Sandeshkhali Case: आपबीती सुनाते हुए पीड़ित महिला ने बताई अपनी तकलीफ, ‘पुलिस-प्रशासन से भरोसा खत्म’

आसपास वाले बताते थे कि उनके साथ भी
जबरदस्ती उनको उठा के लेकर गया रात भर रखा
सुबह छोड़ दिया जाता था उनकी साथ वो लोग
आप देखो कैमरे के सामने कोई आना नहीं
चाहता है डरे हुए हैं प्रशासन इनको कोई

हेल्प नहीं करते वो लेके जाता था अब देखो
कमरे के अंदर क्या होता है वो तो हम
डिटेल्स में बता नहीं सकते लेकिन ले लेके
जाता था नहीं बोलने की हिम्मत कैसे करेगा

उनको पति उनकी पतियों को मारने की धमकी
देता था मर्डर करने की धमकी देता था
बच्चों को उठाने की धमकी देता था मान
सन्मान जो है वो वापस वो मिलेंगे दोबारा
से जो हमें उठाकर पीटता था मारता था जो

लड़कियों को उठाकर ले जाता था वो मान
सन्मान वापस कर सकता है क्या यह पुलिस
राज्य पुलिस कभी नहीं पकड़ेंगे आप लोग
अत्याचार चल रहा था इतने दिनों से अभी
किसलिए आप लोग निकल के आए हमारा जबरदस्ती
जमीन ले लिया गया है जो किसान यहां पर धान
की खेती करते थे धान व उस टाइम काटा भी
नहीं है

धान फल रहा था उसी धान के ऊपर से खरा पानी
उठा चढ़ा दिया गया है और उनका किसानों को

बोला गया कि लीज देंगे जो सालाना लीज होता
है वह भी नहीं दिया गया न साल हो गए एक भी
पैसा नहीं मिला किसानों को जबरदस्ती काम
कराता था लड़कों को रात को 12:00 बजे
लड़को लड़की दोनों को ही गांव से उठा के

ला ले जा ले जाता था और काम करा के कोई
पैसा नहीं देते थे चाहे घर के आदमी बीमार
हो उनको भी उठा ले जाकर काम कराता था पैसा
नहीं मिलते थे महिला के महिला को महिलाओं
को जब सुनने को आया है महिला को
जैसे हमारे साथ तो यह हुआ नहीं है आसपास
वाले बताते थे कि उनके साथ भी जबरदस्ती
उनको उठा के लेकर गया रात भर रखा सुबह

छोड़ दिया जाता था हमें भी बोला गया था कि
12 बजे मीटिंग है जाना पड़ेगा हमने कभी गए
नहीं है नहीं बैठक रखता था रात रात को फोन

करता था काम करवाता था हां हा क्या क्या
काम करवाता था पार्टी का जो काम होता है
यहां पर जो पार्टी ऑफिस साफ करवाना हो
स्कूल जैसे कोई कैंप लगनी है तो साफ कर
करवाना हो जो हमारा फुटबॉल जो ग्राउंड था

वह साफ करवाना हो वो ग्राउंड हमारा
सर्वजनिन था अब वो शेख शाहजन नाम फुटबॉल
की नाम से हो गया है वहां पे किसी का आना
जाना बंद करवा दिया वहां पे चारों तरफ जो

हम पेड़ पौधा लगा हुआ था पंचायत से वो
सारे पेड़ पौधा काट लिया गया वो लेके अपना
खुद का घर का फर्नीचर बनाया गया है जैसे
यहां लड़की को बयानबाजी आ रहा था यहां से

जो महिलाएं हैं सुंदर दिखने में है हां
हां
क्या उनके साथ वो लोग आप देखो कैमरा के
सामने कोई आना नहीं चाहता है डरे हुए हैं

प्रशासन इनको कोई हेल्प नहीं करते आप सब
चाहते हैं कि हम पुलिस के ऊपर कोई भरोसा
नहीं है इस सरकार के ऊपर कोई भरोसा नहीं
है कि तरीके से उन लोग जैसे उसका हस्बैंड
है उसके सामने उसको लेके जाता था हां वो
लेके जाता था अब देखो कमरे के अंदर क्या
होता है व तो हम डिटेल्स में बता नहीं

सकते लेकिन लेकर जाता था तो बोलने का
हिम्मत नहीं करता था कोई नहीं बोलने की
हिम्मत कैसे करेगा उनको पति उनकी पतियों
को मारने की धमकी देता था मर्डर करने की

