Survey: महाराष्ट्र की 48 सीटों का पोल..किसका डब्बा गोल ?

महाराष्ट्र में इंडि एलायस का सीट शेयरिंग
फॉर्मूला फाइनल हो गया है दिल्ली में बस
मोहर लगाना बाकी है लेकिन इससे पहले शरद
पवार ने कल बारामती में एकनाथ शिंदे अजीत

पवार देवेंद्र फडणवीस को खाने का नता देकर
आज कलों के बाजार को नए सिरे से हवा दे दी
है दो मार्च को शिंदे सरकार ने बारामती
में ही नमो रोजगार सम्मेलन का आयोजन किया
जानकार से पवार के प्रेशर पॉलिटिक्स के
तौर पर देख रहे हैं इन सब के बीच

महाराष्ट्र को लेकर ओपिनियन पोल क्या कहता
है इंडिया टीवी ओपिनियन पोल की तस्वीर
क्या कहती है इस रिपोर्ट से

समझिए अजीत पंवार सुप्रिया सुले में जंग
हुई तो जीतेगा कौन उद्धव पर क्या फिर
चलेगा नवनीत राणा का बजरंग बाण राणे
फैमिली ठाकरे फैमिली की लड़ाई बाजी किसके
हाथ

आई 48 पर अघड़ी का चलेगा जोर या नरेंद्र
मोदी दिखेंगे हर ओर महाराष्ट्र में आज
चुनाव हुए तो कौन सी पार्टी कितनी सीटें
जीतेगी

क्योंकि मामला पेचीदा है अघड़ी की इमारत
हिल चुकी है अब तक सीट शेयरिंग पर फाइनल
फैसला भी नहीं हो पा रहा है उधर मोदी के
लिए भी 48 सीट बहुत बड़ी चुनौती है मिशन
400 के लिए जो बेहद जरूरी है क्योंकि
हालात 2019 वाले नहीं है महाराष्ट्र में

पहला ऐसा चुनाव होने वाला है जहां एक नहीं
दो शिवसेना हैं एक नहीं दो एनसीपी हैं
बालासाहेब ठाकरे की विरासत के दो हकदार
हैं एक खून का वास्ता दिखा रहा है दूसरा

ठाकरे की भक्ति का रास्ता बता रहा है
महाराष्ट्र की सियासत के चाणक्य कहे जाने
वाले पवार की पावर भतीजे ने ही छीन ली है
बारामती में बेटी आएगी या भतीजा इसको लेकर
बड़ा संशय है मोटे तौर पर दो एलायंस है

जिसमें तीन-तीन पार्टियां हैं मोदी की
पार्टी के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना और
अजीत पंवार की एनसीपी है तो राहुल गांधी
के साथ उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीडी और
और शरद पवार की एनसीपी है अघड़ी की गाड़ी
भी हिचकोले खा रही है तो टीम मोदी भी बहुत

अशोर नहीं है बस सबका मोदी के मैजिक पर ही
भरोसा है लेकिन ओपिनियन पोल क्या कह रहा
है आज चुनाव हुए तो पवार के पावर सेंटर
बारामती में क्या होगा पवार का वोट बेटी

के पास जाएगा या भतीजा बाजी मार
जाएगा बारामती पवार परिवार का पावर सेंटर
है लगातार 11 बार से यह सीट एनसीपी के
खाते में रही बीते तीन चुनाव से सुप्रिया
सुले सांसद हैं उससे पहले छह बार शरद पवार
सांसद रहे हैं एक बार अजीत पंवार भी सांसद

रहे हैं लेकिन इस बार पवार की एनसीपी दो
फाड़ हो चुकी है अजीत पवार चाचा को सीधे
चैलेंज दे रहे हैं अटकले लग रही हैं अजीत

पवार अपनी पत्नी सुनेत्र पवार को उतार
सकते हैं क्योंकि फील्ड में सुनत अचानक से
बहुत एक्टिव हो गई हैं तो क्या इस बार ननद
भौजाई के बीच जंग देख ने को मिलेगी अगर
जंग हुई तो जीतेगा कौन बारामती में बड़ा
उलटफेर बारामती मतलब शरद पवार शरद पवा

र की
बेटी सुप्रिया सुले जहां से सांसद हैं
बारामती की व सीट इस बार अजीत पंवार अपने
खेमे में ले लेंगे अजीत पवार छीन लेंगे यह
बड़ी खबर पश्चिमी महाराष्ट्र से निकल कर
के आ रही है परिवार पवार परिवार का पावर
सेंटर 11 बार से जो सीट शरद पवार के पास
थी जब से मतलब उन्होंने पार्टी बनाई तब से
बीते न चुनावों से सुप्रिया सुले सांसद

