Soniya ने राज्यसभा Modi की राह मुश्किल कर दी..यूपी जीतने का प्लान खटाई में पड़ा |

यूसी में दोस्तों आपका स्वागत है मैं हूं
आपके साथ राशिद जहीर रोजाना आप एक खबर
सुनते हैं कि इंडिया गठबंधन से यह नेता
चला गया यानी कि भारतीय जनता पार्टी ने
ईडी के माध्यम से या कोई लालच देकर ऐसा

आरोप लगता है किसी भी तरीके से रोजाना
नितीश कुमार जैन चौधरी फारूक अब्दुल्ला
ममता बनर्जी पल्लवी और जनाब मोहरे साहब
मतलब लगातार नेताओं को शिंदे हो पवार हो

इनके सबके खेमों के अंदर सेंध लगा रखी है
गोया क्या आपको यह महसूस करा दिया कि
इंडिया गठबंधन जैसी कोई चीज नहीं है लेकिन
कांग्रेस आई जो देश का सबसे बड़ा पुराना

दल हुआ करता था पुराना तो है एटलीस्ट उसने
क्या-क्या तैयारी की है सोनिया गांधी
राजस्थान से क्यों जा रही हैं या उनकी
बेटी प्रियंका गांधी राय रायबरेली क्यों आ
रही है और राहुल गांधी ने पूरे साउथ में

किस प्रकार से कांग्रेस के लिए जमीन तैयार
कर दी है और किसान आंदोलन को लेकर के
राहुल गांधी ने जो कहा कि अगर इंडिया
एलायंस या सरकार कांग्रेस की आती है तो हम
गारंटी नहीं कानून बना देंगे एमएसपी पर यह

इतना बड़ा मैं कह सकता हूं बिग स्ट्राइक
है कि मोदी जी की सरकार और भारतीय जनता
पार्टी के थिंक टैंक में यह बात समझ नहीं
आ रही है कि अब हम किस प्रकार से इनको एक
बंदे करके तोड़े और लोगों को बताएं कि
इंडिया गठबंधन जैसी कोई चीज नहीं है मैं
आपको दर्शकों सिलसिलेवार बताता हूं कि

सोनिया गांधी के बारे में फैसला लिया गया
कि वह राजस्थान से राज्यसभा राज्यसभा में
जाएंगी अब उनकी तबीयत भी कुछ इस तरह की
रहती तो राज्यसभा से जाएंगी तो राज्य से
राजस्थान और मध्य प्रदेश और यह पूरा एरिया

हर हालत में सोनिया गांधी के आने से इस पर
इंपैक्ट पड़ेगा अशोक गहलोत या तुम्हारा
सचिन पायलट और बड़े-बड़े नेताओं को लोकसभा
चुनाव लड़ना ही पड़ेगा और 25 में से 25 जो
राजस्थान की सीटें भारतीय जनता पार्टी जीत
गई थी एक हनुमान बेनीवाल की पार्टी थी एक

सीट थी वो भी उनमें आ गई थी उसमें चार पाच
10 सीटों का डेंट लग जाएगा सोनिया गांधी
इस जमीन पर आकर जाहिर सी बात है मध्य
प्रदेश और राजस्थान में कोई ना कोई सेंध
लगा देंगे साउथ के बारे में दर्शकों मैं

आपको बता चुका पहले भी कि राहुल गांधी ने
असम के अंदर जिस प्रकार से विश्व की जमीन
को उखाड़ कर फेंक दिया है तेलंगाना जिस
तरह से जीत चुकी है उससे अंदाजा यह हो रहा
कि साउथ में पहली बात तो भारतीय जनता
पार्टी का कोई रोल था ही नहीं 150 सीटों

में दोस्तों मैं आपको बताऊं 2019 में 37
सीटें कांग्रेस ने जीती थी जिसमें कर्नाटक
की 25526 शामिल थी और चार सीटें तेलंगाना
की थी तब जाकर 37 सीटें आई थी अब कर्नाटक
में जिस तरह से वहां के डिप्टी सीएम और
सिद्धा रमैया और कांग्रेस राहुल गांधी

तेलंगाना में छाए हैं और आसाम के अंदर
जमीन खाड़ी है उससे अंदाजा हो गया कि वो
37 सीटें भारतीय जनता पार्टी की कमजोर हैं
या तो कांग्रेस की तरफ जाएंगी या फिर

कांग्रेस के साथ जो जुड़े हुए संगठन हैं
तमिलनाडु में कर्नाटक में सब जगह उन लोगों
के पास जाएंगी तो पूरी 150 सीटों पर मैं

