Ukraine War: Kashmiri शख्स Russia में लड़ रहा जंग, PM Modi से बेटे को वापस लाने की परिवार की गुहार

आपका नाम सज्जाद अहमद कुमार जी जो ये
मिसिंग है इनका क्या नाम आजाद यूसुफ कुमार
जी आजाद यूसुफ के बारे में बताइए पहले की
ये यूक्रेन फ्रंट लाइन प अभी फसे हुए हैं

तो इनको कैसे जो है वहां ले गए क्या बोल
के ले गए पूरी थोड़ी हमें हाईलाइट से
बताइए हमारा भाई रोजगार की तलाश में गया
था उसने बाबा लाग उसका लाग देखा था सर तो
उसमें उन्होंने ऑफर किया था किचन हेल्पर

जॉब मगर दुबई बेस में था वो मगर उसके बाद
जब दुबई वो पहुंचा उन्होंने दुबई में उसको
रशन में भेज दिया तो रशन रशन में इसके दो
और एजेंट है सर उन्होंने इसको आर्मी में

भेज दिया सर अभी वो युक्रेन बॉर्डर में ब
वो जख्मी है सर उसको पैर में गोली लगी है
तो मतलब आप ये कह रहे हैं कि धोखे से इनको
जो है जी जी इसको इसको सिकम हुआ है सर हां
आपने पैसे भी दिए हां ₹ लाख दे दिए इसके

साथ और भी 12 बच्चे हैं सर हां हिंदुस्तान
के मुख्तलिफ स्टेट से जी तो अभी जो है वो
बताइए कितने दिन इनको जो है पहले दुबई रखा
फिर कब ले गए उधर पहले इनको मुंबई बुलाया
फिर चेन्नई बुलाया

फिर दुबई दुबई शारजा वहां इनको 14 दिन रखे
गए सर उसके जब तक इनका वीजा आया वह वीजा
टूरिस्ट वीजा था सर तो उसके बाद मस्को जब
पहुंचे तो उन एजेंटों ने इनको डायरेक्ट

आर्मी में भेज दिया सर और वहां पर एक साइन
करवाया वो कांट्रैक्ट कांट्रैक्ट पेपर

रशियन लैंग्वेज में था सर तो उनको समझ
नहीं आया उनको जबरदस्ती उस कांट्रैक्ट
पेपर पर साइन करवा लिया गया है सर जी तो
ये

बताइए उनको आर्म्स ट्रेनिंग भी दी गई कैसे
क्या बताया उसने आपको उसने बताया हमें
बेसिक ट्रेनिंग दी गई है बट मैं पहले ही

हफ्ते में जख्मी हुआ हूं तो मुझे अस्पताल
लेकर गए जखमी हु उसको पैर में गोली लगी है
सर पैर में गोली लगी जी अभी जो है आप
गवर्मेंट ऑफ इंडिया क से कांटेक्ट किया वो
बोल रहा है कि हाई कमीशन ने उससे बात किया

कोई तरीका है उसको बचाने का भी कुछ काम हो
रहा है नहीं हमने मेल वेल भेजी थी सब कुछ
तो मेल को कोई रिप्लाई नहीं आया सर तो कुछ
दिनों से वीडियो चल रहे हैं मीडिया प तो

शायद कुछ होगा सर अब आप क्या चाहते हैं आप
अपील किसको करेंगे हम अपील करते हैं
प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र नरेंद्र मोदी
साहब से कि हमारे

बच्चे अच्छी तरह वा वो सारे बच्चे जितने
भी वहां फंसे हैं उनको सही सलामत घर लेके
आए तो क्या कहेंगे उनके आपको क्या मैसेज
होगी प्राइम मिनिस्टर के लिए और एक्सटर्नल
एफर मिनिस्टर के लिए य जल्दी से कदम उठाए
क्योंकि वो बच्चे

बहुत मुश्किलात में इस टाइम बहुत बहुत
परेशान है उधर वो कह रहे हैं जल्दी करो
जल्दी करो तो अभी कुछ नहीं हुआ सर तो यह
जो पूरा ये चक्कर है आपको लगता है कि ये
पूरा माफिया है जिन्होंने एक धोखे से उनको

