Ye Bharat Ki Baat Hai: सरकार-किसान में राउंड 2 | Farmers Protest News| PM Modi | Hindu Temple

नमस्कार मैं हूं सैयद सोहेल और आप देख रहे
हैं आपका नंबर वन शो यह भारत की बात है
उम्मीद करते हैं आप सभी पूरी तरह से फिट
होंगे सेहतमंद होंगे और बहुत-बहुत स्वस्थ

होंगे और आइए शुरुआत करने जा रहे हैं आज
की पहली बड़ी खबर के साथ और पहली बड़ी खबर
यह है किसान सरकार में कल बनेगी बात क्या

अब तक बात नहीं बनी है यह तस्वीर आज की
मैं आपको दिखा रहा हूं आज भी टोल पर
बॉर्डर पर इस तरह से संग्राम हो रहा था
आंसू गैस के गोले दागे जा रहे थे इधर से
पत्थर दागे जा रहे थे पुलिस आंसू गैस चला
रही थी ताकि इन्हें हटाया जा सके
प्रदर्शनकारियों को तितर बितर किया जा सके
लेकिन यह टस से मस नहीं हो रहे हैं हालात

लगातार बिगड़ते जा रहे हैं अब पत्रकारों
पर टारगेट करने लगे हैं ये प्रदर्शनकारी
अगली तस्वीर ये देखिए जरा पत्रकार को घेर

लिया उसके साथ झड़प हुई उसके साथ मारपीट
करने की कोशिश कर रहे हैं क्या यह किसान
है जो पत्रकारों से लड़ रहे हैं पत्रकारों
को मारने की कोशिश कर रहे हैं देखिए जरा
[प्रशंसा]

ये जो तस्वीर आप देख रहे हैं पत्रकार को
घेर लिया इन लोगों ने और उसके बाद उसके
साथ बदसलूकी धक्का मुक्की कर रहे हैं उसको
खींच के दूसरी तरफ लेकर जा रहे हैं क्या
यह किसान है क्या किसान ऐसा करते हैं कि
पत्रकारों के साथ बदतमीजी
करें और यही वजह है यह सारी तस्वीरें

देखने के बाद यह तैयारी की गई है देख रहे
हैं आप पहले सीमेंट बैरिकेडिंग फिर तार
फिर उसके बाद लोहे की बैरिकेडिंग उसके बाद
देखिए आगे आप देख रहे हैं कंटेनर लगाए गए

हैं यह तैयारी की गई है ताकि यह अंदर घुस
दिल्ली में तो क्या स्थिति क्या हालात
होंगे सोचिए जरा कल्पना करना मुश्किल है
वो दौर अभी भी सभी के जहन में ताजा है जब
किस तरह से दिल्ली की सड़कों में उत्पात

मचाया गया था यह देख रहे हैं तस्वीर
यह तैयारी की गई है दिल्ली पुलिस की तरफ
से और यह अकेले एक तैयारी नहीं है यह मैं
आपको दिखा रहा हूं सिंघु बॉर्डर की तस्वीर
अगली तस्वीर देखिए यह शंभू बॉर्डर की

दिल्ली पुलिस के जवान और यह देखिए यहां से
वहां तक बैरिकेड लगाया गया है अलग-अलग तरह
की अवरोध लगाए गए हैं जिससे यह ट्रैक्टर
से दिल्ली की सड़कों पर उत्पात ना मचाने
पाए
क्योंकि जिस तरह की हरकतें और स्थिति
सामने आ रही उससे पता चल रहा है कि कुछ भी
हो सकता है दिल्ली में घुसने के बाद कुछ
भी हो सकता है इसलिए यह तैयारी की गई है
युद्ध स्तर पर यह तैयारी हुई है यह क्यों

कहा जा रहा है इन्होंने क्या किया है
प्रदर्शनकारियों ने अपनी जेसीबी ले आए देख
रहे हैं आप यह जेसीबी लेकर आए हैं जेसीबी
क्यों यह जो अवरोध लगाए गए उन्हें तोड़ने
के लिए उन्हें गिराने के लिए उन्हें
कुचलने के लिए और उन्हें तोड़ते हुए आगे

जाएंगे यह जेसीबी प्रदर्शनकारी भी लेकर आ
गए हैं क्या कोई किसान ऐसा करता है जो
किसान अपने खेत में फसल उगाता है सीजन के
हिसाब से फसल बेचने के इंतजाम करता है
उसके पास इतना वक्त और फुर्सत है वह
जेसीबी लाकर बैरिकेड तोड़ेगा दिल्ली की
सड़कों पर घुसेगा अगली तस्वीर दिखाओ यह

देख रहे ड्रोन लगाए हैं पुलिस ने ड्रोन
लगाए हैं ड्रोन कैमरों से पुलिस नजर रख
रही है कि प्रदर्शनकारी कहां है क्या कर
रहे हैं क्या उत्पात मचा रहे हैं कहां
घुसने की कोशिश कर रहे हैं अलग-अलग ड्रोन