आपको बता दूं कि भारतीय जनता पार्टी का
कोई रोल अब बचा नहीं है है अब आ जाते हैं
दर्शकों हम उत्तर प्रदेश की तरफ उससे पहले
मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि राहुल
गांधी ने जिस तरह से किसानों के समर्थन
में आकर कहा कि एमएसपी का कानून वो बना

देंगे उसको लीगल कर देंगे उससे देश भर के
किसानों में हालांकि किसानों को भी फाड़ने
की कोशिश की गई है बहुत सारे बुद्धिजीवी
या भारतीय जनता पार्टी से जुड़े तत्व कोई

तो किसानों को डकैत बोलता है कोई कहता है
हिंदू किसान नहीं है इसके अंदर अरे किसान
तो किसान होता है ऐसे किसानों को गारंटी
देना राहुल गांधी की तरफ से जिनकी पिछली
गारंटी वाकई 100 फीस सही रही है चाहे वह

कर्नाटक हो चाहे वह राजस्थान हो चाहे वह
हिमाचल हो जहां-जहां राहुल गांधी ने जो जो
कहा है चा 450 का 500 का सिलेंडर हो या
फिर इंदिरा गांधी कैंटीन हो या फिर ओपीएसओ
बड़े-बड़े मुद्दे राहुल गांधी ने जो भी
पुकारे हैं जो भी बताए हैं उनको जमीन पर

लेकर आया गया है ऐसे समय में देश का किसान
15 करोड़ किसान बताया जाता कोई 12 करोड़
बताते हैं अगर यह तमाम लोग भारत जनता
पार्टी के लावे से बाहर आ गए धार्मिक

उन्माद होता से बाहर आ गए तो यकीन जानिए
कि किसानों का एक ऐसा तुरुप का इक्का
राहुल गांधी ने चल दिया है कि वो पूरे
साउथ में भी पंजाब में भी मध्य प्रदेश में
भी राजस्थान में उत्तर में शायद थोड़ा कम
लेकिन यहां पर इफेक्ट जरूर डालेगा उत्तर

प्रदेश की अगर हम बात करें तो उत्तर
प्रदेश में राय बरेली से बताया जा रहा कि
वहां पर प्रियंका गांधी को लाया जाएगा
हालांकि प्रियंका गांधी पिछली बार प्रभारी

प्रभारी बनी कोई ज्यादा रिजल्ट नहीं निकला
लेकिन इस बार हालात दूसरे हैं एंटी
इनकंबेंसी कांग्रेस के जो है भारतीय जनता
पार्टी के खिलाफ है यहां का अल्पसंख्यक

वोट ये चाहता है कि कांग्रेस आई मजबूती से
चुनाव लड़े और कांग्रेस के साथ अगर कोई
हुआ तो यकीन मानिए उसको प्लस मिलेगा वरना
वो भी माइनस हो जाएगा और ज्यादातर कोशिश य
की जा रही है प्रियंका गांधी सोनिया गांधी
के जो ताल्लुकात मायावती जी से हैं 16

तारीख यानी कि आज के बाद अगर आपको मैं खबर
दूं कि मायावती के रुख में नरमी आ गई तो
जमीन उत्तर प्रदेश की पलट जाएगी तो आप
रोजाना जो सुनते हैं ना कि साहब यहां पर य
ग बंधन का बंता चला गया इससे परसेप्शन तो
टूटा है इसमें कोई दोराई नहीं नीतीश कुमार
की वजह से परसेप्शन टूटा है लेकिन ऐसा

नहीं है कि नीतीश के जाने से नीतीश का
वोटर भी चला गया भारतीय जनता पार्टी में
नहीं पिछली बार मायावती और अखिलेश यादव
साथ आए थे लेकिन दलित मत ददा ज्यादातर
भारतीय जनता पार्टी पर चला गया था 2019 के
चुनाव में तो हालात यह है कि कांग्रेस की
जरूरत है लोगों को ना कि बाकी लोगों को

कांग्रेस की कांग्रेस की जरूरत है
कांग्रेस को इन लोगों की जरूरत नहीं है
कांग्रेस को तो यह चाहिए कई सारे
बुद्धिजीवियों का कहना कि कांग्रेस अकेले
चुनाव देश भर में लड़ेगी जिसको जरूरत होगी
वक्त जरूरत व सीट दे सकते हैं उसको लेकिन