ले गए फिर किस तरीके से किया आप क्या
कहेंगे बाकी बच्चों को भी जो है पेरेंट्स
को जो मां बाप है उनको थोड़ा सा जो है
होशियार रहना चाहिए क्योंकि ऐसे लोग इस
वक्त क्योंकि अगर आपके भाई के साथ हुआ है

और भी किसी के साथ हो सकता है जी जी पहले
कंफर्म पूरा करो अगर जाना हो बाहर पहले
पूरा पुलिस के पास जाओ पूरा कन्फर्मेशन
करो यह ठीक है कि नहीं फिर जाओ तो अभी

आपके जो भाई से लेटेस्ट बात हुई वो क्या
कह रहा है आप वो कह रहा है मैं ठीक हूं ब
एक मिनट भी निकालना मुश्किल है यहां अभी
फ्रंट लाइन प है य जीना मुश्किल है सर तो
फ्रंट लाइन के मतलब फ्रंट लाइन पूरा

गोलियों में वहां से जी जी ज जहां प जहां
प जंग चल रही है सर जी
सर जी मेरा नाम है अली महमद कुमार मैं इस
बच्चे का अंकल हूं हमारे बच्चे से धोखा
किया गया नौकरी की जहां से मिलाकर उसे फ

फड़ किया उनके साथ फड किया गया बाबा लाग
ने और इनको बुलाया किचन और क्लीनिक के लिए
हेल परर यहां दुबई में तो दुबई से इनको
लाया गया जबरदस्ती बाई फोर्सफुली लिया गया
रशिया रशिया में उनको डायरेक्ट पहुंचा

दिया ट्रेनिंग कैंप में और ट्रेनिंग कैंप
में उन्होने 15 दिन ट्रेनिंग की तो
ड्यूरिंग ट्रेनिंग वो जख्मी हो गई उनके
पाव में एक बुलेट लग गया था तो फिर
हस्पताल में कुछ दिन रहकर उन्हें फिर वापस
भेज दिया गया फ्रंट लाइन पर लड़ने के लिए

रूस की तरना आर्मी की तरफ से ये जगह का
नाम आपको पता है फ्रंट लाइन जहां प इनको
भेजा है
ब्लक सी बकुल तो अभी आपने बच्चे से जो बात
की वो क्या चाहता है व यही चाहता है कि हम
मुसीबत में फसे हुए हैं हमारी जीने को कोई
उम्मीद नहीं है हम हमें जल्द से जल्द घर

ले जाओ और अपने प्राइम मिनिस्टर साहब से
अपने इंडिया में जो फॉरेन अफेयर्स
मिनिस्टर आब हैं हमें उनसे राबता करा किसी
ना किसी सूरत में हमें यूक्रेन से निकालो
तो आप क्या अब अपील करेंगे हम यही चाहते

हैं अपने प्राइम मिनिस्टर साहब से और अपने
जयशंकर साब जो फार मिनिस्टर है कि हमारे
बच्चों को जल्द से जल्द यहां लाइए सहद
सलामत ताकि हम आपके मशकूर रहेंगे और य जो
और बच्चे हैं उनको भी साथ लाइए तो आपको
लगता है कि आप जो है एडवाइजरी निकलनी
चाहिए लोगों को जो है सावधान रहना चाहिए

कि ऐसे लोग जो है बाकी बच्चों को भी ऐसी
झासा दे सते बिल्कुल हम बाकी जो बच्चे जो
वहां गए हैं या जाने वाले हैं हर बच्चे से
हम हमारी यही अपील है हर घराने से यही
अपील है कि पहले तोलो फिर बोलो पहले देखो

तब किसी कं से बात करो पहले पुलिस के पास
पुलिस स्टेशन में देख र आओ ये सही है या
गलत है जी सर आप जो है यहां की जो सरकार
है उससे बात की लेफ्ट गवर्नर से आप क्या
मैसेज देंगे या फिर बाकी जो ओवरऑल है
क्योंकि ये भी आपके जो है बात अपनी इंतजाम

से भी हम यही गुजारिश करते हैं कि ऐसे ऐसी
कंपनियों पर रोक लगा दी जाए जो फड कंपनीज
है और आप हमारी अपनी वदत से गवर्नर साहब
अपनी वसाद से प्राइम मिनिस्टर ऑफ इंडिया
को पैगाम भेजें ताकि हमारी बच्चों का
मुस्तकबिल तारीख बन जाए और हमारे मुल्क की