के जरिए अलग-अलग इलाकों में नजर रखी जा
रही है लेकिन यह प्रदर्शनकारी ड्रोन को
तोड़ने और गिराने की तैयारी करके आए ये
ड्रोन भी गिरा रहे हैं आसमान में उड़ते
ड्रोन के लिए देखिए क्या कर रहे हैं वो
तस्वीर मैं आपको दिखा रहा हूं ये देखिए
बॉर्डर पर सब पतंग उड़ा रहे हैं पतंग ले
आए हैं बॉर्डर पर पतंग उड़ाई जा रही है और

पतंग में फसा फसा कर ड्रोन गिरा रहे हैं
ये जो देख रहे हैं ये सब पतंग उड़ा रहे
हैं
इसीलिए ऊपर आ रहे ड्रोन को ये पतंग में
फसा लेते हैं और उसके बाद गिरा देते हैं
यह सामान्य आदमी नहीं करेगा और देखिए

ड्रोन को कैसे गिरा दिया ये तस्वीर आप देख
रहे पतंग उड़ रही है देखिए पतंग उड़ रही
है टिंग हो रही है और इस ड्रोन को गिरा
दिया ये देख
रहे ये जो आप देख रहे हैं पतंग से ड्रोन

गिरा रहे हैं जेसीबी से बैरिकेड तोड़ने
आए
पंजाब से चले हजारों किसानों ने हरियाणा
के शंभू बॉर्डर पर डेरा डाल दिया
है किसान दल्ली आने पर अड़े हैं वहीं
सुरक्षाकर्मियों ने रोकने के कड़े इंतजाम
कर रखे

हैं
पुलिस आंसू गैस के गोले दाग रही
है ड्रोन के जरिए गोले बरसाए जा रहे
हैं वही ड्रोन को फसाने के लिए
प्रदर्शनकारी किसान पतंग उड़ा रहे हैं और
ड्रोन गिरा रहे
हैं बॉर्डर पर लगे बैरिकेड को हटाने के
लिए प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी मंगा ली
है साफ है किसानों और पुलिस के बीच संघर्ष
और बढ़ सकता है

यह हालात बने हुए हैं लेकिन हालात कैसे
संभलेंगी कर रही है ये तस्वीर आप देख रहे
हैं यह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह साहब का
घर है और उनके घर से रक्षा मंत्री के घर
से अर्जुन मुंडा कृषि मंत्री की गाड़ी
निकल रही है लगातार बातचीत का दौर जारी है

कृषि मंत्री के साथ रक्षा मंत्री ने
बातचीत की है इससे पहले वीडियो
कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुछ मंत्रियों के
साथ अलग बातचीत हुई है कोशिश यह है कि
बातचीत से रास्ता निकल आए लेकिन जो
तस्वीरें दिल्ली से आ रही है वह बता रही
है कि बातचीत से रास्ता निकलना मुश्किल
है किसान आंदोलन को लेकर कल भी बड़ी बैठक
होगी किसान नेताओं की केंद्र सरकार के साथ
बैठक हुई है केंद्र सरकार के तीन मंत्री
बैठक में मौजूद रहेंगे पियूष गोयल अर्जुन

मुंडा और नित्यानंद राय कल वाली बड़ी बैठक
में शामिल होंगे कल शाम 500 बजे चंडीगढ़
में यह बैठक शुरू होगी इससे पहले दिल्ली
में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर बैठक
हुई दो दिन पहले भी चंडीगढ़ में किसान और

सरकार के बीच बातचीत हुई थी चंडीगढ़ में
साढ़े घंटे तक बातचीत चली केंद्र सरकार के
तीन मंत्री इस बैठक में शामिल हुए पियूष
गोयल अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय बैठक
में एमएसपी मिनिमम समर्थन मूल्य कानून पर
सहमति नहीं बन पाई साथ ही कर्ज माफी पर
बैठक में सहमति नहीं बनी थी मांगे ऐसी हैं
जो मानना मुश्किल है लेकिन ये जो तस्वीरें

आप देख रहे हैं
सड़कें जाम है दिल्ली वाले परेशान है
गाजियाबाद नोएडा गुरुग्राम वाले परेशान है
कैसे नौकरी पर जाए बच्चे स्कूल कैसे जाएं
कल 10वीं और 12वीं के बोर्ड के एग्जाम
होने वाले हैं सीबीएससी के एग्जाम है
सीबीएससी ने बाकायदा एक सर्कुलर जारी किया

है बच्चों को कैसे एग्जाम देने जाना है
क्योंकि घंटों जाम लगा हुआ है घंटों जाम
में लोग जूझ रहे हैं तो बच्चे आखिर सेंटर
तक कैसे पहुंचेंगे एग्जाम देने परेशानी यह
है यह स्कूल बस से जाने वाले बच्चे हो
अपने निजी वाहन से जाने वाले लोग हो कैसे
जाएंगे एग्जाम देने किसान आंदोलन के बीच
कल से परीक्षा है 10वीं 12वीं के बोर्ड कल
से शुरू हो रहे हैं सीबीएससी ने आंदोलन को
देखते हुए नोटिस जारी किया है अभिभावकों

