाब ने
इस देश पर तमाम आक्रमणों को झेला है बस
भगवान से प्रार्थना करता हूं कि य ना
टाइगर मैं भी मैं भी मैं भी ईस यही

प्रार्थना करता हूं कि मैं झूठा साबित हूं
या मैं बारबार प्रार्थना करता हूं भी
ईश्वर से टाइगर यही है कि यह जो खबर आपने
बताई कि एक 22 साल का जो किसान था युवा
किसान जिस तरह से उसकी मौत हुई है हमारे

साथ गुरजीत भाई भी जुड़ गए हैं और आज की
तारीख में बड़े हस्ताक्षर है जहां तक
किसानी की बात है वह हिसार से जुड़े हैं
और हमारे साथ बॉर्डर से कुछ दूर पर इस
वक्त जगदीप साहब है जगदीप भाई यह बताइए जो

मैं सवाल आपसे पूछ रहा हूं क्या इस टकराव
को अब खत्म किया जा सकता है कोई ऐसा हल है
जगदीप भाई कि किसी तरह तर से यह जो टकराव
है यह डाइल्यूट हो जाए आज जो स्थितियां है
जो टकराव आमने सामने की स्थितियां है वो
बड़ी बहुत ही बहुत ही संकट दायक है अब

आपको बता देता हूं जो मेरे सूत्रों से
मुझे पता चला है उन घटनाओं में जो सुरक्षा
बल के लोग थे उन्होंने जिस तरह से व भीड़
को नियंत्रित किया या वहां जो लाठी चार्ज
वगैरह किया और जो गाड़ियों और ट्रैक्टर को
क्षति

पहुंचाई उसके बाद वहां यह भी बताया जा रहा
है कि कुछ नारे भी लगाए गए हैं और वो नारे
एक धर्म पर्टिकुलर की वो जो नारे आज के
दिन चल रहे हैं उसी तरह के नारे लगे हैं
ये स्थिति मैं ये मानता हूं मैं आपके पा

रहा हूं देखिए मेरा ये जो हम प्रोग्राम कर
रहे हैं हम नहीं चाहते हम लोग चाहते हैं
कि पीस रहे किसी भी तरह से बात सरकार की
नहीं है आज मैं बात सरकार की भी नहीं कर
रहा हूं ना मैं बात आंदोलन कायों कर रहा
हूं मैं बस चाहता हूं कि वायलेंस नहीं

होनी चाहिए कोई भी जान जाएगी अपने देशवासी
की जान जाएगी किसान भी इसी देश का बेटा है
पुलिस वाला भी इसी देश का बेटा है मान साब
आप तो पूरे पंजाब के एक्सपर्ट हो हरियाना

के एक्सपर्ट हो ऐसा कोई किसान नेता नहीं
जो आपसे रिसर्च करके ना जाए आप सब कुछ समझ
रहे हो यह मुझे को बताओ कि अगर सरकार नहीं
मानती है अगर सरकार नहीं मानती है तो यह
ये जो किसान है जो लाखों की संख्या में

क्याय वापस जा सकते हैं या अब ये लौटेंगे
नहीं घर ये दिल्ली ही जाकर मानेंगे मान
साहब जी दीपक जी जैसे सिंधू साहब ने कहा
कि बहुत इसको संवेदनशीलता के साथ टैकल
करना पड़ेगा सरकार के उच्च अधिकारियों को
और मंत्री गणों को सरकार का मानना या माना

एक अलग बात है कोई भी डिस्प्यूट जब होती
है तो बोन ऑफ कंटेंशन पहले देखनी होगी कि
एमएसपी सबसे बड़ा इसमें मुद्दा बन के निकल
कर आया हाला की बहुत सारी डिमांड्स और भी
है इसमें सबसे जो बड़ी दिक्कत मुझे नजर आ