धमकी देता था बच्चों को उठाने की धमकी
देता था कौन इतना लाइफ रिक्स लेके कौन ये
बात करेंगे किसी का कमर ड़ दिया है किसी
का हाथ प तोड़ दिया हां हां हां लेडीस को

मार लेडीस को भी मार पिटाई होती थी वहां
पर अंदर और उसका हस्बैंड को भी हां हाथ
हाथ पैर तोड़ दिया जाता था बस्त बिस्तर से
उठ नहीं पाते थे ऐसे हालत कर तीन चार दिन
तक वो हॉस्पिटल में एडमिट भी रहा है ऐसे

बहुत लोग हैं अच्छा कल जो 144 कोर्ट हाई
कोर्ट ने उसको उठा दिया था फिर से आज
इंप्लीमेंट कर दिया है इसके बारे में आप
लोगों का क्या बोलना है हम नहीं चाहते थे
144 रहे हम नहीं चाहते
हैं तो फय लोग क्यों किया ये लोग हमारा
आंदोलन जो है चल रहा है जमीन नारी के ऊप
अत्याचार लेकर जो आंदोलन हम लोग रास्ते पर

उतर गए वो आंदोलन बंद करने के लिए यह 144
लगा रहे है लेकिन हम उसको मानेंगे
नहीं जरूरत पड़े तो जो हम तोड़ देंगे ये
अच्छा कल टीएमसी सरकार के हम हम हम हम कोई
पार्टी के लिए नहीं हम आम आदमी हैं हम
किसी भी पार्टी की तरफ से हम बात नहीं जो

भी आंदोलन में आए वोह हर पार्टी का है
चाहे वो टीएमसी के यहां पर कोई पार्टी है
ही नहीं सारे टीएमसी है जो यहां प बीजेपी
का
एक था एक कर्मी था उनकी वाइफ को भी टीएमसी
में वोट दिया गया
जबरदस्ती अच्छा ये कल मंत्री आके बताया जो
आपका जो रोजगार है जो उन्होने नहीं दिया
है वो आपको दिया जाएगा नहीं वो देने से
क्या होता है हमें अपना जमीन चाहिए हमारा
मान सन्मान जो है वह वापस चाहिए वह
मिलेंगे दोबारा से जो हमें उठा के पीटता

था मारता था जो लड़कियों को उठा के ले
जाता था वो मान सन्मान वापस कर सकता है
क्या कौन कन करता था नाम क्या है य शाहजन
उसके वाहिनी में है सिबू उत्तम संजू
रंजू और और भी बहुत है आप लोग जो आंदोलन

कर रहे हैं उसके बाद से आप लोग के ऊपर
कैसे रात भर हम सो नहीं पाते रात को आके
गेट में खिड़की में दरवाजा खिड़की दरवाजा
में वो लोग खोलने की बोलते रहता है लेकिन
हम खोलते नहीं है अब पुलिस है कि आम इंसान
है यह तो पता नहीं है लेकिन सारा
यूनिफॉर्म में नहीं रहते हैं रात को जब
आते है वो लोग 12 बजे की बाद 1 बजे की बाद

आके टच मारते हैं गेट गेट पीटने लगता है
लेकिन हमने कभी खोले नहीं है हम जो न्यूज

में यह बात कर रहे हैं हमें भी डर रह रहा
है कि रात को हम घर पर रह पाएंगे कि नहीं
यह डर भी सताते हैं इतने दिन हो गया है
अभी उसके बाद पुलिस के ऊपर आप लोग का
भरोसा आया है नहीं हमें पुलिस के ऊपर कोई
भरोसा नहीं

है जो पल सुल्ताना बोलके जो आया है आप लोग
से बात करने के लिए सब कुछ रिपोर्ट लिया
कुछ हुआ है उसम नहीं कुछ नहीं हुआ
है अभी आप लोग किस सिचुएशन में है अभी हम

क्या चाहता हम तो डरे हुए हैं प्रशासन के
ऊपर भी हमें भरोसा नहीं है हम जो आंदोलन
कर रहे वो
आगे भी करेंगे जब तक य शाजन पकड़ा ना जाए
तो आप लोग को लगता हैन य पुलिस वाला
पकड़ेगा
क्या यह पुलिस राज्य पुलिस कभी नहीं

पकड़ेंगे साजन को सजान को शिवू को कभी
नहीं पकड़ेंगे राज्य
[संगीत]
पुलिस

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