छात्रों और स्कूलों को सलाह दी गई है
आंदोलन के चलते दिल्ली में कई जगह पर जाम
लग रहे हैं जगह-जगह पर भारी ट्रैफिक जैम
की स्थिति बनी है लोग कई घंटों तक ट्रैफिक
जाम में फंसे हुए इसको लेकर सीबीएससी ने

ने नोटिस जारी किया है दिल्ली और आसपास के
छात्रों को यह सलाह दी गई है परीक्षा
सेंटर पर कुछ देर पहले पहुंच जाएं सुबह
10:30 बजे परीक्षा शुरू होनी है ट्रैफिक
जाम के चलते सेंटर पर पहुंचने में देरी हो
सकती है ऐसे में छात्रों को मेट्रो से
जाने की सलाह दी गई है पहले कहा गया निजी
वाहन से या सरकारी वाहन से बस से ना जाएं
जाम में फंस सकते हैं मेट्रो से जाएं जाम

की टेंशन नहीं होगी आंदोलन के बीच मेट्रो
सुचारू तरीके से चल रही है इस साल सोचिए
39 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षा में
बैठेंगे दिल्ली में
580000 छात्र छात्राएं परीक्षा देंगे
दिल्ली में 877 परीक्षा केंद्र पर बोर्ड
एग्जाम होगा छात्रों को परीक्षा केंद्र पर

सुबह 10 बजे तक पहुंचना होगा इसके बाद
पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी
जाएगी यह है स्थिति अब सोचिए जरा जो हालात
बने हुए यह डरा देने वाले हालात है लोग
अपने ऑफिस नहीं जा पा रहे बच्चे स्कूल
नहीं जा पा रहे हमारे साथ किसान नेता जुड़
रहे हैं राकेश टिकैत जो पिछले आंदोलन के
झंडा बदार थे राकेश टिकैत साहब देख रहे
हैं बच्चे परेशान हो रहे हैं मेरा सवाल
आपसे यह है यह क्यों हो रहा है आंदोलन

इसकी टाइमिंग पर सवाल उठ रहा है 50 दिन
बाद चुनाव है लोकसभा के चुनाव है क्या यह
आंदोलन दिल्ली को जाम करना ट्रैक्टर भेजना
सिर्फ मोदी के खिलाफ माहौल बनाना है मोदी
को 24 में रोकना है मोदी को हराने के लिए
[संगीत]

अय किसने गारंटी ले ली के मोदी जीते
कारय गारंटी हुई कि मोदी जीतेंगे तो फिर
चुनाव की कहां जरूरत है करवाने की इसको
रिनल कर लो चुनाव
को देखो हमारा चुनाव से कोई संबंध नहीं है
हमारा संबंध है जो मुद्दे हैं सरकार उस पर
सहमति बनाए और यह लगता है कि चुनाव से
पहले सरकार घोषणा करती है
तो यह भी कर दो एक आदमी घोषणा एमएसपी
गारंटी कानून में सरकार का एक रुपया नहीं

लगता उसमें क्या दिक्कत है उससे यह लगता
है कि यह जो सरकार मौजूदा है इस सरकार को
चलाने वाली कुछ ताकतें हैं कुछ देश में

पूंजीपति है जो इस सरकार को चलाते हैं
उन्होने इस देश पर कब्जा कर लिया यह लगता
है क्योंकि सरकार को नहीं पैसा देना एक
रुपया
भी एमएसपी गारंटी कान
में मिनिमम सपोर्ट प्राइस से कम पे कोई
व्यापारी खरीद नहीं
करेगा इस पर सरकार को क्या दिक्कत है भारत
सरकार को जितनी खरीद करनी है वह कर ले
लेकिन अगर व्यापारी खरीद करेगा तो उसके कम
पर खरीद नहीं करेगा यह
हम कानून चाहते हैं देश में उसमें क्या
दिक्कत है सरकार

को टिकट जी आपकी बात समझ गए आप एमएसपी की
बात कर रहे हैं आइए दर्शकों को बताते हैं
जो टिक साहब क्या यह मुमकिन है यह जो
मांगे की जा रही है क्या यह संभव है या
सिर्फ हवाहवाई बातें कोई ऐसी मांग हो रही
है जो नामुमकिन है किया जाना देखिए मांगे

देखिए क्या
है किसान इस बार 12 मुद्दों को लेकर
आंदोलन कर रहे हैं पहला मुद्दा क्या है
जितनी भी फसल है देश में सब पर मिनिमम
समर्थन मूल्य लागू कर दो मिनिमम समर्थन
मूल्य मतलब यह रेट है इससे कम में बिकेगा
ही नहीं बिकेगा तो जेल जाओगे उस शख्स के
लिए जो खरीदेगा पहले तो यह लागू कर दो
सारी फसलों पर दूसरी मांग किसानों और
मजदूरों की पूरी तरह से कर्ज माफी हो जाए

जिसने जहां जितना कर्ज लिया है सब माफ कर
दो तीसरी मांग भूमि अधिग्रहण कानून 2013
दोबारा लागू कर दिया जाए चौथी मांग
लखीमपुर खीरी में जो किसानों की हत्या हुई
थी उनके जो अपराधी है उनको कठोर सजा दी

