Sanjay Raut ने खाई कसम, Thackrey को तबाह करके मानेंगे !

नमस्कार मैं हूं आपके साथ रोहित और आप देख
रहे हैं एप न्यूज याद कीजिए महाराष्ट्र की
राजनीति का वो दौर जब बीजेपी से बगावत
करके उद्धव ठाकरे एनसीपी और कांग्रेस से
जाकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए थे

तब एक नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में था वह
नाम था संजय राउत का कहते हैं कि संजय
राउत की हट थी कि भाजपा के साथ सरकार तब
तक नहीं बनाएंगे जब तक मुख्यमंत्री

शिवसेना का नहीं बनेगा हालांकि राउत की यह
हट काम नहीं आई थी और बीजेपी से शिवसेना
की बात नहीं बन पाई थी जिसकी वजह से

बीजेपी और शिवसेना के रास्ते उस वक्त अलग
हो गए थे और इसमें सबसे बड़ी भूमिका संजय
राउत ने ही निभाई थी फिर इसके बाद शिवसेना
के साथ जो कुछ हुआ उसकी कल्पना कोई भी
नहीं कर सकता था दरअसल विचारधारा से अलग

जाकर ठाकरे ने जिस तरह से सरकार बनाई उसके
बाद शिवसेना पार्टी टूट गई इसका भी सबसे
ज्यादा दोषी संजय रावत को ही माना गया

क्योंकि उनकी जिद्द के आगे किसी की एक भी
नहीं चली थी मुख्यमंत्री शिवसेना का बनेगा
संजय राउत का कोई आशा आकांक्षा हमेशा कभी
ना ना मंत्री बनने की रही

मुख्यमंत्री बनने के र मैं मेरे पार्टी के
लिए काम करता हूं मैं मेरे पार्टी प्रमुख
पार्टी चीफ उद्धव ठाकरे जी के लिए काम
करता हूं मैं महाराष्ट्र के लिए अब यही

वजह रही कि 2022 में एकनाथ शिंदे ने 39
विधायकों के साथ बगावत कर महाराष्ट्र में
एक नया सियासी संग्राम छेड़ दिया था और
बीजेपी के साथ जाकर सरकार बनाई और खुद
मुख्यमंत्री बन गए इसी के साथ शिवसेना टूट

गई और फिर असली शिवसेना के मालिक एकनाथ
शिंदे बन गए और शिवसेना यूवीटी उद्धव
ठाकरे के हिस्से में आई हालांकि इतना सब
कुछ हो जाने के बाद भी संजय रावत की जुबान
पर ताला नहीं लगा और वह लगातार मोदी और

सिंधे सरकार पर हमलावर रहे उनके बयानों ने
उद्धव की खूब मुश्किलें बढ़ाई लेकिन राउत
है कि रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं अब एक

बार फिर से 2024 का लोकसभा चुनाव सामने है
तो संजय राउत खूब जुबान खोल रहे हैं और
शिंदे पर जमकर हमलावर हैं जिससे यह समझ
आता है कि 2022 में जिस तरीके से शिवसेना
टूट गई और ठाकरे की कुर्सी चली गई उसका

दर्द आज भी संजय राउत के दिल में है
इसीलिए ताजा बयान में राउत ने जमकर भड़ास
निकाली है और शिंदे पर खूब तीखा तंज कसा
है दरअसल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के
नेतृत्व वाली शिवसेना ने कोल्हापुर महा

अधिवेशन में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार
प्रधानमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव पारित
किया जिसके बाद शिवसेना यूबीडी के सांसद
संजय रावत तिलमिला गए और शिंदे को बीजेपी

का गुलाम और नौकर बता दिया संजय राउत ने
अपने बयान में कहा वो बिना सिर पैर की
बातें कर रहे हैं मोदी और शाह के साथ रहकर
उन्हें झूठ बोलने की आदत लग गई है वह
मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं इसीलिए
उन्हें कुछ भी बोलने का लाइसेंस नहीं मिल
गया है हमने कभी भी बाला साहब की शिवसेना

को दिल्ली के चरणों में नहीं रखा उनकी
लाचारी तो देखिए कि शिवसेना का महाधिवेशन
और मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का

प्रस्ताव पास हो रहा है यह लाचारी की हद
है अगर आज बाला साहब ठाकरे जिंदा होते तो
इन लोगों के साथ उन्होंने क्या बर्ताव
किया होता इन लोगों की रीढ़ की हड्डी में
जोर ही नहीं बचा दिल्ली के सामने झुके जा

रहे हैं सोचिए एक वक्त अपने बयानों से
ठाकरे का सबसे ज्यादा नुकसान कराने वाले
संजय राउत अब भी थमते नजर नहीं आ रहे हैं
और अपने ताजा बयान से महाराष्ट्र के

मुख्यमंत्री को दिल्ली यानी मोदी शाह का
गुलाम बताने की कोशिश कर रहे हैं ऐसे में
लग रहा है कि 2024 के चुनाव में भी राउत
फिर से ठाकरे और गठबंधन के लिए टेंशन

बढ़ाने वाले हैं क्योंकि एक तरफ उद्धव
ठाकरे चुनाव की तैयारियों में लगे हैं तो
दूसरी तरफ संजय राउत बे फजूल की बयानबाजी
में लगे हुए हैं और लगातार र ऐसे बयान दे
रहे हैं जिससे कि ठाकरे को आने वाले वक्त

में घाटा हो सकता है बता दें कि अभी तक
इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारा नहीं हुआ
है लेकिन 48 लोकसभा सीटों में से 18 पर
शिवसेना यूवीटी ने अपने कोऑर्डिनेटर तय कर
दिए हैं यानी ठाकरे इन 18 सीटों पर चुनाव

लड़ने के लिए तैयार हैं इन सीटों पर
शिवसेना यूबीडी काफी मजबूत दिख रही है
लेकिन एक डर यह भी जरूर है कि राउत जैसे
वरिष्ठ नेताओं की बयानबाजी से कहीं फिर से
ठाकरे को घाटा ना उठाना पड़ जाए जैसा 2019

में हुआ था आपको क्याल ता है संजय राउत के
बयानबाजी की वजह से ठाकरे के लिए
मुश्किलें 2019 की तरह 2024 में भी
बढ़ेंगी कमेंट करके अपनी राय हमें जरूर
बताएं

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