रही है कि इसमें डिले बहुत हो गई जब नवंबर
2021 में प्रधानमंत्री जी ने खुद गुरुपूरब
वाले दिन आकर

के कृषि जो कंट्रोवर्शियल कानून थे उन्हें
रिपील करने की अनाउंसमेंट की उससे लेकर अब
तक लगभग
26 27 महीनों का लेकिन उन

का नतीजा कुछ
नहीं आया उस परे किसी भी लॉजिकल एंड तक
जाने की कोशिश मुझे लगता है कि सरकार
द्वारा नहीं की गई अगर ऐसा होता या मैं तो
यहां तक भी कहता हूं कि अगर अगर जैसे
हमारे कुछ इकॉनम कहते हैं कि एमएसपी

पॉसिबल नहीं है तो गवर्नमेंट शुड हैव कम
विद क्लीन हैंड्स कि देखिए आपकी डिमांड
वाजिब हो सकती है लेकिन हमारे लिए यह
पॉसिबल नहीं है कि इतना बड़ा खर्च जो है

देश अभी नहीं सहन कर सकता और वो कह देना
चा चाहिए था समय रहते उसके बाद हो सकता है
कुछ किसान रुष्ट हो जाते कुछ सरकार की बात
समझते कुछ औरों को समझाते तो सिचुएशन
डिफ्यूज हो जाती अगर अगर यह सरकार नहीं
मानी बात तो आपको क्या लगता है कि यह

किसान घर लौटेंगे ट्रैक्टर वापस जाएंगे
गांव जाएंगे या अब यह ट्रैक्टर दिल्ली
जाएंगे आपको क्या लग रहा है दिल्ली जाएंगे
या नहीं वो देखो सरकारी सरकार के बंदोबस्त
पर होता है जिस तरह का बंदोबस्त इस दफा
किया गया है खास कर करके हरियाणा में ऐसा
कभी मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा इतने

जो कठोर स्टेप्स लिए गए हैं चाहे वह
बॉर्डर्स को बंद करने की बात है चाहे
इंटरनेट सर्विसेस को बंद करने की बात है
चाहे जगह जगह चेकिंग है चाहे इंटेलिजेंस

सर्विसेस ड्रोन को यूज किया गया है यर
गैसेस यूज किए गए हैं और जो सबसे एक जो आज
की घटना है जैसे आपने भी एक कामना की कि
ईश्वर करे कि यह पुलिस की गोली से से ऐसा
ना हुआ हो लेकिन हुआ तो है ना वो मौत तो

एक मुझे लगता है कि पुष्टि उसकी हो चुकी
है और अभी उसको लेकर भी किसानों में कोई
भड़का नहीं आया उन्होंने उसको यह तो माना
है कि यह बहुत एक बहुत ही एक दुखद घटना
हुई है लेकिन उत्तेजना तो उनमें नहीं

दिखाई दे रही इसलिए स किसान मुझे नहीं
लगता कि जैसे खास करके पंजाब हरियाणा एक
ही मैं मानता हूं अब बाद में पॉलिटिकल
डिवाइड हो गए नेचर हमारे दोनों स्टेट के
किसानों की एक ही तरह की है यह वापस जाने
वाले लोगों से लोगों में से नहीं है यह

वही लोग हैं जो इंटरनेशनल बॉर्डर्स पर देश
की रक्षा करते हैं वहां से भी ये कभी लौटे
नहीं शहीद हो जाते हैं वही लोगों के बच्चे
बेटे किसान हैं वही लोगों के बेटे जवान

हैं तो वापस नहीं आएंगे टाइगर बड़ी बात क
उन्होने कहाय दो भाई हैं एक भाई सिंधु
बॉर्डर पर है जो किसान है और उसका दूसरा
भाई बॉर्डर पर खड़ा है पाकिस्तान के