जाए यह तो मांग वाजिब है मानी जा सकती
पांचवी मांग भारत विश्व व्यापार संगठन
यानी डब्ल्यूटीओ से अलग हो जाए छठी मांग
किसानों और मजदूरों को पेंशन मिले पूरे
देश के किसानों को पेंशन देना सरकार के
ऊपर कितना बोझ पड़ेगा अंदाजा लगाइए सातवी
मांग किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले
किसानों के लिए मुआवजा और उन सभी के
परिवारों के लिए एक एक नौकरी आठवी मांग
बिजली संशोधन विधेयक 2020 खत्म कर दिया

जाए नौवी मांग अभी मनरेगा के तहत 100 दिन
का रोजगार दिया जाता है उनकी मांग है अब
उसे 200 दिन का रोजगार गारंटी कर दें और
अभी लगभग ₹2000000
रोज का कर दें लगभग महीने का 000 बैठेगा
नौवी मांग है कि ₹ की दैनिक मजदूरी तय हो
जो बात मैंने आपको बताई 10वीं मांग नकली
बीच कीटनाशक बनाने वाली कंपनियों पर सख्त

एक्शन हो 11वीं मांग है मिर्च और हल्दी
जैसे मसालों के लिए एक राष्ट्रीय आयोग बने
12वीं मांग जल जंगल और जमीन पर मूल
निवासियों के अधिकार त है लेकिन क्या यह
मुमकिन है क्या आपको लग रहा है यह
प्रैक्टिकल है जमीन पर उतारा जा सकता है

किसानों की एमएसपी गारंटी पर टकराव किसान
इस मांग पर कानून की मांग कर रहे हैं कि
एमएसपी का कानून लेकर आओ जो उससे कम मूल्य
देगा उसे जेल भेजो देश में कुल कृषि उपज
का 10 लाख मूल्य है 10 लाख करोड़ यानी
सरकार अगर सारी फसलों पर मिनिमम समर्थन

मूल्य देकर सबकी फसल खरीदेगी तो खर्चा
आएगा 10 लाख करोड़ रुपए कुल एमएसपी अभी
ढाई लाख करोड़ में पहले ही सरकार खर्च कर
रही है एमएसपी लागू करने के बाद 22 24
फसलों पर एमएसपी लागू होता है जो सरकार
खरीदती है किसानों से व ढाई लाख करोड़
रुपया खर्च करती है यानी इस साल एमएसपी पर
ढाई लाख करोड़ की खरीद हुई जो कुल उपज का
25
फीस अगर अब एी गारंटी कानून लागू कर दिया
गया तो हर साल 10 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त

सरकार को खर्च करने होंगे 10 लाख करोड़ और
पूरे देश का बजट था 45 लाख करोड़ का इसमें
से 10 लाख करोड़ कट जाएगा एमएसपी पर फसल
खरीदने में इसमें 10 लाख करोड़ एमएसपी पर
खर्च करना असंभव है सवाल है 10 लाख करोड़

रुपए कहां से आएगा यह लाने के लिए क्या
होगा दूसरे खर्चों में कटौती करनी होगी
आपके स्वास्थ्य का खर्चा रोकना होगा इ
इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्चा रोकना होगा
रक्षा बजट में कटौती करनी होगी या फिर
सरकार दूसरे टैक्स के जरिए इसकी भरपाई
करेगी आपके ऊपर दूसरा टैक्स लगा देंगे देश
का बजट एमएसपी पर 10 लाख करोड़ खर्च करने
की इजाजत नहीं देता है इससे देश की
अर्थव्यवस्था पटरी से उतर जाएगी तो यह
असंभव काम है यह नामुमकिन बात है तो सवाल
यह टिकस साहब एमएसपी पर बोल रहे थे जो
नामुमकिन काम है उसे कैसे मुमकिन किया जा
सकता है हमारे साथ खुद राकेश टिकैत जुड़

रहे हैं राकेश टिकैत साहब हमने बता दिया
एमएसपी कानून की गारंटी लेकर आना लगभग
असंभव है सरकार के लिए और अगर इतना बढ़िया
और अच्छा है पंजाब से जो किसान आ रहे हैं
अगर वह किसी सियासत से प्रभावित नहीं है

तो फिर आप इस आंदोलन में क्यों नहीं है
राकेश टिकैत आखिर इस आंदोलन में सड़क पर
क्यों
नहीं
एसकेएम अभी इस आंदोलन में नहीं
है हमारा 16 तारीख को है
ग्रामीण भारत बंद का हमारा है एसकेएम
का ठीक है लेकिन हम इस आंदोलन पर नजरे
बनाए हुए हैं अगर जरूरत पड़ेगी इनके साथ
में कुछ अत्याचार होगा तो ना यह किसान
हमसे दूर है ना हमारे से दिल्ली दूर