उससे पहले छह बार शरद पवार सांसद रहे एक
बार अजीत पंवार भी रहे और अजीत पवार खुद
यहां से विधायक हैं इस बार चर्चा है कि इस
सीट से वो अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाए और
तो लड़ाई इस बार आप देख सक हो सकता है हो

बहन और भाभी के बीच में यानी सुप्रिया
सुले और उनके सामने अजीत पवार की वाइफ
आपको मैदान में दिखाई दे सकती है दोनों के
बीच काफी वाक युद्ध भी चला सुप्रिया सुले

ने यहां तक कहा था कि आप क्या ऐसे
उम्मीदवार को यहां से जिताएंगे जिनका पति
पर्स लेकर के लोकसभा के बाहर बैठा रहेगा
ये तंज था उनका अजीत पवार के लिए परिवार
बटे हुए हैं इस वक्त पवार खानदान पूरी

दिखाई दे रहा है बारामती में ओपिनियन पोल
तो बता रहा है पवार का पावर सेंटर भतीजे
के पास जा रहा है लेकिन पश्चिम महाराष्ट्र
की 11 सीट पर ओवरऑल माहौल क्या बता रहा है
अजीत पंवार सबसे दिलचस्प मुकाबला जो होने
जा रहा है वो इस बार होने जा रहा है इसी
पश्चिम महाराष्ट्र के अंदर पुणे बारामती
शिरूर अहमदनगर शिरडी सोलापुर दो मेरे

सामने हरी लाइट जली है हरी लाइट मतलब
इंडिया गठबंधन शिरूर की सीट एनसीबी शरद
पवार के के गुट को जाते हुए शिर्डी की सीट
शिवसेना उद्ध बालासाहेब ठाकरे पार्टी को
जाते हुए इसके अलावा पुणे बारामती अहमदनगर
सोलापुर यह सीटें बीजेपी प्लस कंबाइन को
जाती हुई दिखाई दे रही है माढा सांगली

सातारा कोल्हापुर और हात अंगड़े यह सीट
आपके सामने खुल गई है और इसका मतलब यह हुआ
कि 48 सीट का मसला पेचीदा क्यों क्यों है
उसको समझना है तो बारामती सबसे बेस्ट
सैंपल है अभी अघड़ी में सीट शेयरिंग का
मसला सुलझ नहीं पाया है उससे पहले ही शरद

पवार ने प्रेशर टैक्टिक्स की सियासत शुरू
कर दी है 2 मार्च को बारामती में
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की नमो
रोजगार सम्मेलन सभा होने वाली है उसी दिन
बारामती में ही शरद पवार ने खाने पर
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उप

मुख्यमंत्रियों भतीजे अजीत पंवार और फड़ा
नवीस को बुलाया है अब इसका मतलब क्या है
कि शरद पवार सीट शेयरिंग को लेकर अघड़ी पर
नए तरीके का दबाव डालने की कोशिश कर रहे
हैं या फिर बारामती में सुप्रिया सुले के
लिए सेफ पैसेज तैयार करने की कोशिश है या
फिर लंच या डिनर की सियासत के जरिए पवार
कोई नई सियासी बिसाद बिछाने की कोशिश में

है अभी यह सब होने के बाद भी अगर यह सरकार
उसमें राजनीति लाता है और फॉर्मेलिटी भूल
जाते हैं तो गलत चीज है तो पवार साहब ने
जो पत्र लिखा है एक तो वहां पर उन्होंने
एक परंपरा जो होती है कि जो गेस्ट अपने
तालुका में जिला में आते हैं उनको
आमंत्रित करना खाने के लिए वह तो हमारी
परंपरा है उसको उन्होंने निभाया है और

सरकार को यह मैसेज भी दिया है कि
फॉर्मेलिटी या जो
भी संस्कार होते पॉलिटिकली वह आपको या
फॉर्मेलिटी स जो प्रोटोकॉल होता है वह भी
निभाना बहुत इंपोर्टेंट होता है ये दोनों
चीजें वहां पर की और खाने के लिए बुलाया
तो उसमें क्या वो जाएंगे नहीं जाएंगे वो
देखना पड़ेगा लेकिन अगर महा रोजगार के
बारे में बा कि तो बहुत फील योजना है वहां
पर सिर्फ बच्चों को बुलाया जाता है नौकरी
के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं बट कॉल किसी