फैम रहे कोई बदनामी ना हो हमारे मुल्क की
यूक्रेन लड़ रहा है लेकिन हमारे बच्चे
वहां जान दे रहे हैं यह अच्छा तरीका नहीं
है लिहाजा हम अपने मुल्क के प्राइम
मिनिस्टर साहब से यही गुजारिश करते हैं कि
इन कंपनी पर लो रोक लगा दी
जाए आज हमारे सामने फिर एक बार

ऐसी कहानी
आई है जहां सोशल मीडिया पर दिखाए गए झूठ
फेरी के झांसे में आके एक नौजवान जो है
नौकरी की तलाश में निकल जाता है उसे कहा
जाता है कि तुम्हें जो है एक जो कुक का
जॉब मिलेगा दुबई ले जाया जाएगा अच्छी
सैलरी दी जाएगी लेकिन असल में षड्यंत्र यह
है कि इन सारे बच्चों को जो है जमा करके
यूक्रेन ले जाने की बात है रशियन आर्मी
में जो है एज मर्सन सोल्जर जो है इनको
इस्तेमाल करने की साजिश थी लेकिन ये वो
देख नहीं पाए रोजगार की तलाश में निकले और
आज हालत यह है कि इनकी फैमिली जो मेरे साथ
है डिमांड कर रही है मांग कर रही है और
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के
सामने जो है अ यह रिक्वेस्ट कर रही है कि
वह इंटरफेयर करें और इनके बच्चे जिनका नाम
आजाद यूसुफ है दिसंबर 14 को जो है वह यहां
से निकला उम्मीदें यह थी कि वह दुबई जाएगा
कुछ काम करेगा पैसा कमाए अपनी फैमिली को
सपोर्ट करेगा लेकिन अह जो है झांसे में
फंसा और उनको जो है 14 दिन के बाद सीधा
मॉस्को ले जाया गया जहां से उनको सीधा
फ्रंट लाइन बेज दिया गया सिर्फ 15 दिन की
जो है वेपन ट्रेनिंग के बाद अभी वह जख्मी
भी है उसके पांव प गोली आई है लेकिन फिर
भी जो है उनको फ्रंट लाइन पे रखा गया है
और डिस्ट्रेस कॉल जो है लगातार वो कर रहा
है फैमिली को अ मांग यह है कि जो
एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्टर हैं जो प्राइम
मिनिस्टर हैं वो पर्सनली इंटरवल करें
क्योंकि ये सिर्फ जो है आजाद की बात नहीं
है और भी ऐसे जो हैं कई सारे नौजवान है
हिंदुस्तान से जो फंसे हुए हैं धोखे में
आके जो है उनकी जान अभी खतरे में है तो
जल्द से जल्द यह चाहते हैं कि जो है सरकार
इसमें इंटरफेयर करें और इन बच्चों को जो
है सही सलामत अपने मुल्क ले आए क्योंकि जो
भी वक्त गुजर रहा है इनकी जान जो है
ज्यादा से ज्यादा जोखिम में पड़ रही है और
अगर फ्रंट लाइन पे है तो समझ सकते हैं कि
क्या सिचुएशन होगी लगातार गोलीबारी चल रही
है और उसमें जो है इनकी जान भी जा सकती है
तो जहां अभी मैसेज यह है कि इनको सही
सलामत वापस लाया जाए वहीं यह लोग सरकार से
यह भी मांग कर रहे हैं कि ऐसी फ्रॉड
एजेंसी जो हैं जो अ नौजवानों को जो नौकरी
के झांसे में फंसा के गलत जगहों पे भेज
रहे हैं एक माफिया की तरह काम कर रहे हैं
इनके खिलाफ भी कारवाई हो सोशल मीडिया पे
कद गन लगे और ऐसे लोगों को
आइडेंटिफिकेशन
में घूम रहे हैं वह ऐसे झांसे में नाना आए
और उनकी फैमिलीज जो हैं इसी तरीके से जो
है दर दर ना भटके जस्टिस के लिए वीडियो
जर्नलिस्ट मोहम्मद यूनिस के साथ मीर फरीद
श्रीनगर न्यूज़ नेशन के लिए i

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