है जी आपसे दिल्ली दूर नहीं है आप कह रहे
हैं आपसे दिल्ली दूर नहीं है तो मेरा सवाल
फिर यही है तो राकेश शिकायत क्यों नहीं है
कब आ रहे राकेश
शिकायत दिल्ली में नहीं आ सकते
क्या एक को लगेगी पंजाब से हरियाणा से

थोड़ा लोग आएंगे 400 किलोमीटर दूर से
दिल्ली के चारों तरफ सोनीपत कहां है
सोनीपत को चलना तोड़ा पड़ेगा सोनीपत वही
तो बैठा हुआ
है अबकी दिल्ली की अगर जब भी होगी
घेराबंदी तो नई घेराबंदी दिल्ली की होगी
नहीं नई घेराबंदी दिल्ली की होगी जब भी
होगी तो नई घेराबंदी होगी दिल्ली की

अब उसके पॉइंट बना लिए कहां बैठना है कहां
से दिल्ली की
रहेगी कहां बैठ उसकी पूरी तैयारी कर ली
लेकिन अभी नहीं उसका खुलासा करेंगे जब
टाइम आएगा तो पता है राकेश शिकायत यह कह

रहे हैं कि वह भी दिल्ली घेरने की तैयारी
में यह नहीं बता रहे हैं कि क्या वह भी
चुनाव से पहले आ रहे हैं लेकिन जरा देखिए
सियासत दन क्या कह रहे हैं सियासत दन को
सुनेंगे आप तो आपको इशारा मिल जाएगा कि
क्या होने वाला है यह देख रहे हैं मायावती
ने आज कहा अपने भारत को अन्य के मामले में
आत्मनिर्भर बनाने वाले मेहनत
किसानों की जो मांगे हैं सरकार उन्हें
गंभीरता से ले और उन पर सहानुभूति पूर्वक
विचार करें उनका समय से समुचित समाधान
करें ताकि अन्नदाता किसानों को अपनी
मांगों के समर्थन में बार-बार आंदोलन के
लिए मजबूर ना होना पड़े दिग्विजय सिंह कह

रहे कर्नाटक से बोगी रिजर्व कर दिल्ली जा
रहे किसानों को मध्य प्रदेश में उतार दिया
गया किस कानून के तहत ऐसा किया गया है
अखिलेश यादव कह रहे किसान एमएसपी चाहते
हैं किसानों को एमएसपी का कानूनी अधिकार

मिले हमारा किसान जितना खुशहाल होगा हमारी
अर्थव्यवस्था उतनी मजबूत होगी अनिल विज
गृह मंत्री हरियाणा के कह रहे हैं पंजाब
सरकार ने नोटिस जारी किया है हमारी सीमा
में ड्रोन मत भेजो क्या यह हिंदुस्तान
पाकिस्तान हो गया है यह है सियासत दन अब
जरा सुनिए कहीं ऐसा तो नहीं य

प्रदर्शनकारी और जो किसान है इन्हे मैं
तथाकथित किसान कहूंगा यह इन्हे खुद पता भी
नहीं और सियासत दानों की कठपुतली बन गए
सुनिए जरा सियासत दानों

को जिस तरह सरकार का व्यवहार है कीले लगा
देना अगर वह निकल रहे हैं तो रोकने के लिए
तमाम चीजों का इंतजाम कर देना प्रशासन
पूरी तरीके से पुलिस लगा कर के आंसू गैस
गोले चला कर के उन्हें रोकना चाहती है
आखिरकार आप भारत रतन एक तरफ दे रहे हैं और
दूसरी तरफ किसानों को आप रोकना चाहते हैं
उनकी मांग नहीं मान मा एक साल निकल गया उस
बात को एक साल में आप उनका दिल नहीं जीत
सकते थे उनको कविंस नहीं कर सकते थे फिर
लाप की
गई लदार बासन देना एक बात
[संगीत]

है बड़ी बड़ी योजनाए सपने दिखाना एक बात
है जो दिखा रहे वो देश को देश को दिखा रहे

हैं सपने पार्लियामेंट के अंदर भी बाहर भी
जिनसे दिल्ली जाकर बातचीत करनी है वो सारे
मंत्री और अधिकारी जब चंडीगढ़ आ गए तो
आपने बात नहीं
की इसका मतलब आपका मकसद कुछ और है कि आप
दिल्ली को लाना चाहते हो अगर सरकार
किसानों की बात सही ढंग से सुन लेते तो
किसानों की आंदोलन करने की जरूरत नहीं
होती लेकिन आज ये सतरूर पार्टी ये किसानों
की बात नहीं सुनते मजदूर की बात नहीं
सुनते सिर्फ चुनिंदा कुछ पूंजीपतियों की
बात सुनने की इलावा और किसी को बात सुनने
के लिए तैयार नहीं है

तो आपने सुन लिया सियासत दानों को सियासत
दन बेशक मोदी को हराने और रोकने के लिए य
सब कर रहे हो लेकिन इससे दिल्ली वालों का

देश के लोगों को क्या परेशानी हो रही यह
देखिए
तस्वीर लंबे जाम लगे हैं दिल्ली वाले जाम
से जूझ रहे हैं गुड़गांव वाले हरियाणा