बॉर्डर पर खड़ा है और इन दोनों भाइयों की
खासियत इनका डीएनए य है य शहीद हो जाएंगे
वापस नहीं लौटेंगे यह पीठ नहीं करते तो
अगर यह पंजाब के किसान अगर यह इस लेवल पर
पहुंच गए कि अब हम वापस नहीं जाएंगे अब

चाहे कुछ हो जाए मुझे लगता है कि मोदी
सरकार को अब क्या करना चाहिए इलेक्शन से
कहीं ज्यादा जरूरी इसमें हल निकालना है
लाखों किसान

है अब क्या सरकार को करना
पड़ेगा देखिए दीपक भाई मानवीय चेहरे और
मानवीय चरित्र के साथ ही आप य अपील कर
सकते हो अमानवीय सत्ताधर सुल्तान को सामने
आप यह बात नहीं कर

सकते पिछले चुनाव पिछले जब आंदोलन में 700
किसान मरने के
बाद यदि देश का अभिभावक यह कहे कि मेरे
लिए मरे

सकती तो उस जगह से
आप और क्या अपेक्षा कर सकते हैं वहां
सिर्फ चुनाव की राजनीति समझते हैं चुनाव

का गणित समझ में आता है
उनको उत्तर प्रदेश का चुनाव था जीतना
जरूरी था तो तीन कानून वापस लिए और उत्तर
प्रदेश का चुनाव अदि एक साल बाद होता तो
शायद आंदोलन एक साल और

खींचता यहां सिर्फ सत्ता का गणित सत्ता का
भाग जोड़ यही देखना है कौन किसान की चिंता
करता है
क्या फर्क पड़ता है किसान को क्या दिया
क्या नहीं
दिया कौन सा इकोनॉमिस्ट है आपने क्यों

स्वामीनाथन को भारत रत्न दिया किसलिए दिया
क्यों दिया आप सरकार देश के साथ फरेब करना
चाहते
हैं भारत की तोहीन करते आप स्वामीनाथन को
दे
के क्योंकि य स्वामीनाथन को दे के भारत

रत्न की आप इज्जत बढ़ा रहे हैं तो फिर
स्वामीनाथन के उस प्रपोजल का क्या हुआ
स्वामीनाथन को क्या आप आप उस चेहरे को दे
रहे हैं आप फोटोग्राफ को दे रहे हैं भारत
रत्न स्वामीनाथन की उस रिपोर्ट को भारत

रत्न मिला है जिसने ग्रीन रिवोल्यूशन किया
है और इस देश में जो हरित क्रांति हुई है
वह पंजाब और हरियाणा में हुई
है आपने क्या किया एमएसपी यह स्वामीनाथन
रिपोर्ट की मांग है सीटू प्लस 50 पर य

स्वामीनाथन का फार्मूला
है य किसान ने अपने खेत में उगाया हुआ
फार्मूला नहीं है
और आपने पिछले आंदोलन खत्म करने के टाइम
पर आपने अग्रवाल कमेटी नियुक्त की थी आपने

बोला था कि हम स्वामी य देंगे
आपको लेकिन आपकी आपकी मीटिंग क्या होती है
चाय पानी समोसा किसान इसी समोसे खाने के
लिए आएगा क्या आपके
पास किसान हल चाहता है 36 मीटिंग हुई थी
वर्तमान में जो स्पीकर है मध्य प्रदेश के

व ग्रह मंत्री व किसान कृषि मंत्री थे र
साब हर मीटिंग के बाद बाहर आक कहते थे बत
अच्छी मीटिंग हुई पॉजिटिव रिप्लाई आएगा
क्या पॉजिटिव
हुआ कौन सी मांग मांगी

गई आप एमएसपी देते हैं 23 उपजो
को किसान वो एमएसपी भी एग्री कर गया चलो
भाई वो एमएसपी अभी भी % नहीं देता है
प्रॉफिट मैं कई बार आवान कर चुका हूं मेरे
गांव में मेरे नाम की हमारे पुर्जो के एक
आठ एकड़ जमीन है मैं किसी भी सत्ता पक्ष
के इंसान को वो जमीन देने को तैयार हूं जो