को नहीं आता व शासकीय प्रोग्राम है और
शासकीय प्रोग्राम में यह लोग जा रहे हैं
तो बुलाए उनको देखि क्या होता है इसका
मैसेज चुनाव सामने है क्या होगा हमें कोई
फरक नहीं पड़ता दूसरी बात है कि आज आपकी
एमबीए की बैठक हुई क्या
अभी अभी आज जो शरद पवार साहब के घर प बैठक

हुई चाय पानी के लिए गए थे तो उसके बाद
क्या कभी तक आप अलायंस कर देंगे सब कुछ हो
गया है
हो गया हमारा सब क्लियर हो गया है घोषणा

कब करेंगे करेंगे चुनाव की घोषणा होने दो
राहुल गांधी आने के पहले हो जाएगा चुनाव
की घोषणा हुई कि कर देंगे बारामती के बाद
महाराष्ट्र में सबका फोकस मुंबई की छह सीट
पर है पिछले चुनाव में उत्तर मुंबई की सीट
बीजेपी के पास है मुंबई उत्तर पश्चिम की
सीट शिवसेना के पास है मुंबई उत्तर पूर्व
सीट बीजेपी का गढ़ है लेकिन ओपिनियन पोल
में लहर किस ओर है मुंबई उत्तर मुंबई
उत्तर पश्चिम और मुंबई उत्तर पूर्व तीन
सीट आपके सामने अब खुलने जा रही है मुंबई
नॉर्थ की बात करें बीजेपी की सीट है गोपाल
शेट्टी ने उर्मिला मातोंडकर को 45 लाख से
हटाया था हराया था मुंबई उत्तर से सारे
जितने यहां पर सेलिब्रिटी हैं वो आपको य
इन इन सीटों पर दिखाई देंगे नॉर्थ मुंबई
बीजेपी की सीट मैंने आपको बताई मुंबई
उत्तर पश्चिम हाई प्रोफाइल सीट है गुरदास
कामत लड़ते थे पिछले चुनाव में संजय
निरूपम लड़े सीट शिवसेना के पास गई है
2019 में गजानन कीर्तिकर ने संजय निरूपम
को ा लाख वोट से यहां से हराया और मुंबई
उत्तर पूर्व मुंबई उत्तर पूर्व की सीट जो
है बीजेपी का गढ़ मनोज कोटक 2019 में यहां
से जीते थे ये बीजेपी के बंपर मार्जिन
वाली सीटों में से एक है यह मुंबई की तीन
और सीटें हैं मुंबई उत्तर मध्य पर बीजेपी
का कब्जा है यहां से पूनम महाजन एमपी हैं
मुंबई दक्षिण मध्य शिवसेना ने जीती थी
यहां से सांसद राहुल शिवाले जो एक नाथ
शिंदे गुट के हिस्से में है मुंबई दक्षिण
शिवसेना के अरविंद सावंत की सीट है मिलिंद
देवड़ा यह सीट मांग रहे थे लेकिन बात अटक
गई तो पार्टी बदल ली राज्यसभा चले गए
मुंबई उत्तर मध्य मुंबई उत्तर मध्य की
सीट बीजेपी की पूनम महाजन की सीट प्रिया
दत्त को हराया था उन्होंने संजय दत्त के
भाई को सारी स्टार स्टडेड सीट्स है इस
वक्त जो हम आपकी बात कर रहे हैं मुंबई
दक्षिण मध्य शिवसेना के राहुल शिवाले की
सीट है अब राहुल शिवाले एकनाथ शिंदे गुट
के पास आ गए हैं तो यह भी आपको दिखाई दे
रही है यह सीट भी एडीए के पास इसीलिए अब
मुंबई साउथ मुंबई दक्षिण ये समझिए साहब कि
मुंबई की सारी सीटों में से सबसे ज्यादा
जो मारकाट मची है वो इस सीट हड़ रंग वाला
विजय जी के रंग वाली सीट जो है य मुंबई
साउथ किसको मिलेगी मुंबई इसको इसका झगड़ा
था अरविंद सावंत के पास ये सीट है
उन्होंने मिलिंद देवड़ा को हराया था
मिलिंद देवड़ा मांग करते रहे कि यह सीट जो
है कांग्रेस अपने पास रखे कांग्रेस ने यह
सीट उद्धव ठाकरे की पार्टी को दे दी और
इसकी एक बड़ी वजह थी कि वहां से मिलिंद
देवड़ा को छोड़ कर के एकनाथ शिंदे की
पार्टी को जवाइन करना पड़ा था ने को कड़
में सात सीटें हैं एक ना शिंदे और नारायण
राने का इलाका कहा जाता है यह उद्धव ठाकरे