जाने वाले जाम से जूझ रहे हैं फुल स्क्रीन
लीजिए जरा यह लंबा जाम जो है यह हजारों
गाड़ियां लाइन से खड़ी हुई है लोग रोज इस
परेशानी से गुजर रहे हैं कल भी यही थ जो
तस्वीर मैंने आपको दिखाई थी ढाई ढाई तीन
तीन घंटे लग रहे हैं दिल्ली के अंदर दाखिल
होने में अगली तस्वीर दिखाऊ दूसरी दिक्कत
जो पत्थरबाजी हुई कल मैंने आपको बताया
इसमें रैपिड एक्शन फोर्स के जवान घायल हो
गए हैं इसके लिए कौन जिम्मेदार है आखिर दो
बड़ी दिक्कत राकेश शिकायत हमारे साथ
लगातार बने हुए हैं टत साहब मेरा सवाल

आपसे दोनों तस्वीर दिखाई एक तो दिल्ली के
लोग गुरुग्राम के लोग हरियाणा के लोग यूपी
के लोग ट्रैफिक जाम से जूझ रहे हैं यह देख
रहे हैं हर हर महीने दूसरे महीने चौथे
महीने यह जाम लगा हुआ है इसके लिए कौन
जिम्मेदार है वो क्यों ये परेशानी जेले
दूसरा यह जो पत्थर चला रहे हैं जिन्हें आप
किसान कह रहे हैं और जवान इससे घायल हो
रहा है जाम भी लग रहा है और लोगों को

हिंसा में घायल भी हो रहे हैं हमारे जवान
इस पर क्या कहेंगे
आप अच्छा बैरी गटिंगिया
दो वहां पे वे बैठ जाएंगे वहां पर दिल्ली
बांड के फिर बातचीत कर लियो सबको पता है
कि दिल्ली में कहां तक जाना है वह सब
जानते
हैं हरियाणा सरकार के खिलाफ तो आंदोलन है

नहीं हरियाणा सरकार छेड़खानी कर रही है यह
आपको नहीं लगता कि आंदोलन दिल्ली के खिलाफ
है और हरियाणा के गोले बाजी हरियाणा कर
रही है आप बता दो आप तो भाई पक्षपात नहीं
लेना चाहिए टीवी चैनल वालों को कोई
पक्षपात नहीं रखना चाहिए किसी का आप बता

दो कि हरियाणा के खिलाफ आंदोलन है क्या
यह लोग चंडीगढ़ जा रहे थे
क्या यह तो पाकिस्तान की गाड़ी आ जा सकती
है पाकिस्तान में अरे सुन तो लो भाई रुक
जा ना अरे रुक तो जा सड़क हाईवे नेशनल
हाईवे ना ना आप सुनो पहला बाद आप सुन लो
नेशनल हाईवे चलने के लिए आए हैं हम किसी