चाहे उपज निकाल ले और एमएसपीपी बेच के 50
प्र प्रॉफिट दिखा दे पत्रकारिता छोड़
दूंगा जीवन भर के लिए गुलामी अपना
लूंगा जी जी लेकिन आप एमएसपी की खेल क्या
है आप एमएस आप मोदी जी पूरे देश में

गारंटी लेकर घूम रहे हैं हर बात की मोदी
की गारंटी हर बात की मोदी की गारंटी फिर इ
किसानों ने क्या किया 60 प्र आबादी है इस
देश की यदि वो किसान बोलते कि भाई गारंटी
बांट ही रहे हो तो हमारे एमएसपी की भी दे
आप एमएसपी पर खरीद रहे कि नहीं खरीद रहे
सरकार बताए सरकार एक आंकड़ा देती है कि

हमने इतना अनाज एमएसपी प खरीदा जब आप खरीद
ही रहे हो तो उसको गारंटी दे दो
ना आप एमएसपी पे जिस एमएसपी प आप खरीद रहे
हो उसम 00 किलो आटा किसने
खरीदा यूनिवर्सिटी प आप छोटे आंकड़े

फैलाते हो कहां से इकोनॉमिस्ट लाए
आप मजाक मजाक समझते हो आप किसानों को
सिर्फ चुनाव नजदीक आएंगे तो आप सामने आ
जाते हैं किसानों को खालिस्तानी कहते हैं
शर्म आनी चाहिए किसी भी पगड़ी धार को
खालिस्तानी कहते
समय अने अपने बाप दाता होग तुम्हारे
गद्दार किसी को खालिस्तान बोला तुमने
लितानी
बोला इस पगड़ी ने इस देश की रक्षा की है
जब जब देश पर आक्रमण हुआ है पंजाबी लड़ा
है सबसे आगे गुजरात और महाराष्ट्र नहीं था
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश नहीं
था आकारी टूट पड़े तो पंजाब में पड़े और
पंजाब ने सबसे पहले रोका
है श्री गुरु की शहादत देखो जब गुरुद्वारे
में जाते हैं तो उनको जूते मार के भगाने
चाहिए यदि किसी भी सरदार को आप खालिस्तानी
बोलते हो तो शर्म आनी
चाहिए टाइगर आप इमोशनल हो रहे टाइगर एक
ग्लास पानी पल नहीं एक आईपीएस ऑफिसर को
आपने खता बोल
दिया सत्ता पक्ष की तरफ से एक बात नहीं
होती ी न ्र मोदी से लेक अमित शाह तक मुह
प तारा लग जाता
है कूल कूल कूल कूल एक मिनट आ रहा गा आ
रहा आ रहा ना इतिहास ना ज्योग्राफी जानते
हैं इस देश का संधू साहब मैं एक चीज पूछना
चाह रहा था कि आप तो क्योंकि इंटेलिजेंस
ऑफिसर्स के भी टच में है और पुलिस वालों
के भी टच में वो जो फीडबैक आ रहा है आपको
क्या लगता है कि आज जो कांड हुआ जो घटना
हो गई मैं बहुत डिटेल में नहीं जा रहा हूं
क्योंकि गोली लगी या जो भी है एक मौत हुई
है है इसके बाद क्या आपको लगता है कि यह
जो बॉर्डर पर जो किसान है यह गिनती बढ़ेगी
और अभी तादाद बढ़ेगी किस तरह का फीडबैक आ
रहा है गांव-गांव से क्या और भी ट्रैक्टर
आ रहे हैं पंजाब से हरियाणा से ट्रैक्टर आ
रहे हैं क्या इस
तरफ देखिए निश्चित रूप से इसका प्रभाव
धीरे धीरे बढ़ रहा है फैल रहा है और ये
कुछ गतिविधियां बढ़ रही है और यह भी समझ
में आ रहा है य अभी आएगा और रिपोर्ट भी
आएगी
कि कौन-कौन से इलाकों में कहां-कहां से