की असली लड़ाई यहीं पर है क्योंकि राणे
फैमिली और उद्धव फैमिली की लड़ाई सियासी
से ज्यादा पर्सनल
है पिछले चुनाव में सात सीटों में से एक
पालघर शिवसेना जीती थी लेकिन फिलहाल वह
शिंदे गुट के पास है भिवंडी में बीजेपी है
कल्याण शिवसेना का मजबूत किला है
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे
श्रीकांत शिंदे यहां से दो बार से सांसद
हैं ठाड़े में शिवसेना की मजबूत बूत पकड़
है बीते आठ बार के चुनाव में सिर्फ एक बार
शिवसेना हारी यहां से शिवसेना के राजन
विचारे सांसद हैं जो फिलहाल उद्धव ठाकरे
के साथ हैं लेकिन यह इलाका एकनाथ शिंदे का
माना जाता है रायगढ़ से एनसीपी अजीत गुट
के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सांसद हैं
मावल दो बार से शिवसेना के श्रीरंग बर्ने
सांसद हैं 2019 में श्रीरंग बर्ने ने
एनसीपी के अजीत पंवार के बेटे पार्थ पवार
को हराया था इस सीट पर शिंदे और अजीत पवार
दोनों का दावा है रत्नागिरी सिंधुदुर्ग
में दो बार से शिवसेना के विनायक राउत
सांसद हैं 2019 में विनायक राउत ने
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राडे के
बेटे नीलेश राणे को हराया था लेकिन इस बार
राणे का बड़ा दावा है मराठा आरक्षण की तपन
सबसे ज्यादा मराठवाड़ा इलाके में है यहां
की आठ सीटों में सबसे ज्यादा नजर लोगों की
जालना पर है इस सीट पर मराठा आंदोलन का
चेहरा मनोज जरांडे पाटिल को उम्मीदवार
बनाने की बात चल रही है लेकिन कोई भी
पार्टी जरांडे पर दांव लगा ने के लिए
तैयार नहीं है रांगे पाटील जरूरी है
महाविकास
आघाड़ा है विषय निकाला है इस सब्जेक्ट इस
जरंगे को
लेकर बात की है तो प्रकाश अंबेडकर जी ने
अब रहा सवाल की हमें जरूरत है क्या नहीं
है अभी व कोई पार्टी के तो लीडर आज के
तारीख में नहीं है वह सोशल वर्कर एक समाज
के हित के लिए वो खड़े हुए हैं उनकी भी
इच्छा क्या है यह तो हमें पता नहीं है वो
लड़ना चाहते क्या वो पॉलिटिकल पार्टी जॉइन
करना चाहते हैं क्या क्या उनका उनको चुनाव
में आना चाहते हैं या समाज के लिए ही
लड़ना चाहते हैं यह तो मुझे पता नहीं है
वो जब उनसे बात होगी तो इस बारे में भी
बात होगी मराठवाड़ा में ही औरंगाबाद आता
है जो शिवसेना का गड़ रहा है लेकिन 2019
में एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील ने
शिवसेना को लगभग 3500 वोटों से हरा दिया
था लेकिन इस बार औरंगाबाद और मराठवाड़ा
में कांटा किधर जा रहा है औरंगाबाद
उस्मानाबाद मुस्लिम प्रभाव वाली सीट है
दोनों औरंगाबाद की सीट फिलहाल जो है
एआईएमएम के पास है पास इमतियाज जलील वो
यहां से जो है सांसद हैं और उस्मानाबाद की
अगर आप बात करें तो ये कांग्रेस यहां पर
लगातार जीतती रही है लेकिन 2019 में
शिवसेना के ओम प्रकाश राज निंबलक ने
एनसीपी को सवा लाख वोट से हरार दिया था तो
यह सीट जो है यह भाजपा की सीट थी और
शिवसेना की सीट थी शिवना की सीट अब यह
शिवसेना के पास ही जाती हुई दिखा रही है
हमें औरंगाबाद भी उद्धव ठाकरे के पास जाता
वैसे ही उन्होने की वजह से जीत और सबसे कम
जो मार्जिन की सीट है ना औरंगाबाद है 4000
वोटों
सेई
औरंगा

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