बिल्डिंग पर पत्थर किसान मार र हो कहीं हम
चंडीगढ़ जा रहे हो इनकी कॉल हरियाणा सरकार
के खिलाफ हो
हाईवे वह भारत सरकार की रोड है उस पर कु
चलते हुए छेड़खानी किसने करी आप जरा प्यार
से बता
दो टत साहब बहुत-बहुत शुक्रिया इस तमाम
बातचीत के लिए तो सवाल यह राकेश टिकैत को
आपने सुन लिया उनके पास अपने तर्क और
दलीले हैं लेकिन किसानों के लिए क्या वाकई
मोदी ने कुछ नहीं किया है तो मैं एक छोटा
सा डाटा आपके लिए लाया हूं अगर कुछ नहीं
किया है तो फिर यह सच है या झूठ किसानों
के लिए सम्मान निधि योजना 1920 से चल रही
है सम्मान निधि इसमें किसानों को हर साल
000 दिया जाता है 12 करोड़ से अधिक
किसानों को इसका लाभ मिल रहा है इससे
किसान आर्थिक नुकसान से अपना बचाव कर सकते
हैं और हजारों करोड़ रुपए इसमें खर्च हो
रहा है बीमा पर किसानों को 50 पर ही खर्च
करना पड़ता है जो बीमा योजना प्रधानमंत्री
कृषि सिंचाई योजना 2015 में प्रधानमंत्री
से कृषि सिंचाई योजना शुरू हुई हर खेत को
पानी के नारे के साथ यह योजना शुरू की गई
थी योजना का उद्देश्य पानी की बर्बादी को
कम करना है किसानों के लिए मोदी की योजना
किसान मानधन योजना किसानों को 60 की उम्र
के बाद हर महीने 3000 पेंशन मिलती है
सालाना ₹ 6000 की पेंशन का फायदा उठा सकते
हैं 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसान
इसका फायदा उठा रहे हैं इसके अलावा भी कई
योजनाएं किसानों के लिए चल रही हैं तो अब
सवाल यह है यह जो प्रदर्शन करने आ रहे हैं
यह सियासत दानों के जरिए प्रायोजित है या
यह असली किसान है या योजनाओं का जो लाभ ले
रहा है वह असली किसान है सुनिए किसान नेता
क्या कह रहे हैं और कृषि मंत्री अर्जुन
मुंडा क्या कह रहे
हैं य अगर एमएसपी खरीद की गारंटी का कानून
बनाना है तो उसके लिए कमेटी आवश्यक है तो
हम बताना चाहेंगे आपको कल भी बताया था
पीजीओ सीएसीपी की रिपोर्ट के अनुसार देश
के 23 फसलों के ऊपर सरकार पूरी तरह
कैलकुलेट करकर एमएसपी 23 फसलों का ऐलान
करती है तो हमने मंत्री महोदय के समक्ष यह
बात रखी कि आप बताइए आप यह अनाउंसमेंट
कैलकुलेशन से कर रहे हैं बोले हां तो हमने
बोला इसके ऊपर लीगल गारंटी कानून बना
दीजिए हमें तो सिक्योरिटी चाहिए भी जो
एमएसपी का ऐलान आपने किया वो कम रेट पर
मंडी में ना बिके तो अब वो कमेटी बना के
हमारा मसला ठंडे बस्ते में डालना चाहते
हैं किसान संगठनों को यह बात समझना बहुत
जरूरी
है
के जो कानून की बात की जा रही है वह कानून
के बारे
में इस तरीके से कोई निर्णय नहीं लिया जा
सकता है जिससे
कि बाद के दिनों
में सबके
लिए बगैर सोची समझी
स्थिति के बारे में लोग आलोचना
करें बल्कि हमें यह कोशिश करना चाहिए कि
हम इसके सारे पक्षों का ध्यान रखें और उस
पर
चर्चा और आइए बात उसकी करते हैं जितने
किसान नेता कह रहे हैं स्वामीनाथन आयोग की
रिपोर्ट लागू करो स्वामीनाथन आयोग क्या थे
यह मैं आपको बताऊ यह है स्वामीनाथन साहब
इनको भारत सरकार ने भारत रत्न का ऐलान
किया घोषणा की ने भारत रत्न से नवाजा गया
मोदी सरकार ने भारत रत्न का ऐलान किया
लेकिन स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट तैयार
हुई कांग्रेस सरकार में मनमोहन राज में तो
सवाल यह है बीजेपी पूछ रही है कि आखिर
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट कांग्रेस के
राज में जारी क्यों नहीं हुई यह राज्यसभा
में कांग्रेस का जवाब है कि स्वामीनाथन
आयोग की रिपोर्ट लागू ही नहीं हो सकती है
वो जो एमस भी गारंटी कानून की बात करती है
अब सच क्या है यूपीए के दौर का यह मैं
आपको बताने जा रहा हूं आज राहुल गांधी कह
रहे हैं कि भाई एमएसपी गारंटी कानून लागू
हो लेकिन सच देखिए क्या है कांग्रेस ने
एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने का ऐलान
किया स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू
करने का फैसला किया लेकिन बीजेपी ने
कांग्रेस के इस दावे पर सवाल उठाए 2010
में जब कांग्रेस की सरकार थी स्वामीनाथन
आयोग की सिफारिश मानने से कांग्रेस ने
इंकार कर दिया था तब बीजेपी सांसद प्रकाश
जावड़ेकर ने सरकार से सवाल पूछा था क्या
सरकार ने किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग
की सिफारिशें स्वीकार कर ली हैं तब यूपीए
सरकार में मंत्री थे केवी थॉमस उन्होंने
लिखित जवाब दिया था एमएसपी तय करते समय कई
चीजें देखनी पड़ती हैं और एमएसपी पर आयोग
की सिफारिश को स्वीकार नहीं किया गया है
सिफारिशें मानने का मतलब है बाजार को तबाह
कर देना 2004 में स्वामीनाथन आयोग का गठन
किया गया था और महान कृषि वैज्ञानिक एम एस
स्वामीनाथन इसके अध्यक्ष थे स्वामीनाथन