लोगों का मोबिलाइजेशन होना शुरू हुआ लोगों
की प्रतिक्रिया क्या है और मुझे लगता है
कि अगले एक घंटे के बाद कुछ और चीजें
क्लियर हो जाएंगी कि किस प्रकार की
प्रतिक्रिया यहां होने लगी है आपको एक और
बात बता देता हूं कि जिस तरह की घटना हो
रही है और जिस तरह से इनको ट्रीट किया जा
रहा है जो अभी अशोक जी ने बोला यह वो लोग
हैं जब भी आक्रांता इस देश में जिस रास्ते
से आए वो गंगानगर से लेकर कांगड़ा तक 620
किलोमीटर का इलाका है और यही वो लोग हैं
जिन्होंने हमेशा भारत की अस्मिता को बचाने
के लिए अपने खून का बलिदान दिया और आज जो
ये बॉर्डर्स पर खड़े हैं और यह जो हरियाणा
पंजाब और राजस्थान के इलाके में जो भी ये
लोग हैं ये उस बलिदानों के जिंदा शिलालेख
है जी ये उस उस उस जिंदा तो सरकार को ये
समझना चाहिए कि यह जो मांगे हैं और यह जो
लोग हैं यह कोई नाजायज मांग नहीं कर रहे
हैं यह सरकार को केवल अपना वायदा याद
दिलाने के लिए आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे
हैं जो अभी सिंधु साहब ने कहा सिंधू साहब
ने कहा कि भाई बॉर्डर पर मोबिलाइजेशन हो
रहा है यानी तमाम ट्रैक्टर ॉलिया अलग-अलग
गांव से निकलकर बॉर्डर की तरफ बढ़ रही है
यानी और जत्थे बंदिया आ रही है और जत्थे
जो है किसानों के चल रहे हैं कूच कर रहे
हैं धीरे-धीरे
जो स्थिति अच्छी नहीं है अगर यह
मोबिलाइजेशन हो रहा है यानी भीड़ बढ़ रही
है तो अच्छी बात नहीं है हालांकि पुलिस
हरियाणा में जगह जगह उनको गांव गांव तहसील
तहसील शहर शहर रोकने की कोशिश कर रही है
हाईवे पर बट कंसंट्रेशन बढ़ रहा है एक चीज
मान साहब ने कही मान साहब ने कहा कि भाई
अभी भी एक सलूशन है एमएसपी पर हां कर
दीजिए और केस खत्म करिए मामला ठंडा करिए
मोदी जी एमएसपी पर क्यों नहीं तैयार हो
रहे क्या उनको लगता है यह जिद का सवाल है
पीछे नहीं हटना है या मोदी जी हमेशा गलती
करने के छ महीने बाद ही पीछे हटते
हैं जिद है अहंकार है दिल्ली के सुल्तान
को देने की आदत है मैं खैरात बाटूंगी मुझे
मांगिए मत यदि आपने जायज मांग मांगी तो
फिर ये प्रजातंत्र हो गया प्रजातंत्र में
बिलीव कौन करता
है क्या किसान कानून लाने के पहले डिस्कशन
हुआ था आधे घंटे के अंदर तीन डिस्कशन
लोकसभा
में मजाक समझ के रखा
है कौन स्टेकहोल्डर से बात हुई थी व
अहंकार था व मद था वो अहंकार सामंती और
तानाशाह की तरफ लेकर जा रहा है इस देश को
इसीलिए एमएसपी कोई बड़ी बात नहीं है मैं
बारबार कह रहा हूं एमएसपी बड़ी बात एमएसपी
प किसान तब बेचता है जब मार्केट में कीमत
कम होती है जी जी जी नहीं टाइगर मैं समझ
गया समझ गया स लेकिन आप लेकिन आप एमएसपी
की गारंटी नहीं देना चाहते क्योंकि आपने
जिद पकड़ी