यह बार-बार जो है ना छोटे-छोटे दल जो हैं
अपनी अब जैन चौधरी से आप क्या उम्मीद कर
रहे थे बताइए अपनी राजनीति खत्म कर दी यही
वह बंदा था जो 2014 में अपने फादर से अपने
पिताजी से 10 सीटें मिलने के बा बावजूद

भारतीय जनता पार्टी में नहीं गया लेकिन अब
साम दाम दंड भेद लालच डर ईडी सीबीआई सबको
लगाकर लोग इंडिया एलायस के गठबंधन में
बाकायदा सेंध मारी जा रही है महाराष्ट्र
को बारे में आप जान चुके हैं उद्धव ठाकरे

की टीम को तोड़ दिया गया है और वहां शरद
पवार की टीम को को तोड़ दिया लगे हाथमा
अशोक चौहाण को भी ले गए वो आदरश सोसाइटी
घोटाले के अंदर उनका नाम बता रहे थे
प्रधानमंत्री जी खुद कह रहे थे और अब आगे
राज्यसभा का मेंबर बना दिया तो देश भी इन
बातों को देख रहा है हिंदी पट्टी उत्तर

प्रदेश के अंदर कुछ थोड़ी धार्मिक उन्माद
ज्यादा है लोगों का ऐसा कहना है लेकिन फिर
भी बेसिक मुद्दे जो राहुल गांधी देश के
अंदर अकेले वाहिद ऐसे नेता हैं जो उठाते
हैं और उनकी तरफ देख रहा है कांग्रेस अगर
इंडिपेंडेंट लड़ने का ऐलान कर देती कि

जिसको आना है आ जाइए जरूरत के मुताबिक
समीकरण के मुताबिक आपको सीट दे दी जाएगी
तो यह वाला मामला राहुल गांधी के पक्ष में
ज्यादा जाएगा अल्पसंख्यक वोट पूरा उनका
पंडित वोट चला जाएगा और इंसाफ पसंद वोट जो

इस टाइम ज्यादा परेशान हो चुका है भारतीय
जनता पार्टी से वो भी कांग्रेस की तरफ आ
जाएगा तो इंडिया गठबंधन को तोड़ने की
रोजाना जो कवायद है सोनिया गांधी राहुल
गांधी और गांधी परिवार के एक्टिव होने से
दर्शकों यह रणनीति जो बताई जा रही है इसके

मुताबिक अगर राहुल गांधी जमीन पर उतर आते
हैं तो यकीन मानिए हालात दूसरे बन जाएंगे
मोदी जी बहुत समझदार व्यक्ति हैं उनको
मालूम है कि 303 सीटें जो पिछले बार 2019
में आई थी वो उनके हाथ नहीं आ रही है
बिहार और महाराष्ट्र ही उनकी 80 सीटें

खत्म करने दे रहा था लेकिन वो तो नीतीश
कुमार को तोड़ने में सफल हो गए लेकिन
नीतीश कुमार की सीट पर तेजस्वी यादव अगर
कांग्रेस आई के कैंडिडेट लड़ा देंगे तो
यकीन मानिए नीतीश कुमार का वोट बेझिझक
कांग्रेस की तरफ चला जाएगा भले तेजस्वी पर
ना जाए लेकिन महाराष्ट्र में तो अब भी

बहुत बड़ा नुकसान है और यही वजह है कि
उद्धव ठाकरे को बार-बार नगर निगम के चुनाव
से दूर किया जा रहा है भारतीय जनता पार्टी
जितने उपचुनाव लड़ रही है सब हा रही है

हार रही है और महाराष्ट्र में नगर निगम के
चुनाव एक्सटेंड इसलिए किए जा रहे हैं
दोस्तों क्योंकि उनको मालूम है कि
सहानुभूति अभी तक जो है उद्धव ठाकरे की
तरफ है शिंदे हुए या शरद पवार का भतीजा वो

अजीत पवार वो इसके पक्ष में वहां पे हवा
नहीं है मैंने आपको ओवरऑल सिनेरियो बताया
कि कांग्रेस आई किस प्रकार की रणनीति पर
काम करके 2024 के चुनाव में भारतीय जनता
पार्टी को डिफीट देने जा रही है यह जमीनी

बात है ऐसा नहीं है कि अगर वहां से जैंत
चौधरी चलेंगे तो सारा जाट वोट चला गया
नहीं उनकी मुखालिफत हो रही है जमीन पर
उनके विधायक विद्रोह कर रहे हैं आपको खबर
कैसी लगी अपनी राय कमेंट्स बॉक्स में जरूर
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हाजिर होता हूं जय हिंद

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