हरित क्रांति के जनक रहे उन्हीं के नाम पर
इस आयोग का नाम पड़ा किसानों की आर्थिक
दशा सुधारने के लिए कई सिफारिशें थी खेती
में पैदावार बढ़ाने को लेकर सुझाव दिए गए
थे इसमें सबसे अहम सुझाव एमएसपी को लेकर
था एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से
सम्मानित किया गया तो यह है कांग्रेस की
हकीकत अगर बीजेपी गलत कर रही है तो इसको
कांग्रेस भी सही कर सकती थी अगर उनके
लिहाज से गलत है सुनिए राहुल गांधी क्या
कह रहे हैं और कृषि मंत्री क्या कह
रहे मगर जिस चीज के लिए स्वामीनाथन जी ने
अपनी जिंदगी
दी हिंदुस्तान के किसानों के लिए जो
उन्होने मेहनत
की जो स्वामीनाथन जी ने
कहा उसको करने के लिए तैयार नहीं इसका
क्या मतलब
है स्वामीनाथन जी ने अपनी रिपोर्ट में साफ
कहा
है कि किसानों
को लीगल
राइट एमस एमएसपी की मिलनी
चाहिए वह बीजेपी की सरकार नहीं करर देखिए
मैं किसान संगठनों को यही कहूंगा किसी
राजनीति से प्रेरित होकर नहीं
बल्कि किसान और किसान
परिवारों की
चिंता लगातार सरकार की है और
करेगी किसान संगठनों को इस बात का ध्यान
रखते हुए कि हम लगातार इस बात को ध्यान
में रखें
के असामान्य स्थिति पैदा करके किसी का
समाधान नहीं हो सक और आइए खबरों में आगे
बढ़ते हैं आज की एक और बड़ी खबर है बड़ी
पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अबू धाबी
में मुस्लिम देश में कैसे गंगा और यमुना
बह रही है यह भी आपको दिखाऊंगा लेकिन
प्रधानमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर की
प्राण प्रतिष्ठा की और उसके बाद आज
प्रधानमंत्री पहुंचे हैं 14 फरवरी को अगली
तस्वीर दिखाइए प्रधानमंत्री अबू धाबी में
है और मुस्लिम मुल्क में यूएई एक मुस्लिम
मुल्क है वहां पहला मंदिर बनकर तैयार है
प्रधानमंत्री ने उस मंदिर का उद्घाटन किया
यह वो तस्वीर आप देख रहे हैं लेकिन कितना
भव्य मंदिर है वह तस्वीर मैं आपको दिखाने
जा रहा हूं अगली तस्वीर देखिए जरा यह है
मंदिर की भव्यता मंदिर बनकर तैयार है देख
रहे हैं मंदिर में सात शिखर आपको नजर आ
रहे हैं यह मंदिर की खूबसूरती को और चार
चांद लगाते हैं अगली तस्वीर मैं आपको
दिखाऊं इसकी खासियत यह है कि इस मंदिर को
बनाने में सभी धर्मों का योगदान है ईसाई
पारसी मुस्लिम और जैन सभी धर्मों का
योगदान है इसमें अगली तस्वीर दिखाऊं
बड़े-बड़े लोग भारत से पहुंचे सोनू निगम
पहुंचे मंदिर के उद्घाटन के लिए अगली
तस्वीर दिखाऊं शंकर महादेवन गीतकार शंकर
महादेवन पहुंचे थे अगली तस्वीर मैं आपको
दिखाने जा रहा हूं यह देखिए जरा अक्षय
कुमार बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार भी अबू
धाबी में मंदिर के उद्घाटन पर पहुंचे थे
और अब मंदिर की भव्यता देखिए जरा यह मंदिर
के अंदर की तस्वीर आप देख रहे हैं
स्वामीनारायण मंदिर है लेकिन उन लोगों के
लिए बहुत बड़ी बात है
जो लोग अबू धाबी में रहते हैं यूएई में
रहते हैं उन्होंने कल्पना नहीं की थी कि
कभी उनके देश में मंदिर होगा और वह भी
मंदिर में जाकर पूजा अर्चना कर सकेंगे
उनका एक ख्वाब पूरा हुआ सुनिए अबू धाबी
में यूएई में रहने वाले लोग क्या कह रहे
हैं यह सीरियसली डबल इंजन यहां पे यहां पर
यूएई और इंडिया एक साथ में मिलकर काम करने
वाले एक साथ में मिलकर हम दोनों साथ में
आगे जाने वाले हैं ऐसे लग रहा है जैसे
रामलला अभी अयोध्या में आए हैं वैसे हमारे
स्वामी नारायण जी यहां यूएई में आए हैं
नरेंद्र मोदी जी को बहुत-बहुत धन्यवाद
यहां के सरकार को यूएई सरकार को बहुत बड़ा
धन्यवाद हम राजस्थान से आए हुए हैं हमको
बहुत खुशी है कि अदर कंटिंग में हमारा
मंदिर बना वो राजा ने जमीन देके हमको बहुत
खुशी हुआ हम लोग को हम लोग को बहुत आनंद
आएगा बहुत आनंद आएगा और यहां के राजा साहब
जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहते हैं
को ऐसी कंट्री में मंदिर बनाकर हम लोगों
को बहुत खुश किया भारत माता की जय भारत
माता की की जय हां मैं जामनगर से आई हूं
और बापा के दर्शन हुए वही हमारी इच्छा थी
और इस्लामिक देश में हमारा मंदिर हुआ तो
हमको बहुत प्राउड है इट्स अ प्राउड ऑफ
इंडिया मोदी साहेब मोदी जी की गारंटी की
गाड़ी अभी अबू दबी तक आ चुकी है अब सऊदी
अरब मोदी की गारंटी यूएई में भी चल रही है
हां चलेगी ना चलेगी ना क्यों नहीं चलेगी
पूरे वर्ल्ड में चल रही है मोदी जी की
गारंटी हम लोग स्पेशल अबू दबी आए हैं
मंदिर मथा देखने के लिए बहरहाल ये भारत की
बात है मैं इतना ही आप अपना और अपनों का
बहुत-बहुत ख्याल रखिए रुक रहे एक छोटे से
क्विक हील ब्रेक के
[संगीत]
[संगीत]
लिए लेट मी बिगिन विद यू मैं आपके साथ
शुरुआत

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