है टाइगर मैं समझ गया बहुत अच्छी बहुत
अच्छी बातें आज सामने आई है समय
क्योंकि हमें और ज्यादा समय नहीं मिल
पाएगा आखिर में मैं चीज कहूंगा कि जैसा कि
हमारे एक्सपर्ट्स ने कहा और टाइगर ने भी
कहा कि कहीं ना कहीं जिद है और सिंधू साहब
जो बॉर्डर के करीब हैं और इस वक्त हमारे
साथ जो कृषि एक्सपर्ट है मान साब इन्होंने
कहा कि एमएसपी के अलावा कोई रस्ता नहीं है
किसान पीछे हटने को तैयार नहीं तो एक तरफ
किसान पीछे हटने को तैयार नहीं है बल्कि
और ज्यादा किसानों का जत्था बड़ा होता जा
रहा है घर-घर से ट्रैक्टर निकल रहे हैं और
आज जो घटनाएं हुई कुछ जिसमें एक युवक की
मौत भी हुई कुछ घायल भी वो भी अच्छा नहीं
वो अच्छे संकेत नहीं है बेहतर यही होगा कि
अगर किसान वापस नहीं जा रहा है तो किसी को
तो टाइगर झुकना होगा और मुझे लगता है
सरकार को ही झुकना पड़ेगा इस लोकतंत्र में
तो तय मोदी जी को करना है मोदी जी को अगले
24 घंटे में तय करना है कि उनको झुकना है
या फिर बढना है और बाकी देश देख रहा दूरे
शब् मैं दूसरे शब्दों में कहूंगा मोदी जी
को यह तय करना है कि उन्हें अपनी मन की
बात करनी है या किसान भाइयों की बात सुननी
भी है बस जी हां किसानों की सु झुकने का
सवाल नहीं है अपनों के बीच में क्या झुकना
अरे मोदी जी के उम्र दराज मोदी जी से भी
सीनियर लोग हैं जो बैठे बॉर्डर पर जाकर
देखिए दीपक भाई ब फसला
मोदी अपन के बीच में अपनों के बीच में
उनकी सुनना आखिर यह देश 60 प्र किसानों का
है भाई यह देश किसानों का
है देश के लिए मोदी जी करना चाहते हैं तो
फिर किसानों की बात क्यों नहीं सुनी जाएगी
उसम क्या अपमान क्या मान और क्या अपमान
य आप अपने देश आप अपने को प्रधानमंत्री
माने
तो लोकतंत्र माने तो संविधान माने तो
मतदाता माने तो किसान माने तो आप
खालिस्तानी मानो अपने आप को तानाशाह मानो
इस संविधान को मानो मत और लोकतंत्र को
पैरों के नीचे कुछ लो तो फिर कुछ भी नहीं
कुछ चलिए सरकार को डिसाइड करना सरकार को
डिसाइड करना है देखते हैं आगे 24 घंटे में
क्या होता है संधू साहब आप बॉर्डर पर
जुड़े आपने कहा कि किसी पेट्रोल पंप पर आप
बैठे हुए हैं और जिस तरह से आपने आज शाम
को आए मुझे बहुत-बहुत शुक्रिया आपका मान
साहब आपका भी बहुत-बहुत शुक्रिया इस
प्रोग्राम में शामिल हुए और टाइगर आपका तो
शुक्रिया ही और आज जो आप इमोशनल आपने
बातचीत करी मुझे लगता है एक एक लव्ज अगर
सरकार सुने तो यह मसला 10 मिनट में हल हो
जाएगा बहुत-बहुत शुक्रिया और इस बेधड़क
बातचीत और ये जो बिंदास बेबाक बातचीत हुई
है कैमरे पर थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग
दिस
प्रोग्राम

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